फ़्रांस में ट्रैफिक चेकिंग के दौरान पुलिस ने किशोर नाहेल एम की गोली मारकर हत्या कर दी. इसको लेकर फ्रांस में हिंसक विरोध प्रदर्शन चल रहा है. इसके कारण बीते कई दिनों से दंगे जैसा माहौल बना हुआ है. इसी घटना से जोड़कर एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है जिसमें कुछ लोग एक स्मारक पर चढ़े हुए हैं और अल्जीरिया का झंडा लहरा रहे हैं. इसे शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो पेरिस के रिपब्लिक स्क्वेर का है जहां मुस्लिम शरणार्थी चढ़े हुए हैं और फ्रांस ने सरेंडर कर दिया है.

मेजर सुरेन्द्र पुनिया ने ये वीडियो ट्वीट करते हुए ऐसा ही दावा किया कि शरणार्थियों ने फ्रेंच समाज को कुचल दिया है और फ्रांस ने सरेंडर कर दिया. साथ में उन्होंने ये भी लिखा कि अगर हिंदुस्तानी एक नहीं हुए तो यहां भी ऐसा ही होगा. (आर्काइव लिंक)

सुदर्शन न्यूज़ से जुड़े सागर कुमार ने भी ये वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा कि देखिए फ़्रांस में “विशेष समुदाय” के लोगों ने क्या कर दिया है. साथ में लिखा कि हिंदूस्थान के हिंदू संभल जाओ और एक हो जाओ वरना कल को यहां भी ऐसे ही कोई क़ब्ज़ा कर लेगा. (आर्काइव लिंक)

RSS से जुड़ी शीतल चोपड़ा ने वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा कि जिहांदियों ने पेरिस के रिपब्लिक स्क्वायर को कैप्चर कर लिया है. वो फ्रांस में अपने शासन का दावा कर रहे हैं. और लिखा कि भारत याद रखें, ऐसा तब होता है जब आप राष्ट्र विरोधी पार्टी चुनते हैं. (आर्काइव लिंक)

इसी प्रकार उत्तर प्रदेश भाजपा यूथ विंग के सोशल मीडिया हेड ऋचा राजपूत समेत कई यूजर्स ने वीडियो ट्वीट करते हुए ऐसा ही दावा किया.

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फ़ैक्ट-चेक 

वीडियो के फ़्रेम को की-वर्ड्स के साथ गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च किया तो ऑल्ट न्यूज़ को ये वीडियो 10 मार्च 2019 को फ्रेंच इंटरनेशनल न्यूज़ एजेंसी AFP के यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया हुआ मिला. इस वीडियो में प्रदर्शनकारियों द्वारा पकड़ा गया अल्जीरिया का झंडा वायरल वीडियो से मेल खाता है. वीडियो के डिस्क्रिप्शन में लिखा है कि अल्जीरियाई झंडे लहराते प्रदर्शनकारियों ने अल्जीरियाई राष्ट्रपति अब्देलअज़ीज़ बुउटफ्लिका के पांचवें कार्यकाल के विरोध में पेरिस के प्लेस डे ला रिपब्लिक पर कब्ज़ा कर लिया.

हमें स्टॉक इमेज वेबसाइट Alamy पर भी इससे जुड़ी तस्वीर मिली. इसमें भी देखा जा सकता है कि लोगों ने अल्जीरिया का झंडा हाथ में पकड़ा हुआ हैं और स्मारक पर चढ़े हुए हैं. तस्वीर की तारीख 3 मार्च 2019 की है और डिसक्रिप्शन में लिखा है कि ये 3 मार्च, 2019 को फ्रांस के पेरिस में प्लेस डे ला रिपब्लिक में निकाली गई रैली की है. ये रैली अल्जीरियाई राष्ट्रपति के पांचवें कार्यकाल के लिए खड़े होने के फैसले के खिलाफ निकाली गई थी. कैप्शन के मुताबिक, 10 फरवरी को इस बात की पुष्टि हुई कि अल्जीरिया के राष्ट्रपति अब्देलअज़ीज़ बुउटफ्लिका पांचवें कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ेंगे जिससे उत्तरी अफ्रीकी देश में कई विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए.

10 मार्च 2019 को फ्रांस 24 की पत्रकार सेलिना ने भी इस विरोध प्रदर्शन से जुड़ा एक वीडियो ट्वीट किया था. और लिखा था कि फ्रांस में रहने वाले फ्रांसीसी-अल्जीरियाई और अल्जीरियाई लोग पांचवें कार्यकाल के लिए बुउटफ्लिका के नॉमिनेशन का विरोध कर रहे हैं. पेरिस में प्लेस डे ला रिपब्लिक अल्जीरियाई झंडों और स्वतंत्र और लोकतांत्रिक अल्जीरिया का आह्वान करने वाले बैनरों से भरा हुआ है.

कुल मिलाकर, कई सोशल मीडिया यूजर्स ने 2019 में अल्जीरिया के राष्ट्रपति अब्देलअज़ीज़ बुउटफ्लिका पांचवें कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ने के फैसले का विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों का वीडियो हाल में फ़्रांस में नाहेल एम की गोली मारकर हत्या को लेकर जारी हिंसक विरोध प्रदर्शन से जोड़कर शेयर किया.

ग़लत
दावा:
वीडियो पैरिस के रिपब्लिक स्क्वेर की है जहां मुस्लिम शरणार्थी चढ़े हुए हैं और फ्रांस ने सरेंडर कर दिया है.

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