सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है, जिसमें न्यूज़ एजेंसी ANI का लोगो दिख रहा है. वीडियो में लेफ़्टिनेंट जनरल गिरीश कालिया को यह कहते सुना जा सकता है, “यह वाकई शर्मनाक है कि हमलावर चीन ने अरुणाचल प्रदेश के असाफिला, लोंगजू और ताक्सिंग सर्कल पर कब्ज़ा कर लिया है. हम केंद्र सरकार से ज़रूरी सामान और मदद की मांग कर रहे हैं, लेकिन हमें बताया जा रहा है कि अर्धसैनिक बलों को चीन के खिलाफ़ तैनात करने के बजाय, अरुणाचल प्रदेश की ‘जेन ज़ी’ के खिलाफ़ इस्तेमाल किया जाना चाहिए. हमारी केंद्र सरकार हमारे सैनिकों को क्या संदेश दे रही है? कल मेरे 25 सैनिकों को गिरफ़्तार कर लिया गया और हमें नहीं पता कि वे कहां हैं. इससे साफ़ पता चलता है कि हमारी क्षेत्रिय संप्रभुता को लेकर उनकी कितनी दिलचस्पी है.”

इस वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि लेफ़्टिनेंट जनरल गिरीश कालिया ने चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश के असाफिला, लोंगजू और तक्सिंग सर्किल पर कब्ज़ा करने का दावा किया है. साथ ही ये भी कहा जा रहा है कि लजिस्टिकल सप्लाई की मांग के बावजूद सेना को चीन के बजाय अरुणाचल प्रदेश के ‘जेन ज़ी’ के खिलाफ़ तैनात किया जा रहा है.

सबसे पहले पाकिस्तानी प्रॉपगैंडा अकाउंट “The Whistle Blower” (@InsiderWB) ने वीडियो को शेयर करते हुए ऐसा ही दावा किया. ज्ञात हो कि यह अकाउंट भारत से जुड़ी घटनाओं को लेकर नियमित रूप से ग़लत सूचनाएं फैलाता रहा है. इस अकाउंट का पुराना हैंडल PTI Insider (@PTI_Insider) था, जिसे पाकिस्तान से ऑपरेट किया जाता है. (आर्काइव लिंक)

कांग्रेस नेता रितु चौधरी ने भी इसी तरह के दावे के साथ ये वीडियो शेयर किया और हालात को शर्मनाक बताया. (आर्काइव लिंक)

इसी तरह अनीता यादव, @sumit_sarkr, @IndiaGenzzz जैसे यूजर्स ने भी इस वीडियो को यही दावा करते हुए शेयर किया.

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फ़ैक्ट-चेक

सबसे पहले, वीडियो में कही गई बातें पहली नज़र में ही सेना के किसी अधिकारी के लिए गैर-पेशेवर आचरण लगती हैं, जिससे इसकी प्रामाणिकता पर संदेह पैदा होता है.

वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने इसके की-फ्रेम्स को गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च किया. इस दौरान हमें The INS नाम की वेबसाइट पर 27 अक्टूबर 2023 को प्रकाशित एक ख़बर मिली. इसके थंबनेल में वायरल वीडियो का एक फ़्रेम इस्तेमाल किया गया था. इस रिपोर्ट में सेना के हवाले से कहा गया था कि कुपवाड़ा में 8 महीनों के दौरान घुसपैठ की 10 कोशिशों में 27 आतंकवादी मारे गए. लेख में कहीं भी इसका उल्लेख नहीं है कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश के असाफिला, लोंगजू और तक्सिंग सर्किल पर कब्ज़ा कर लिया है या ऐसा कुछ भी कहा गया हो.

इसके बाद हमने X पर संबंधित की-वर्ड्स सर्च किए, तो हमें ANI का 27 अक्टूबर 2023 का एक ट्वीट मिला. इस ट्वीट में वायरल वीडियो का लंबा वर्जन मौजूद है. इस वीडियो में उस समय कुपवाड़ा, जम्मू-कश्मीर से GoC 28 इन्फैंट्री डिवीजन के मेजर जनरल गिरीश कालिया कहते हैं, “नियंत्रण रेखा के उस पार से जम्मू-कश्मीर में शांति भंग करने और सुरक्षा माहौल को खराब करने की लगातार कोशिशें की जा रही हैं. आप सभी इस बात के गवाह रहे हैं कि नियंत्रण रेखा के उस पार से लगातार घुसपैठ की कोशिशें होती रही हैं. पिछले 8 महीनों में, हमारे अधिकार क्षेत्र वाले इलाके में ऐसी 10 कोशिशें हुईं, जिनमें 27 आतंकवादी मारे गए और भारी मात्रा में युद्ध से जुड़ी सामग्री बरामद की गई. इसके अलावा, हमने भारी मात्रा में नशीले पदार्थ भी जब्त किए हैं, जो पाकिस्तान के रक्षा प्रतिष्ठानों और आतंकवादी समूहों के बीच गहरे गठजोड़ को साबित करते हैं… कल का ऑपरेशन एक तरह से हमारे उन पैदल सैनिकों (infantrymen) को सच्ची श्रद्धांजलि है, जिन्होंने पिछले कई दशकों से घाटी में शांति बनाए रखने के लिए अथक प्रयास किए हैं. आज सुरक्षा बल पूरी तरह से आपसी तालमेल के साथ काम कर रहे हैं. हम कश्मीर घाटी की सुरक्षा व्यवस्था को बिगाड़ने की दुश्मन की किसी भी कोशिश को, अपने दृढ़ संकल्प और अटूट प्रतिबद्धता के साथ नाकाम करने के लिए पूरी तरह से कटिबद्ध हैं…” इस वीडियो में भी वायरल दावे से जुड़ी कोई बात नहीं कही गई है. इससे साफ है कि असल वीडियो के साथ छेड़छाड़ कर एक एडिटेड वीडियो तैयार किया गया है, जिसे गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है.

भारतीय सेना के आधिकारिक फैक्ट-चेक अकाउंट ने भी वायरल दावे का खंडन करते हुए ट्वीट किया है. भारतीय सेना के ट्वीट में बताया गया है कि लेफ़्टिनेंट जनरल गिरीश कालिया के नाम से गढ़े गए बयानों वाला एक डिजिटली एडिटेड वीडियो फैलाया जा रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश के असाफिला, लोंगजू और तक्सिंग सर्किल पर नियंत्रण कर लिया है और भारतीय सेना को जरूरी आपूर्ति से वंचित रखा गया है. सेना ने बताया कि यह भ्रामक वीडियो गढ़े हुए बयानों को एक वरिष्ठ सेना अधिकारी के लीक हुए कबूलनामे के रूप में पेश करने की कोशिश है. इसमें सिंथेटिक जेनरेटेड इंफॉर्मेशन का इस्तेमाल करके लेफ्टिनेंट जनरल गिरीश कालिया के हवाले से झूठा बयान गढ़ दिया गया है.

सेना के अनुसार, ऑरिजनल फुटेज 27 अक्टूबर 2023 को कुपवाड़ा, जम्मू-कश्मीर में तत्कालीन GOC 28 इन्फैंट्री डिवीजन मेजर जनरल गिरीश कालिया द्वारा दी गई प्रेस ब्रीफिंग का है. उस ब्रीफिंग में उन्होंने नियंत्रण रेखा के पार से होने वाली घुसपैठ की कोशिशों पर बात की थी और बताया था कि 10 कोशिशें नाकाम की गईं, 27 आतंकवादी मारे गए और युद्ध सामग्री व भारी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद हुए. उन्होंने अरुणाचल प्रदेश पर चीनी नियंत्रण या सेना को आपूर्ति से वंचित किए जाने के बारे में ऐसा कोई बयान नहीं दिया था. इसी ट्वीट में भारतीय सेना ने 27 अक्टूबर 2023 की ANI की उस पोस्ट का लिंक भी दिया है, जिसे ऑरिजनल बयान के रूप में पेश किया गया है.

कुल मिलाकर, लेफ़्टिनेंट जनरल गिरीश कालिया का एक एडिटेड वीडियो कई पाकिस्तानी प्रॉपगैंडा अकाउंट्स ने शेयर किया, जिसे बाद में भारतीय सोशल मीडिया यूजर्स ने भी इसे आगे बढ़ाया. इस वीडियो में झूठा दावा किया गया कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश के असाफिला, लोंगजू और तक्सिंग सर्किल पर कब्जा कर लिया है. वायरल वीडियो एडिटेड है और भारतीय सेना ने भी आधिकारिक बयान जारी कर इसका खंडन किया है.

ग़लत
दावा:
लेफ्टिनेंट जनरल गिरिश कालिया ने कहा कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश के असाफिला, लोंगजू और ताक्सिंग सर्कल पर कब्ज़ा कर लिया है

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