कई लोगों ने एक वीडियो शेयर किया है जिसमें एक व्यक्ति को मिनी केक का एक पैकेट “लुप्पो” खोलते हुए देखा जा सकता है. वीडियो में दिख रहा है कि आदमी केक के अंदर से सफ़ेद गोलियां निकालता है. ये वीडियो शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि मुसलमान हिन्दुओं के बच्चों के खाने-पीने में नपुंसक करने की गोलियां देकर बहुसंख्यक हिंदू आबादी को निशाना बना रहे हैं.

ट्विटर यूज़र @Sourabh3507 ने इस वीडियो को शेयर किया है.

कई फ़ेसबुक यूज़र ने भी वीडियो को शेयर किया.

इसके अलावा, ऑल्ट न्यूज़ के व्हाट्सऐप नंबर (+91 76000 11160) और आधिकारिक मोबाइल एप्लिकेशन पर इस दावे की सच्चाई जानने के लिए कई रिक्वेस्ट मिली. (ios और एंड्रॉइड)

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वीडियो वेरिफ़िकेशन

लुप्पो केक तुर्की की कंपनी Sölen का एक प्रोडक्ट है. कंपनी की वेबसाइट के अनुसार, एशियाई बाज़ार के लिए इसके प्रोडक्ट 90 से ज़्यादा देशों में उपलब्ध हैं.

लुप्पो केक तुर्की और एशियाई दोनों वेबसाइटों की लिस्ट में हैं लेकिन वायरल वीडियो में जो पैकेज दिख रहा है वो सिर्फ तुर्की की वेबसाइट की लिस्ट में है. इसमें चार अन्य पैकेज शामिल हैं. इनमें से दो एशियाई वेबसाइट की लिस्ट में है. गौरतलब है कि तुर्की की वेबसाइट पर भी प्रोडक्ट को रीब्रांड किया गया है.

यूट्यूब पर कीवर्ड सर्च करने से पता चलता है कि वीडियो करीब तीन साल पुराना है.

ये वीडियो 2019 में काफी शेयर किया गया था. उस वक़्त इटली (OPEN), अमेरिका (स्नोप्स) और फ्रांस (France24) में फ़ैक्ट चेक करने वाली संगठनों ने इस वीडियो की पड़ताल की थीं. उस समय इसके साथ किया गया था कि केक के अंदर की “लकवा की गोलियां” हैं. OPEN को तुर्की की अन्य रिपोर्ट्स मिली जिसमें लुप्पो केक के बारे में यही दावा किया गया था. मिनिस्ट्री ऑफ़ हेल्थ कुर्दिस्तान नाम के फ़ेसबुक पेज ने लुप्पो प्रोडक्ट्स का निरीक्षण करने वाले दो अधिकारियों की एक तस्वीर भी शेयर की थी.

सोलेन के प्रवक्ता ने स्नोप्स को जवाब में विस्तार से एक ईमेल भेजा. मेल में इस दावे को भ्रामक, बिना किसी आधार के और ग़लत बताया. साथ ही ये भी बताया कि कंपनी इसके लिए ज़िम्मेदार लोगों के खिलाफ़ कानूनी कार्रवाई करने की मांग कर रही है. सोलेन ने स्नोप्स को कई डॉक्यूमेंट्स भेजे. इनमें उन प्लांट्स के सुरक्षा प्रमाणपत्र थे, जहां लुप्पो कोकोनट क्रीम बार सहित सोलेन प्रोडक्ट्स बनाए जाते हैं. ये निरीक्षण स्विस कंपनी SGS (1, 2, 3, 4, 5 और 6) द्वारा किए गए थे. स्नोप्स ने बताया, “तुर्की के स्नैक्स निर्माता द्वारा केक में किसी तरह की वस्तु डालने का कोई सबूत मौजूद नहीं है, न ही किसी तरह का “टैबलेट” मिलाने का सबूत है जिससे पैरालिसिस हो.”

कुल मिलाकर, 2019 का वीडियो भारत में एंटी-मुस्लिम ऐंगल देकर फिर से शेयर किया गया. जबकि अंतरराष्ट्रीय फ़ैक्ट-चेकर्स ने इसे पहले भी ख़ारिज किया था. वीडियो में तुर्की की कंपनी सोलेन द्वारा बनाए गए केक में कथित तौर पर कुछ गोलियां दिख रही है. हालांकि, कंपनी का दावा है कि ये ब्रांड को बदनाम करने के लिए किया गया एक अभियान था.

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About the Author

Archit is a fact-checking journalist at Alt News since November 2019. Previously, he has worked as a producer at a TV news channel and as a reporter at a leading English-language daily. In addition to work experience in media, he has also worked as a fundraising and communication manager at an NGO.