उत्तराखंड के उत्तरकाशी में एक मस्जिद को हटाने की मांग को लेकर हिन्दू संगठन प्रदर्शन कर रहे थे. इसी दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ झड़प हो गई जिसके बाद पत्थरबाज़ी के वीडियो भी सामने आए. इसी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है जिसमें एक व्यक्ति कह रहा है कि मुस्लिम लोग पत्थर फेंक रहे हैं. इस वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि उत्तरकाशी में मुसलमानों ने पुलिस और स्थानीय लोगों पर पत्थर बरसाए.

आरएसएस की मुखपत्रिका पंचजन्य ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि उत्तरकाशी में कट्टरपंथी मुस्लिम ऊपर खड़े होकर स्थानीय लोगों और पुलिस पर पत्थर बरसा रहे हैं. (आर्काइव लिंक)

अक्सर ग़लत जानकारी फैलाते हुए पाए जाने वाले भाजपा समर्थक रौशन सिन्हा ने वीडियो ट्वीट करते हुए ऐसा ही दावा किया था. बाद में सिन्हा ने ये ट्वीट डिलीट कर दिया. (आर्काइव लिंक)

इसी प्रकार दीपक शर्मा, अजय चौहान, मेघ अपडेट्स, इत्यादि जैसे राइट-विंग अकाउंट्स ने भी वीडियो शेयर करते हुए ऐसा ही दावा किया.

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फ़ैक्ट-चेक

हमने इस ख़बर से जुड़े की-वर्ड्स को गूगल पर सर्च किया. हमें कई ऐसी रिपोर्ट्स मिलीं जिसमें हिन्दू संगठन के प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस पर पत्थरबाज़ी करने की बात का जिक्र है. दैनिक भास्कर और हिंदुस्तान की रिपोर्ट्स के मुताबिक, उत्तरकाशी में हिन्दू संगठन से जुड़े लोग एक मस्जिद को हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. इसी दौरान वे मस्जिद की ओर आगे बढ़ने लगे. हालात ना बिगड़ने के मद्देनज़र मस्जिद से से कुछ दूर पहले प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रैली को रोक दिया था. हिन्दू संगठन के लोग बैरिकेडिंग के पास धरने पर बैठ गए और हनुमान चालीसा का पाठ करने लगे. इसके बाद जब वे जबरदस्ती बैरिकेडिंग हटाने लगे तो प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ हाथापाई हो गई और उपद्रवी तत्वों ने पुलिस पर पथराव कर दिया.

अधिकारियों ने बताया कि हालात इस कदर बिगड़ गए कि भीड़ को संभालने के लिए उन्हें पहले आँसू गैस के गोले दागने पड़े और बाद में लाठीचार्ज भी करना पड़ा. लाठीचार्ज और नोकझोंक में पुलिसकर्मी समेत करीब 27 लोग घायल हो गए. उत्तरकाशी के एसपी अमित श्रीवास्तव ने कहा कि पुलिस ने पथराव की घटना को गंभीरता से लिया है और आरोपियों को पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. भीड़ में शामिल कुछ प्रदर्शनकारियों ने मुस्लिम समुदाय की बंद पड़ी दुकानों में भी तोड़फोड़ किया.

उत्तरकाशी पुलिस अधीक्षक अमित श्रीवास्तव ने एक मीडिया बाइट जारी करते हुए कहा कि उत्तरकाशी में संयुक्त सनातन धर्म रक्षक संघ द्वारा रैली का आयोजन किया गया था. इस रैली में उन्हें सशक्त परमीशन दी गई थी जिसमें उनका रूट निर्धारित था. वे उस रूट से ना जाकर दूसरे रूट से जाने के लिए बैरियर पर हुज्जत करते रहे. पुलिस ने उन्हें धैर्यतापूर्वक रोका, उसी प्रदर्शनकारियों में से कुछ लोगों ने पत्थरबाज़ी शुरू कर दी जिसके बाद पुलिस को हल्का बल प्रयोग करके उन्हें तितर-बितर करना पड़ा. इसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिनमें से 2 को गंभीर चोटें आईं. इसके अतिरिक्त कुछ प्रदर्शनकारियों को भी चोटें आयीं हैं. इसके बाद से पूरे उत्तरकाशी में BNS की धारा 163 लागू कर दी गई. फिलहाल शांति व्यवस्था बनी हुई है.

एक अन्य ट्वीट में उत्तरकाशी पुलिस ने कहा कि हिंदू संगठन द्वारा निकाली गई जनआक्रोश रैली के दौरान भीड़ ने बैरिकेटिंग्स को तोड़ते हुए पथराव किया. इसमें 7 पुलिसकर्मी घायल हुए. 2 गंभीर रूप से घायल पुलिस के जवान को एम्बुलेंस से हायर सेंटर देहरादून रैफर किया गया.

एक और ट्वीट में पुलिस ने वायरल वीडियो के साथ चलाए जा रहे दावे का खंडन किया और कहा कि उत्तरकाशी में जनआक्रोश रैली के दौरान विशेष समुदाय के लोगों द्वारा पथराव करने का दावा भ्रामक है. पुलिस ने स्पष्ट किया कि हिंदू संगठन द्वारा निकाली गई रैली में निर्धारित रूट का प्रयोग न करने पर पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेटिंग्स पर उन्हें रोकने की कोशिश की गई, जिससे आक्रोशित होकर प्रदर्शनकरियों ने पथराव किया और बोतलें फेंकी. और बाद प्रदर्शनकारियों में शामिल कुछ लोगों ने किनारे से अंबेडकर भवन के पीछे और ऊपर पथराव किया.

कुल मिलाकर, आरएसएस की मुखपत्रिका समेत कई राइट विंग इन्फ्लूएंसर्स ने उत्तरकाशी में हिन्दू संगठन के प्रदर्शन के दौरान हुई पत्थरबाजी का आरोप मुसलमानों पर लगाया. पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल दावे का खंडन करते हुए कहा कि पत्थरबाज़ी हिन्दू संगठन के प्रदर्शन में शामिल लोगों द्वारा की गई है.

ग़लत
दावा:
उत्तरकाशी में मुसलमानों ने हिन्दुओं के पवित्र तीर्थस्थल पर पत्थरबाज़ी की

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