सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है जिसमें कुछ लोग एक फ़ूड प्रोसेसिंग फ़ैक्ट्री में काम करते दिख रहे हैं. वीडियो में लोग काम के वक़्त मस्ती करते हुए अनाज जैसी दिखने वाली चीज़ में बोतल से कुछ डालते हुए दिख रहे हैं.

इसे शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि ये ‘चावल जिहाद’ है. दावा है कि मुस्लिम समुदाय के लोग चावल में कोई रसायन मिला हैं जिससे हिन्दू आबादी कम हो जाएगी. वीडियो के साथ मुस्लिम समुदाय या उनसे जुड़े संगठन से चीज़े न खरीदने की अपील की जा रही है.

अब चावल जेहाद, 🐷🐷 हिन्दुओ कहा कहा से अपने परिवार और बच्चों को बचाओगे, मुसलमानों ने कमर कस ली है कि हिन्दुओ को यानी काफिरों को खत्म करना ही है,ऐसे चावल को मत खरीदो ऊपर दिये गये वीडियो से स्पष्ट है कि मुसलमान चावल में रसायन डालकर हिंदू आबादी में कमी लाने की कोशिश कर रहे हैं.न केवल चावल में वे इस खतरनाक रसायन को जोड़ रहे हैं ताकि हिन्दुओ को बीमार कर सकें।इसलिए मुस्लिम और मुस्लिम प्रतिष्ठानों से कोई भी वस्तु खरीदना नहीं है। महिलाओं ओर बच्चों में यह रसायन और जल्दी विकार उतपन करता है इससे कैंसर,हार्ट ट्रबल, स्कीन में खुजली, आंखों की रोशनी कम होना, ओर डायबिटीज हो जाता है।सावधान रहना, हिन्दू दुकानदार से ही खरीदारी करो

Posted by Baljit Singh on Thursday, 4 November 2021

ऑल्ट न्यूज़ के व्हाट्सऐप हेल्पलाइन नंबर (+91 76000 11160) पर इस दावे की असलियत जानने के लिए कई रिक्वेस्ट आयी हैं.

वीडियो वेरिफ़िकेशन

वीडियो देखने से ये साफ हो जाता है कि ये लोग किसी भी भारतीय भाषा में बात नहीं कर रहे हैं. वीडियो में 16 सेकंड पर एक व्यक्ति को एक बोरी ले जाते हुए देखा जा सकता है. उस बोरी पर ‘कैसेरिटा’ लिखा है.

फ़ेसबुक पर की-वर्ड्स सर्च करने पर ऑल्ट न्यूज़ को इस चावल के ब्रांड वाले पोस्ट्स मिले. इन पोस्ट को पेरू के कई यूज़र्स ने शेयर किया था. नीचे दिए गए कोलाज में वायरल वीडियो से ली गई तस्वीर और पेरू स्थित फ़ेसबुक अकाउंट डिस्ट्रीब्यूसियोन डी अरोज़ (स्पेनिश में “चावल वितरण”) के एक पोस्ट को एक साथ रखा गया है. दोनों में कई समानताएं दिखती हैं.

इसके अलावा, वायरल वीडियो तकरीबन 2018 का है. यूट्यूब चैनल El Búho ने 2018 में ये वीडियो पोस्ट किया था. इसके कैप्शन में लिखा है, “सोशल नेटवर्किंग साइटों पर यूज़र्स के कमेंट के अनुसार, राजधानी लीमा (पेरू)…के कुछ बाज़ारों में “ला कैसरिटा” ब्रांड के गोदाम में सफेद चावल रंगे जाते हैं.”

ऑल्ट न्यूज़ इस बात की पुष्टि नहीं कर सकता कि वीडियो में दिख रहे लोग किस धर्म से ताल्लुक रखते हैं. लेकिन पेरू सरकार के आंकड़ों के अनुसार, देश में धर्म के आधार पर जनसंख्या इस प्रकार है – रोमन कैथोलिक: 89.03%, इंजील: 6.73%, अन्य धर्म: 2.56%, कोई भी धर्म: 1.65%.

कुल मिलाकर, पेरू के चावल ब्रांड “ग्रैन कैसर्टिया” के गोदाम का एक वीडियो भारत में सांप्रदायिक ऐंगल देकर शेयर किया गया. जबकि ये वीडियो करीब 2018 का है.

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About the Author

He joined as an intern in 2019. Until June 2022, his work primarily focused on fact-checking. Now his primary responsibilities include catalysing all aspects of organisational growth — from fundraising to development of new projects at Alt News. He attended the Asian College of Journalism (2015-16) and The Maharaja Sayajirao University of Baroda (2012-2015). In past, he worked at The Hindu and Zee Media's WION.
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