व्हाट्सऐप पर एक वीडियो शेयर हो रहा है जहां खुद को टेलिकॉम इंजीनियर बताने वाला एक शख्स एक सर्किट बोर्ड दिखा रहा है जिसपर ‘COV-19’ लिखा है. शख्स बता रहा है कि ये सर्किट बोर्ड 5G टॉवरों पर लगाया जाना है. उसे कहते हुए सुना जा सकता है कि जब सब लोग लॉकडाउन में अपने-अपने घरों के अंदर है तब वो 5G टॉवर लगवा रहा है. वीडियो में वो सर्किट बोर्ड भी दिखाता है जिसपर ‘COV-19’ लिखा हुआ है. वो कहता है, “हम ये सर्किट नहीं खोलते हैं क्योंकि हमें इसकी सख्त हिदायत दी गयी है.” ऑल्ट न्यूज़ को व्हाट्सऐप (+917600011160) पर इस वीडियो के बारे में सच्चाई पता लगाने की कई रिक्वेस्ट भेजी गयीं.

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इसे शेयर करते मेसेज लिखा जा रहा है, “यह शख्स 5G टॉवर पे काम करने वाला लेबर है इस 5G टॉवर पर टैक्निकल खराबी पर रिपेयरिंग करना था और खास तौर पर मना किया गया था एक प्लेट को खोलकर नही देखना है उस ने हुक्म की खिलाफ वरजी की और अपनी नौकरी को दांव पे लगा के उस प्लेट को खोलकर देखा तो उस मे Covid-19 की चिप नजर आई उस से साफ जाहिर होता है के इंसानियत के खिलाफ कुछ ना कुछ साजिश जरुर चल रही है.”

ये वीडियो पिछले साल भी शेयर किया जा रहा था.

कुछ यूज़र्स ने वीडियो के उस हिस्से का स्क्रीनशॉट शेयर किया जहां सर्किट बोर्ड पर ‘COV 19’ लिखा हुआ नज़र आ रहा है.

फ़ैक्ट-चेक

ये वीडियो डॉक्युमेंट्री बनाने वाले हेडन प्राउज़ ने पिछले साल जून में रिकॉर्ड किया था.इस वीडियो में उन्होंने कॉन्स्पिरेसी थ्योरी फ़ैलाने की कोशिश नहीं की है बल्कि ये बताया है कि अफ़वाह फैलाना कितना आसान होता है.

हेडन प्राउज़ लंदन की एक क्रिएटिव एजेंसी डोंट पैनिक लंडन के मुख्य संपादक हैं जो वायरल कॉन्टेंट बनाने के लिए मशहूर है. डोंट पैनिक लंडन ने इस प्रयोग का वीडियो अपने यूट्यूब चैनल पर शेयर किया था जिसमें देखा जा सकता है कि वो सर्किट प्लेट पर ‘COV 19’ चिपका रहे हैं.

रॉयटर्स ने भी 16 मई, 2020 को इस बारे में एक फ़ैक्ट-चेक आर्टिकल पब्लिश किया था. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि जिस सर्किट बोर्ड पर ‘COV 19’ लिखा गया वो असल में वर्जिन मीडिया टीवी का है. वीडियो के दूसरे हिस्से में कार की बोनट पर इसका कवर भी नज़र आता है.

वर्जिन मीडिया के प्रवक्ता ने रॉयटर्स को बताया, “जो बोर्ड दिख रहा है वो बहुत पुराने सेट-अप टीवी बॉक्स का है जिसपर कभी भी COV 19 लिखा, गढ़ा या छापा नहीं गया. इसका 5G समेत किसी भी मोबाइल नेटवर्क ढांचे से कोई लेना देना नहीं है.”

आयरलैंड के द जर्नल ने भी वर्जिन मीडिया का बयान कोट किया था जिसमें कंपनी ने बताया है कि ये ‘सर्किट बोर्ड Cisco 4585 हार्ड डिस्क कार्ड जैसे दिखते हैं जिन्हें 2011 के आस-पास ग्राहकों को बेचना शुरू किया था.’

ये दावा कि 5G टॉवरों पर ‘COV 19’ लिखा हुआ सर्किट बोर्ड लगाया जा रहा है, बिल्कुल ग़लत है. ये वीडियो पिछले साल लंडन के डॉक्युमेंट्री मेकर ने बनाया था और ये बताने की कोशिश की थी कि वायरल मनगढ़ंत कहानियां और दावे फैलाने कितने आसान हैं.


दैनिक जागरण की स्टोरी का फ़ैक्ट-चेक: प्रयागराज में गंगा के किनारे दफ़न शव ‘आम बात’ हैं?

ग़लत
दावा:
5G टॉवरों पर ‘COV 19’ लिखा हुआ सिर्चुत बोर्ड लगाया जा रहा है

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