सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर की जा रही है जिसमें दिख रहा है जिसमें हिन्दू पौराणिक देवता नंदी की मूर्ति दिख रही है. तस्वीर के साथ किये जा रहे दावे में इस ओर इशारा किया जा रहा है कि ये मूर्ति किसी मुस्लिम धर्म से जुड़े स्थान पर ज़मीन में दबी मिली थी. ट्विटर यूज़र राजीव तुली ने ये तस्वीर ट्वीट करते हुए लिखा, “हर मजार मस्जिद की यही सच्चाई है”. आर्टिकल लिखे जाने तक इस ट्वीट को 2,816 बार रीट्वीट किया जा चुका है. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

ट्विटर पर और भी कई यूज़र्स ने ये तस्वीर इसी मेसेज के साथ ट्वीट की. (लिंक 1, लिंक 2, लिंक 3)

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फ़ेसबुक पर भी ये तस्वीर वायरल है.

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फ़ैक्ट-चेक

गूगल रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें ये तस्वीर ‘लॉस्ट टेम्पल्स’ नाम के ट्विटर अकाउंट से पोस्ट की हुई मिली. यूज़र ने तस्वीर ट्वीट करते हुए बताया कि नमक्कल ज़िले के मोहनूर के सेलंदीअम्मान (Sellandiamman) मंदिर में खुदाई के दौरान नंदी की बड़ी मूर्ति मिली.

 

ऑल्ट न्यूज़ को इन तस्वीरों को सोशल मीडिया पर शेयर करने का सबसे पुराना उदाहरणा 1 सितंबर 2021 का मिला. इस पोस्ट में भी इन तस्वीरों को नमक्कल ज़िले की बताया गया है. पोस्ट के मुताबिक, खुदाई के दौरान नंदी की पुरानी मूर्ति मिली थी.

नमक्कल, तमिलनाडु में है. इसके चलते, तमिल में की-वर्ड्स सर्च करने पर ऑल्ट न्यूज़ को ‘Dinamalar’ का 2 सितंबर का आर्टिकल मिला. आर्टिकल में बताया गया है कि सेलंदीअम्मान मंदिर में नवीकरण का काम चल रहा है. मंदिर के आसपास खुदाई के दौरान नंदी की पुरानी मूर्ति मिली. मंदिर के अधिकारियों ने इसकी जानकारी राजस्व विभाग को दी. राजस्व विभाग के अधिकारी आए और मूर्ति अपने साथ ले गए. फ़िलहाल, पुरातत्त्व विभाग इस मूर्ति की जांच कर रहा है और इसे सेलम म्यूज़ियम में रखा गया है.

तमिल न्यूज़ वेबसाइट विकटन ने भी नमक्कल के एक मंदिर में खुदाई के दौरान नंदी की मूर्ति मिलने की ख़बर छापी थी.

तमिल न्यूज़ चैनल Puthiya thalaimurai TV ने इस घटना के बारे में आर्टिकल पब्लिश किया था. इस आर्टिकल में यही बात बताई गई है कि सेलंदीअम्मान मंदिर में नवीनीकरण के दौरान खुदाई के वक़्त नंदी की मूर्ति मिली. चैनल ने इस खबर के बारे में एक वीडियो रिपोर्ट भी शेयर की थी.

कुल मिलाकर, तमिलनाडु के नमक्कल में एक मंदिर की खुदाई के दौरान नंदी की पुरानी मूर्ति मिली. इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए झूठा दावा किया गया कि ये मस्जिद में खुदाई के दौरान मिली थीं.


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