पिछले कई दिनों से दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी और अन्य छात्र संगठनों का एक बड़ा प्रदर्शन चल रहा है, जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही है. 20 जुलाई को इस आंदोलन से जुड़े नेतृत्व ने संसद मार्च का आह्वान किया था, जिसमें हज़ारों की संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया, इस बीच कई जगहों से पुलिसिया कार्रवाई के वीडियो भी सामने आए.
इसी बीच सोशल मीडिया पर इस प्रदर्शन से जुड़े कई वीडियो और दावे वायरल हो रहे हैं, जिनमें से कुछ भ्रामक साबित हुए हैं. ऐसा ही एक 5 सेकंड का वीडियो क्लिप तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति नारा लगाता है “नारा-ए-तकबीर” और भीड़ जवाब में “अल्लाह हू अकबर” बोलती है. इस क्लिप को शेयर करते हुए भाजपा के कई नेताओं और समर्थकों ने दावा किया कि जंतर मंतर पर हो रहे कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में इस्लामी नारे लगाए जा रहे हैं, जिससे यह संकेत देने की कोशिश की जा रही है कि यह आंदोलन सांप्रदायिक रंग ले चुका है.
भाजपा नेता तजिंदर बग्गा ने 5 सेकंड की क्लिप शेयर करते हुए कहा कि CJP टेररिस्ट ने जंतर-मंतर पर इस्लामिक नारे लगाए. (आर्काइव लिंक)

राइट-विंग प्रोपेगैंडा वेबसाइट ऑपइंडिया की एडिटर, नूपुर शर्मा ने वीडियो शेयर करते हुए कहा कि CJP प्रोटेस्ट, जंतर-मंतर पर नारा-ए-तकबीर, अल्लाहु अकबर के नारे लगाए गए. मुझे बताओ कि यह खूनी स्टूडेंट्स का प्रोटेस्ट कैसे है और शाहीन बाग 2.0 कैसे नहीं है? (आर्काइव लिंक)
Naara-e-Taqbeer, Allahu Akbar slogans raised at CJP protest, Jantar Mantar.
Tell me how this is a bloody students’ protest. Tell me how this is not Shaheen Bagh 2.0. pic.twitter.com/kKmhEexCyD
— Nupur J Sharma (@UnSubtleDesi) July 23, 2026
भाजपा समर्थक रौशन सिन्हा ने कॉकरोच प्रोटेस्ट साइट से “इस्लामिक नारा-ए-तकबीर” के नारे लगाते हुए वीडियो शेयर किया. जैसा कि मैंने पहले कहा, आपको लगता है कि आप “स्टूडेंट्स” को सपोर्ट कर रहे हैं, लेकिन असल में आप ग़ज़वा-ए-हिंद के योद्धाओं को मज़बूत कर रहे हैं. (आर्काइव लिंक)

फ़ैक्ट-चेक
हमने इस वीडियो से जुड़े की-वर्ड्स सर्च किये. हमें इसका एक लंबा वर्जन मिला. 22 जुलाई को यूट्यूबर सूफियान नाम के एक इंस्टाग्राम यूज़र ने इसे अपलोड किया है. इस लंबे वीडियो में एक व्यक्ति बोलते हुए दिखता है, “कौन कहता है कि हम मुसलमान भारत माता की जय, जय श्री राम नहीं बोलते, हम बोलते हैं, हम एक हैं, जय श्री राम, भारत माता की जय, नारा-ए-तकबीर“, इसके बाद भीड़ जवाब में “अल्लाह हू अकबर” बोलती है.
View this post on Instagram
यानी, वायरल क्लिप में जिस हिस्से को दिखाया गया, वह असल भाषण का एक छोटा और जानबूझकर काटा गया टुकड़ा है. पूरे वीडियो में साफ है कि व्यक्ति यह कहते हुए एकता की बात कर रहा था कि मुसलमान भी “जय श्री राम” और “भारत माता की जय” जैसे नारे लगाते हैं, और इसी क्रम में उसने “नारा-ए-तकबीर” भी कहा.
कुल मिलाकर, भाजपा के नेता और समर्थकों ने एकता की बात करने वाले वीडियो को ट्रिम कर यह नैरेटिव गढ़ने की कोशिश की कि जंतर मंतर प्रदर्शन स्थल पर इस्लामी नारे लगाए जा रहे हैं. जबकि असल वीडियो में साफ दिखता है कि युवक ने पहले “जय श्री राम” और “अल्लाह हू अकबर” दोनों नारे एक साथ जोड़कर एकता का संदेश दिया था, और उसके बाद ही “नारा-ए-तकबीर” कहा. वायरल दावा पूरी तरह से भ्रामक साबित होता है.





