यूक्रेन पर रूसी सैन्य हमले के बीच सोशल मीडिया पर CNN समाचार चैनल का बताकर दो स्क्रीनशॉट वायरल हैं.

पहला ट्वीट, CNN अफ़ग़ानिस्तान का बताया जा रहा है. ट्वीट में ‘बर्नी गोरेस’ नामक एक पत्रकार के बारे में लिखा है कि उन्हें काबुल में तालिबानी सैनिकों ने कथित तौर पर अगस्त 2021 में मार डाला था. दूसरे ट्वीट में भी ‘बर्नी गोरेस’ के बारे में ये कहा गया है कि वो एक ‘कार्यकर्ता’ थे और रूस-यूक्रेन के जंग में मारे जाने वाले पहले व्यक्ति थे. दावा है कि ये ट्वीट CNN यूक्रेन ने किया है.

ट्विटर यूज़र @ExSecular ने अंतरराष्ट्रीय समाचार संगठन का मज़ाक उड़ाते हुए ये स्क्रीनग्रैब ट्वीट किया.

कई और लोगों ने ये कथित स्क्रीनशॉट्स शेयर किये हैं.

ट्विटर पर इन्हें जर्मन कैप्शन के साथ भी शेयर किया गया है.

ये तस्वीरें फ़ेसबुक पर भी वायरल हैं.

फ़ैक्ट-चेक 

ऑल्ट न्यूज़ ने ट्विटर अकाउंट @CNNafghan और @CNNUKR चेक किये. मालूम चला कि दोनों अकाउंट सस्पेंड कर दिए गए हैं. ध्यान दें कि असली CNN न्यूज़ हैंडल्स के रूप में दिखाए जाने वाले ये दोनों अकाउंट्स में वेरिफ़िकेशन दिया जाने वाला ब्लू टिक नहीं था.

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हमने देखा कि इनमें से एक फर्ज़ी ट्वीट को पिछले साल पॉलिटिफ़ैक्ट ने खारिज़ किया था.

स्नूप्स ने भी अपने एक फ़ैक्ट-चेक में इस दावे को खारिज़ करते हुए उस व्यक्ति की पहचान की जो वायरल ट्वीट्स में दिख रहा है. ये व्यक्ति यूट्यूब पर्सनालिटी जोर्डी जॉर्डन है.

रॉयटर्स ने 2021 में इन्हीं ट्वीट्स को लेकर CNN से संपर्क किया था. CNN में रणनीतिक कम्युनिकेशन के प्रमुख मैट डोर्निक ने ईमेल में रॉयटर्स को बताया कि “ये एक फ़र्ज़ी पोस्ट है जिसके ज़रिये मनगढ़ंत कहानी बनायीं जा रही है.”

इस तरह, रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच सोशल मीडिया पर CNN के बताकर दो फर्ज़ी ट्वीट्स वायरल हुए. ये ट्वीट इंटरनेट पर फ़ैलाये जाने वाले उन अफ़वाहों का हिस्सा हैं जिन्हें हमेशा कोई बड़ी घटना होने पर शेयर किया जाता है.

ग़लत
दावा:
'बर्नी गोरेस' नाम के एक व्यक्ति की हत्या के बारे में CNN ने अलग अलग दावे किये

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