सोशल मीडिया पर एक अख़बार की कटिंग तेज़ी से वायरल हो रही है. इसमें भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानीज़ और भारतीय मूल के लोगों की उत्साहित भीड़ के फोटो कोलाज के ऊपर अंग्रेज़ी में “Free Curry and Roti pulled massive crowd” हैडलाइन का एक छोटा हिस्सा दिखता है. दावा किया जा रहा है कि ऑस्ट्रेलिया में पीएम मोदी के कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के लिए फ्री करी, रोटी खिलाई गई.
कई सोशल मीडिया यूज़र्स इस वायरल अख़बार की कटिंग को हालिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान मेलबर्न के मार्वल स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम से जोड़कर शेयर का रहे हैं. साथ ही दावा कर रहे हैं कि ऑस्ट्रेलियाई अख़बार ने ये खबर दी है कि कार्यक्रम में उमड़ी भारी भीड़ की वजह मोदी नहीं, बल्कि “मुफ्त की करी और रोटी” थी. यूज़र्स इस दावे के आधार पर इसे भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शर्मनाक घटना भी बता रहे हैं.
एक्स-यूज़र @JAWAHARNEHR ने इसी दावे के साथ अख़बार की कटिंग शेयर की.
Australian Newspaper exposed the secret behind the massive crowd gathering for the Modi meeting.
“Free Curry and Roti pulled massive crowd.”
This is an international-level humiliation. pic.twitter.com/7XHWh1vgzt
— SHREE RAM (@JAWAHARNEHR) July 10, 2026
एक्स-यूज़र @JAWAHARNEHR के इस पोस्ट को कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता व इनवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट सौरव दास ने रिट्वीट किया. पूर्व आईपीएस अधिकारी और IB में स्पेशल डायरेक्टर और भारत सरकार में सिक्योरिटी सेक्रेटरी के तौर पर काम कर चुके यशोवर्धन झा आज़ाद ने पोस्ट को क्वोट कर ऐसा ही दावा किया.
कांग्रेस नेता व राष्ट्रीय प्रवक्ता सुरेंद्र सिंह राजपूत के अलावा एक्स-यूज़र @nkk_123, @vizhpuneet, @BlewMedia_in समेत कई यूज़र ने ऐसी ही दावे के साथ अख़बार की कटिंग शेयर की है.
फैक्ट-चेक
ऑल्ट न्यूज़ ने वायरल अख़बार की कटिंग को ग़ौर से देखने पर पाया कि हेडलाइन सिर्फ अंग्रेजी भाषा में लिखी है, जिसे पढ़ा जा सकता है, लेकिन सभी हेडलाइन के नीचे लिखी ख़बर किसी दूसरी भाषा में है. यहां तक की गूगल ट्रांसलेट द्वारा भी इस भाषा को डिटेक्ट नहीं किया जा रहा है.
गौर करें अख़बार के कटिंग में “Free Curry and Roti pulled massive crowd” वाले हैडलाइन के नीचे खबर में पत्रकार के नाम वाले जगह में किसी भी पत्रकार का नाम नहीं दिया है. जबकि बाकी अन्य “look to speed up deal on free trade” (क्रॉप हुआ हेडलाइन) और “Fans get into Modi mode to marvel at prime minister” खबर के नीचे पत्रकार का नाम ब्लर या नहीं पढ़े जा सकने वाले भाषा में कुछ लिखा हुआ है. इन सबके अलावा, फोटो कोलाज में दिख रहे, पोस्टरों, प्रिंट हुए टीशर्ट में भी अजीब से टेक्स्ट बने हुए है. अक्सर इस प्रकार की त्रुटि हमें AI जनरेटेड इमेज में या फिर AI की मदद से मूल इमेज में छेड़छाड़ कर बनायी गई डीपफेक इमेज में देखने को मिलती है.

आगे, हमने वीडियो को AI डिडेक्टर टूल से चेक किया और पाया कि इस अख़बार की कटिंग इमेज के AI निर्मित होने की 99% संभावना है.

लेकिन AI डिटेक्शन टूल केवल सहायक संकेत देते हैं. इसलिए हमने जांच जारी रखते हुए जब वायरल अख़बार की कटिंग को रिवर्स इमेज सर्च किया. परिणाम में हमें अख़बार का मूल संस्करण मिल गया. इसे CNN-News 18 के सप्ताहांत संपादक अमन शर्मा ने 10 जुलाई 2026 को एक एक्स पोस्ट में शेयर किया था.
PM Modi coverage all over Australian newspapers. A columnist calls him “Mr India” #Melbourne pic.twitter.com/2tkb9qzGiy
— Aman Sharma (@AmanKayamHai_) July 9, 2026
वायरल अख़बार की कटिंग की तुलना मूल अख़बार की कटिंग से करने पर स्पष्ट हो गया कि ऑस्ट्रेलियाई अख़बार के मूल संस्करण में “Free Curry and Roti pulled massive crowd” हेडलाइन की कोई खबर मौजूद ही नहीं थी. इसके अलावा, ऑस्ट्रेलियाई अख़बार का मूल संस्करण पूरा अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित हुआ है, वहीं अन्य “Australia And India look to speed up deal on free trade” और “Fans get into Modi mode to marvel at prime minister” हेडलाइन की खबर क्रमशः पत्रकार मैथ्यू नॉट और स्टीफन ब्रूक द्वारा लिखी गई है जो कि The Sydney Morning Herald and The Age समाचार संस्था के संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं. इन सभी फ़ोटोज़ का क्रेडिट एडी जिम को दिया गया है.

असली तस्वीर में टीशर्ट पर मोदी और वंदे भारत ट्रेन की तस्वीर बनी है. “भारत superponer” “आज का भारत सिर्फ़ सपने नहीं देखता पूरे भी करता है” लिखा हुआ है.
कुल मिलाकर, सोशल मीडिया पर वायरल अख़बार की कटिंग असल में AI की मदद से “Free Curry and Roti pulled massive crowd” हेडलाइन देकर बनायी गई इमेज है. इसलिए सोशल मीडिया पर किया जा रहा दावा कि मेलबर्न में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में मुफ्त करी और रोटी के कारण भारी भीड़ उमड़ी थी, पूरी तरह से ग़लत है. साथ ही ऐसी कोई खबर ऑस्ट्रेलियाई अख़बार ने नहीं छापी है.





