बीजेपी आईटी सेल हेड अमित मालवीय ने 12 नवंबर को कांग्रेस नेता राशिद अल्वी का एक वीडियो ट्वीट किया. वीडियो में राशिद अल्वी को ये कहते हुए सुना जा सकता है, “जय श्री राम का नारा लगाते हैं, वो सब मुनि नहीं वो निशिचर हैं. होशियार रहने की ज़रूरत है.” 10 सेकंड की ये वीडियो क्लिप ट्वीट करते हुए अमित मालवीय ने लिखा कि कांग्रेस के विचारों में राम भक्तों के लिए ज़हर घुला हुआ है. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

भाजपा प्रवक्ता प्रशांत पटेल उमराव ने भी ये वीडियो ट्वीट किया. (आर्काइव लिंक)

भाजपा हरियाणा के स्टेट इन-चार्ज अरुण यादव (आर्काइव लिंक) और भाजपा इंदौर के नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे (आर्काइव लिंक) ने भी ये वीडियो ट्वीट किया है.

फ़ैक्ट-चेक

वीडियो के बारे में सर्च करते हुए ऑल्ट न्यूज़ को कल्कि महोत्सव का 11 नवंबर का वीडियो मिला. ये वीडियो में राशिद अल्वी के भाषण का है. वीडियो में 8 मिनट 50 सेकंड के बाद राशिद अल्वी कहते हैं – “रामायण में आता है कि जब लक्ष्मण की हालत खराब होती है. तब संजीविनी बूटी लाने की ज़िम्मेदारी हनुमान को दी जाती है. और उसे सूरज निकलने से पहले लाना ज़रूरी है वरना वो नहीं बचेंगे. उधर रावण समय बर्बाद करने के लिए एक राक्षस को संत बनाकर भेजता है. हनुमान जब ऊपर से जा रहे होते हैं तब वो राक्षस नीचे बैठ कर ‘जय श्री राम’ का नारा लगा रहा है.”

यहां राशिद अल्वी कहते हैं, “आजकल लोग बहुत नारे लगाते हैं ‘जय श्री राम’.” आगे, वो रामायण के बारे में बताते हैं कि हनुमान, ‘जय श्री राम’ सुनते ही नीचे आते हैं और संत के पैरों में बैठ जाते हैं. तब वो राक्षस जिसे हनुमान का वक़्त बर्बाद करना था, कहता है कि बिना नहाए ‘जय श्री राम’ नहीं कह सकते.”

इसके बाद राशिद अल्वी कहते हैं कि हनुमान नहाने जाते हैं तब उनके पैर, एक मगरमच्छ पकड़ लेता है. मगरमच्छ असल में एक अप्सरा होती है और अपने असली रूप में आकर हनुमान को बताती है कि क्यों वक़्त खराब कर रहे हो? सूरज निकलने से पहले तुम्हें संजीविनी बूटी लेकर पहुंचना है. अप्सरा बताती है कि सामने बैठा ‘जय श्री राम’ कहने वाला शख्स मुनि नहीं निश्चरगोरा (राक्षस) है.

इस कहानी के बाद उन्होंने ये कहा कि आज भी जो लोग ‘जय श्री राम’ का नारा लगाते हैं वो सब मुनि नहीं है.

12 नवंबर के ‘जन की बात’ के ट्वीट में राशिद अल्वी का बयान शेयर किया गया है. ये बयान उनके इस वायरल हुए वीडियो के बाद का है. वीडियो में वो बताते हैं, “मैंने हरगिज़ ये नहीं कहा कि जयश्रीराम बोलने वाला हर आदमी राक्षस होता है, मैंने कहा है कि जयश्रीराम बोलने वाला हर आदमी मुनि नहीं होता है. श्रीराम एकआस्था का नाम है, उनपे राजनीति नहीं की जा सकती. मैंने ये भी कहा है कि देश में सही मायने में राम राज्य आना चाहिए जहां पर नफ़रत का नामो-निशना ना हो, भारतीय जनता पार्टी की तो आदत है कि एक-एक शब्द निकाल कर उसका अनुचित प्रयोग करे.”

हिंदुस्तान टाइम्स ने भी 12 नवंबर को इस वीडियो के बारे में आर्टिकल पब्लिश किया था.

कुल मिलाकर, कांग्रेस नेता राशिद अल्वी के भाषण अधूरा हिस्सा प्रमुख भाजपा नेताओं ने ग़लत संदर्भ के साथ शेयर किया.


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