एक क्लिप वायरल हुई जिसमें सड़क पर कारों का एक लंबा काफिला जा रहा है. दावा किया जा रहा है कि ये राजस्थान में एक राजनीतिक काफिला दिखाता है, जहां भाजपा सत्ता में है. पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच पीएम नरेंद्र मोदी की 10 मई की अपील की संदर्भ में ये वीडियो वायरल हुआ, जिसमें नागरिकों से पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस का इस्तेमाल “बड़े संयम” के साथ करने का आग्रह किया गया है.

अपने संबोधन में मोदी ने ईंधन की खपत को कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने, कारपूलिंग और फिर से घर से काम करने उपाय भी सुझाए. उन्होंने लोगों को विदेश यात्रा और सोने की खरीदारी को कम से कम एक साल के लिए स्थगित करने की सलाह दी.

कई सोशल मीडिया यूज़र्स और भाजपा के आलोचकों ने प्रधानमंत्री पर अपनी की बात का पालन न करने का आरोप लगाने के लिए वायरल क्लिप शेयर की. आरोप लगाया गया कि उन्होंने अगले ही दिन वाहनों के विशाल काफिले के साथ यात्रा करते हुए ईंधन संरक्षण की अपील की.

इस दावे को प्रचारित करने वालों में ध्रुव राठी भी शामिल थे, जिन्होंने 12 मई को X पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने अपनी बातों पर अमल नहीं करने के लिए पीएम मोदी की आलोचना की. वीडियो में 36 सेकंड पर, ध्रुव राठी ने वायरल क्लिप चलाया और टिप्पणी की कि प्रधानमंत्री के काफिले में कोई भी इलेक्ट्रिक वाहन (EV) शामिल नहीं था, जिससे उनके मुताबिक, ऊर्जा की खपत कम हो जाती. पोस्ट को 511,500 से ज़्यादा बार देखा गया और 10 हज़ार से ज़्यादा रीपोस्ट मिले. (आर्काइव)

असम से कांग्रेस मीडिया समन्वयक हरमीत कौर के ने भी एक अन्य पोस्ट के जवाब में वायरल क्लिप शेयर किया और दावा किया कि वीडियो में राजस्थान में पीएम नरेंद्र मोदी का काफिला दिखाया गया है. (आर्काइव)

कुछ अन्य सोशल मीडिया यूज़र्स ने वही वीडियो शेयर किया और दावा किया कि इसमें मध्य प्रदेश भाजपा नेता सौभाग्य सिंह ठाकुर का एक काफिला उज्जैन से भोपाल की यात्रा करता हुआ दिखाई दे रहा है. कुछ लोगों ने दावा किया कि काफिले में 700-800 वाहन शामिल थे.

BIG TV ब्रेकिंग न्यूज़ (@bigtvtelugu) नामक X पेज ने 13 मई को वायरल क्लिप पोस्ट किया, जिसमें दावा किया गया कि वीडियो में बीजेपी नेता सौभाग्य सिंह का काफिला दिख रहा है. (आर्काइव)

 

कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. शमा मोहम्मद समेत कई अन्य यूज़र्स ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए उपरोक्त क्लिप को शेयर किया. नीचे कुछ उदाहरण हैं.

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फ़ैक्ट-चेक

वायरल क्लिप की बारीकी से जांच करने पर हमने देखा कि काफिले की एक गाड़ी में सवार एक व्यक्ति हरे रंग का झंडा थामे हुए था. हालांकि फ़ुटेज धुंधली है, लेकिन झंडे के केंद्र में लोगो के साथ एक सफेद गोलाकार प्रतीक देखा जा सकता है. इससे पता चला कि काफिले का किसी भी भाजपा नेता से जुड़ाव होने की संभावना नहीं थी.

दावे को और ज़्यादा वेरिफ़ाई करने के लिए, हमने वायरल क्लिप से कई कीफ़्रेम्स लिए और उन पर रिवर्स इमेज सर्च किया. इससे हमें यूज़र लाला (@FabulasGuy) की एक X पोस्ट मिली, जिसने असली इंस्टाग्राम पोस्ट का एक स्क्रीनशॉट शेयर किया था. इसी से वायरल वीडियो बना हुआ मालूम पड़ता है.

इस जानकारी को ध्यान में रखते हुए हमें इंस्टाग्राम पेज @rocky_sou_jat मिला, जहां असली वीडियो 10 मई को इस कैप्शन के साथ पोस्ट किया गया था: “श्री दादूपालका भैरणा धाम के रास्ते में बेनीवाल का काफिला.” पोस्ट में वही क्लिप थी जो अभी वायरल है.

कैप्शन से साफ है कि काफिला राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के संस्थापक और राजस्थान के नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल का था. गौरतलब है कि कृषि कानूनों को लेकर RLP दिसंबर 2020 में NDA से अलग हो गई थी.

 

इन बातों को ध्यान में रखकर, जब हमने वायरल वीडियो में दिख रहे झंडे की तुलना RLP झंडे से की, तो हमें समानताएं नज़र आईं.

इसके बाद, हमने पाया कि उसी इंस्टाग्राम यूज़र ने एक और वीडियो शेयर किया था जिसमें बेनीवाल को अपनी कार के अंदर देखा जा सकता था.

 

उपरोक्त वीडियो के बैकग्राउंड को देखकर हम ये अंदाजा लगा सकते हैं कि वायरल क्लिप और उपरोक्त वीडियो एक ही जगह के हैं. नीचे, हमने समानताएं चिह्नित की हैं.

गाड़ियों के लंबे काफिले का एक ऐसा ही वीडियो हनुमान बेनीवाल के ऑफ़िशियल इंस्टाग्राम पेज पर भी शेयर किया गया. कैप्शन में लिखा है, ‘रविवार को मैंने जयपुर जिले की मौजमदाबाद तहसील स्थित भैराणा में श्री दादूपालका भैराणा धाम पर संतों और महानुभावों द्वारा किए जा रहे आंदोलन में भाग लिया.’

 

 

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रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजस्थान के बहरोड़ क्षेत्र के एक प्रमुख धार्मिक स्थल भैरणा धाम के संत और स्थानीय निवासी, राजस्थान सरकार की औद्योगिक विकास एजेंसी, राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास और निवेश निगम लिमिटेड द्वारा प्रस्तावित परियोजना का विरोध कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस परियोजना के परिणामस्वरूप लगभग 40 हज़ार पेड़ों की कटाई होगी.

चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच, RLP नेता ने परियोजना का विरोध करने वाले संतों और निवासियों के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए कई समर्थकों और भक्तों के साथ भैरणा धाम की यात्रा की.

कुल मिलाकर, ये साफ है कि वायरल वीडियो में पीएम मोदी या किसी बीजेपी नेता का काफिला नहीं दिख रहा है; इसमें RLP नेता हनुमान बेनीवाल के काफिले को दिखाया गया है, और वीडियो राजस्थान का है.

वहीं, ये सच है कि बीजेपी नेता सौभाग्य सिंह को MP सरकार ने उज्जैन से भोपाल की यात्रा के दौरान 50 कारों के काफिले का इस्तेमाल करने के लिए शो-कॉज किया है.