बिहार में सियासी तूफान के बादल छाए हुए हैं. ताज़ा अपडेट के मुताबिक, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस्तीफ़ा देकर विपक्षी पार्टी RJD के साथ सरकार बनाने जा रहे हैं. इस बीच, प्रमुख मीडिया चैनल ABP न्यूज़ ने ब्रॉडकास्ट में एक पोस्टर चलाया. इस पोस्टर में नीतीश कुमार हैं और साथ में लिखा है, “नीतीश सबके हैं.” प्रसारण के दौरान, एंकर साफ तौर पर बता रही हैं कि जेडीयू की ओर से बिहार में नए पोस्टर लगाए गए हैं.

ABP न्यूज़ ने 9 अगस्त को प्रसारण का ये वीडियो ट्वीट भी किया. साथ में लिखा कि पटना में सड़कों पर नीतीश के ये नए पोस्टर लगाए गए. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

रिपब्लिक भारत ने भी प्रसारण के दौरान ये पोस्टर दिखाते हुए दावा किया कि इसे हाल में लगाया है.

ANI ने भी ट्वीट करते हुए लिखा कि पटना में JD(U) कार्यालय के बाहर हाल में ये पोस्टर लगाया गया है. (ट्वीट का आर्काइव वर्ज़न)

NDTV ने भी ये पोस्टर हाल का बताते हुए ट्वीट किया है. (आर्काइव लिंक)

हिंदुस्तान टाइम्स, मनीकंट्रोल जैसे मीडिया ऑर्गेनाइज़ेशन्स ने भी ये पोस्टर आर्टिकल में शेयर किया.

और भी कई यूज़र्स ने बिहार में चल रही सियासी घमासान के बारे में बताते हुए ये पोस्टर ट्वीट किया जैसे न्यूज़ 24, द टाइम्स ऑफ इंडिया, पत्रकार ओसामा ज़कारिया, आज तक से जुड़े हुए पत्रकार अनील कुमार, ज़ी हिंदुस्तान के एंकर सऊद मोहम्मद खालिद. हालांकि इन ट्वीट्स में इस पोस्टर को लेकर कोई दावा नहीं किया गया है.

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फ़ैक्ट-चेक

आसान से रिवर्स इमेज सर्च से ऑल्ट न्यूज़ को ये तस्वीर बीबीसी मराठी के आर्टिकल में मिली. 10 नवंबर 2020 की इस रिपोर्ट में ये तस्वीर शेयर की गई थी. आर्टिकल में बताया गया है कि बिहार में विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र नीतीश कुमार के ऐसे पोस्टर लगाए गए थे. इसके बाद अमित शाह ने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया था. गौर करें कि साल 2020 में बिहार में विधानसभा चुनाव हुए थे जिसमें भाजपा और जेडीयू ने गठबंधन की सरकार बनाई थी.

आगे, सर्च करते हुए हमें ABP बिहार की 2 अक्टूबर 2020 की वीडियो रिपोर्ट मिली. इस ग्राउन्ड रिपोर्ट में रिपोर्टर बताती है कि JDU कार्यालय के बाहर ये पोस्टर लगाया गया था.

आज तक की ऐंकर चित्रा त्रिपाठी ने 6 अक्टूबर 2020 को ये पोस्टर ट्वीट किया था. इस पोस्टर में 2 लोग दिख रहे हैं. ये दोनों आदमी ABP न्यूज़, रिपब्लिक भारत की रिपोर्ट में चलाए गए पोस्टर में भी दिखते हैं. इसके अलावा, दोनों ही पोस्टर में सिलवटें भी एक जैसी हैं.

यानी, अगर ABP न्यूज़ अपनी ही रिजनल चैनल ABP बिहार की रिपोर्ट चेक कर लेता तो उन्हें आसानी से मालूम हो जाता है कि ये पोस्टर हाल में नहीं बल्कि साल 2020 में लगाया गया था. साथ ही कई ANI, NDTV सहित दूसरे मीडिया संगठनों ने भी इसे हाल में लगा पोस्टर बताकर चलाया.

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