सोशल मीडिया पर मुग़ल सम्राट अकबर की बताकर एक तस्वीर शेयर की जा रही है. तस्वीर में टेलीविज़न सीरीयल ‘जोधा अकबर’ में अकबर का किरदार निभाने वाले कलाकार रजत टोकस दिखते हैं. दावा है कि अकबर वास्तव में कमज़ोर दिखता था लेकिन ‘वामपंथी दोगलों’ ने अकबर को स्क्रीन पर ताकतवर बादशाह दिखाया है. यूज़र्स ये कोलाज शेयर कर अकबर को हंसी का पात्र बना रहे हैं. ट्विटर यूज़र दिव्यबा जडेजा ने ये तस्वीर ट्वीट करते हुए लिखा, “वामपंथी दोगलों ने हमें पढ़ाया अकबर महान था बल्कि सच्चाई बिल्कुल विपरीत थी..!” आर्टिकल लिखे जाने तक इस ट्वीट को 800 से ज़्यादा बार रीट्वीट किया गया है. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

ट्विटर यूज़र पंडित प्राँशू द्विवेदी ने भी ये तस्वीर इसी दावे के साथ ट्वीट की.

फ़ेसबुक और ट्विटर पर ये तस्वीर वायरल है.

फ़ैक्ट-चेक

किसी कैमरा से सबसे पहली फ़ोटो 1826-27 में फ़्रांस में ली गयी थी. और अकबर की मृत्यु 1605 में हो चुकी थी. लिहाज़ा ये तस्वीर अकबर की हो ही नहीं सकती थी. इसके बाद हमने ये पता लगाने की कोशिश की कि ये तस्वीर आख़िर है किसकी.

गूगल रिवर्स इमेज सर्च से हमें ये तस्वीर भारत सरकार की ‘इंडियन कल्चर’ वेबसाइट पर मिली. वेबसाइट के मुताबिक, कोलाज में दिखने वाले शख्स, मुग़ल साम्राज्य के आखिरी सम्राट बहादुर शाह ज़फ़र के बेटे मिर्ज़ा शाह अब्बास है. तस्वीर में बहादुर शाह ज़फ़र के दूसरे बेटे (बायीं ओर) मिर्ज़ा जवान बख्त भी है. वेबसाइट ने इस तस्वीर को 1850-60 के दशक का बताया है. बता दें कि अकबर का जन्म साल 1542 में हुआ था और उनकी मृत्यु साल 1605 में हो गई थी. वहीं मिर्ज़ा शाह अब्बास का जन्म 1845 में हुआ था और उनकी मृत्यु 1910 में हुई थी.

मिर्ज़ा शाह के बारे में गूगल करने पर हमें ये तस्वीर विकीपीडिया पर भी मिली. 24 अक्टूबर 2018 के न्यूज़ 18 हिंदी के आर्टिकल में ये तस्वीर बहादुर शाह ज़फ़र के बेटे की बताकर शेयर की गई थी.

आगे, यांडेक्स (Yandex) पर रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें ये तस्वीर SOAS यूनिवर्सिटी ऑफ़ लंदन की वेबसाइट पर मिली. हमें1850 से 1900 की तस्वीरों का एक कलेक्शन मिला. वेबसाइट के मुताबिक, ये तस्वीर 1858 में खींची गई थी. ये तस्वीरें हावर्ड और जेन रीकिट्स के कलेक्शन की हैं. भारत की इन तस्वीरों का प्रदर्शन लंदन में 11 अक्टूबर से 15 दिसम्बर, 2001 को हुआ था.

जेन और हावर्ड रिकेट्स ब्रिटेन में 19वीं शदी के फ़ोटोग्राफ़ी विशेषज्ञ थे. उन्होंने 1972 में भारत के 19वीं शदी के तस्वीरों को इकठ्ठा करना शुरू किया था.

कुल मिलाकर, बहादुर शाह ज़फ़र के बेटे मिर्ज़ा शाह अब्बास की तस्वीर सोशल मीडिया पर मुग़ल बादशाह अकबर की बताकर शेयर की गई.


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