सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी शेयर किया जा रहा है. वीडियो में सैकड़ों लोग जुलूस निकाल रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि केरल में मुस्लिम समुदाय की एक निजी आर्मी ने जुलूस निकाला. साथ ही ये भी लिखा है कि हिन्दू बहुल देश में ऐसा हो रहा है.

ट्विटर पर ये वीडियो इसी दावे के साथ शेयर किया जा रहा है.

कई यूज़र्स ने फ़ेसबुक पर भी ये वीडियो इसी दावे के साथ पोस्ट किया.

फ़ैक्ट-चेक

17 फ़रवरी, 2022 को यही वीडियो SDPI के जुलूस का बताकर शेयर किया गया था. SDPI एक पॉलिटिकल पार्टी है जो पोपुलर फ़्रन्ट ऑफ़ इंडिया (PFI) से जुड़ी हुई है.

आगे, ऑल्ट न्यूज़ ने यूट्यूब पर की-वर्ड्स सर्च किया. ये वीडियो 17 फ़रवरी 2020 को अपलोड किया गया था. कैप्शन के मुताबिक, केरल के एर्नाकुलम में PFI ने जुलूस निकाला था.

PFI केरला ने भी इस जुलूस का एक वीडियो अपलोड किया था.

यूट्यूब वीडियो में दिख रहा पोस्टर वायरल वीडियो में दिख रहे पोस्टर से मेल खाता है. पोस्टर पर मलयालम में ‘पॉपुलर फ़्रन्ट ऑफ़ इंडिया’ ‘एकता मार्च’ लिखा है.

मलयालम मीडिया आउट्लेट Madhyamam ने 18 फ़रवरी 2020 को इस जुलूस के बारे में ख़बर दी थी.

PFI का गठन 17 फ़रवरी 2007 को किया गया था. इस वजह से हर साल 17 फ़रवरी को PFI दिवस मनाने के लिए जुलूस का आयोजन किया जाता है.

यानी, 2020 में केरला में आयोजित PFI के जुलूस का वीडियो सोशल मीडिया पर मुसलमानों की निजी आर्मी की रैली का बताकर शेयर किया गया.

ग़लत
दावा:
केरल में मुस्लिमों की निजी आर्मी ने जुलूस निकाला.

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