नितिन शुक्ला नाम से चल रहे ट्विटर अकाउंट ने एक वीडियो ट्वीट किया. इसे 16 हज़ार से ज़्यादा बार देखा जा चुका है. इस वीडियो में एक शख्स एक बूढ़े आदमी को पीटता हुआ दिख रहा है. पपिटने वाले बुज़ुर्ग के शरीर पर कपड़े नहीं हैं. उसके शरीर पर लगे दिख रहे पाउडरनुमा चीज़ से ऐसा लगटा है कि वो नागा साधु है जो अपनी देह पर भभूत लगाए रहते हैं. नितिन शुक्ला ने अपने ट्वीट में लिखा है कि नागा साधु की लिंचिंग हो रही है और उसे पीटने वाली भीड़ मुस्लिम है. नितिन ने ये भी बताया कि मामला देहरादून का है. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

हरी शंकर तिवारी ने उत्तराखंड का वीडियो बताकर इसे शेयर किया है.

सितम्बर 2018 में भी इस वीडियो को लेकर ऐसे ही दावे हुए थे. एक नज़र उनपर भी.

एक ट्विटर हैंडल ईमाम ऑफ़ पीस (@Imamofpeace) ने 2 सितंबर 2018 को ट्वीट किया, भारत में इस्लामी चरमपंथी एक गरीब और बुजुर्ग भिखारी को मार रहे हैं. मैं सचमुच चाहता हूं कि इस इस्लामिस्ट अपराधी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाए. @narendramodi बाद में बिना किसी स्पष्टीकरण @Imamofpeace ने इस ट्वीट को हटा दिया था. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

बॉलीवुड अभिनेत्री कोइना मित्रा भी उन लोगों में से थीं, जिन्होंने वीडियो को रीट्वीट किया था. बल्कि, उन्होंने अलग से यह भी दावा किया की कि जिस व्यक्ति को पीटा गया था वह नागा साधु था. उन्होंने भी बिना किसी स्पष्टीकरण के ट्वीट को डिलीट कर दिया था. (आर्काइव).

यह वीडियो आनंद श्रीवास्तव ने 2 सितंबर को सुबह 5:25 बजे प्रसारित किया था. श्रीवास्तव भारत हेराल्ड नामक वेबसाइट का संस्थापक है जो नियमित भाजपा-समर्थक पोस्ट करता है. उसके ट्वीट को लेखक राजीव मल्होत्रा ​​और शेफाली वैद्य ने रीट्वीट किया था. बाद में आनंद श्रीवास्तव ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया है.

anant shirivastav

सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करने वाले कई और भी लोग थे.

न नागा साधु, न मुस्लिम युवक द्वारा पिटाई

सितम्बर 2018 में ऑल्ट न्यूज़ ने पटेल नगर, देहरादून के थाना प्रभारी से संपर्क किया, जिन्होंने हमें बताया था कि यह घटना सोशल मीडिया पर झूठे दावे के साथ प्रसारित की जा रही है. उन्होंने कहा, जिस आदमी को पीटा गया वह नागा साधु नहीं, एक भिखारी है. वह विवाहित है और उसके छह बच्चे हैं. वह भोजन मांगने एक घर गया था. वहां एक महिला ने उसे चाय और बिस्किट दिया और उस भिखारी ने उसी महिला के साथ छेड़छाड़ की.

थाना प्रभारी ने आगे बताया कि उसे महिला के भाई ने पीटा था. ये परिवार हिन्दू था. भिखारी के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई थी. मालूम पड़ा कि भिखारी नशे में था. पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया था.

देहरादून पुलिस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल ने भी इस बारे में बयान दिया था कि सोशल मीडिया पर चल रहे दावे निराधार हैं : वह व्यक्ति बहरूपिया है जिसके खिलाफ नशे में रहते हुए एक महिला से छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज की गई है.

पुलिस ने भ्रामक आरोपों पर सफ़ाई देते हुए एक और ट्वीट किया और बताया कि जिस व्यक्ति को पीटा गया था वह भक्तों के सामने भिखारी बन जाता था. सुशील नाथ को नशे की लत है जो पहले भी ऐसे मामलों में शामिल रहा है. 24.08.2018 को, उसने एक घर में प्रवेश किया और एक महिला से छेड़छाड़ की, जिसके बाद उसे महिला के भाई शुभम और अन्य स्थानीय लोगों ने पीटा.

मुस्लिम समुदाय के सदस्यों के खिलाफ प्रचार करने के लिए कुछ लोगों द्वारा झूठी कहानी बनायी गयी. 2018 में इसे सांप्रदायिक दावों के साथ शेयर किया गया और एक बार फिर 2020 में इस वीडियो को ऐसे ही दावों के साथ दोबारा शेयर होता देखा जा रहा है.

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About the Author

Pooja Chaudhuri is a researcher and trainer at Bellingcat with a focus on human rights and conflict. She has a Master's in Data Journalism from Columbia University and previously worked at Alt News.