सोशल मीडिया पर किसानों के प्रदर्शन से जोड़कर कई दावे शेयर किये जा रहे हैं. हर मुद्दे की तरह सोशल मीडिया के इन दावों में से कई ग़लत भी साबित हुए हैं. हाल ही में किसान नेता वी एम सिंह की तस्वीर वाला एक ग्राफ़िक काफ़ी शेयर किया जा रहा है. दावा है कि कांग्रेस नेता वी एम सिंह 631 करोड़ की संपत्ति के मालिक हैं. और वो किसानों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं. जबकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी, अंबानी और अडानी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साध रहे हैं. यूज़र्स का कहना है कि कांग्रेस के नेता ही किसानों के प्रदर्शन में शामिल हुए हैं. फ़ेसबुक यूज़र अविनाश श्रीवास्तव ने ये ग्राफ़िक पोस्ट करते हुए लिखा, “साल 2009 मे 631 करोड़ की संपत्ति का मालिक कांग्रेस नेता किसान बन के आन्दोलन चलाने में सहयोगी है। राहुल गांधी को आपने अंबानी अदानी का रट्टा लगाते देखा होगा ; अब कांग्रेस के तथाकथित किसानो की हकीकत भी देख लीजिये !” (पोस्ट का आर्काइव लिंक)

साल 2009 मे 631 करोड़ की संपत्ति का मालिक कांग्रेस नेता किसान बन के आन्दोलन चलाने में सहयोगी है। राहुल गांधी को आपने…

Posted by Avinash Srivastava on Sunday, 13 December 2020

ट्विटर हैन्डल ‘@BefittingFacts’ ने भी ये दावा ट्वीट किया है. बता दें ये हैन्डल पहले भी कई बार गलत जानकारियां शेयर कर चुका है जिसे आप यहां पढ़ सकते हैं. इस अकाउंट को पहले कई बार सस्पेन्ड भी किया गया है. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

राइटविंग मीडिया आउटलेट ऑपइंडिया ने 12 दिसम्बर 2020 के आर्टिकल में वी एम सिंह को कांग्रेस नेता बताया है. इस आर्टिकल एक नहीं कई बात ऑपइंडिया ने वी एम सिंह को कांग्रेस नेता बताया हैं (आर्काइव लिंक).

ऑपइंडिया का ये आर्टिकल रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के डायरेक्टर ‘@sgurumurthy’ ने ट्वीट किया है (आर्काइव लिंक). पहले भी सोशल मीडिया पर उन्होंने कई गलत दावे शेयर किये हैं. उनके गलत दावों की डिटेल्ड रिपोर्ट आप यहां पर पढ़ सकते हैं.

ट्विटर और फ़ेसबुक पर ये ग्राफ़िक वायरल है.

फ़ैक्ट-चेक

सोशल मीडिया पर वीएम सिंह को लेकर 2 तरह के दावे किये गए हैं. पहला कि वो कांग्रेस नेता हैं और दूसरा, उनके पास 361 करोड़ की संपत्ति है. इस आर्टिकल में हम इन दोनों दावों की सच्चाई आपको बताएंगे.

क्या वीएम सिंह कांग्रेस नेता हैं?

सर्च करने पर मालूम हुआ कि वीएम सिंह साल 2012 में कांग्रेस छोड़ तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए थे. वी एम सिंह ने साल 2007 और साल 2009 में बतौर कांग्रेस उम्मीदवार चुनाव लड़ा था. लेकिन उन्होंने साल 2012 में कांग्रेस छोड़ तृणमूल कांग्रेस की सीट से यूपी के बरखेड़ा से चुनाव लड़ा था. द टाइम्स ऑफ़ इंडिया की 2015 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वीएम सिंह भाजपा नेता मेनका गांधी के फर्स्ट कज़िन हैं. किसान नेता वीएम सिंह ने 23 दिसम्बर 2015 को राष्ट्रीय किसान मजदूर पार्टी लॉन्च की थी. वीएम सिंह ने साल 2017 के चुनावों में अपनी पार्टी के 21 उम्मीदवार उतारे थे. लेकिन इनमें से एक को भी जीत हासिल नहीं हुई. वीएम सिंह के ट्विटर बायो में भी पूर्व विधायक और प्राउड फ़ार्मर (किसान) लिखा हुआ है.

आगे, कांग्रेस से जुड़े हुए होने के दावे के बारे में ऑल्ट न्यूज़ ने वी एम सिंह के ऑफ़िस से संपर्क किया. हमें बताया गया, “वीएम सिंह कांग्रेस से जुड़े हुए नहीं हैं. उन्होंने साल 2012 में ही कांग्रेस छोड़ दी थी. उनके कांग्रेस छोड़ने की वजह सिर्फ़ किसानों का हित था. उस वक़्त केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी. उस दौरान वीएम सिंह, किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस से सहमत नहीं थे. वीएम सिंह ने साल 2015 में अपनी खुद की एक पार्टी बनाई थी.”

वीएम सिंह की संपत्ति कितनी है?

सर्च करने पर हमें 24 अप्रैल 2009 की द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट मिली. इस रिपोर्ट के मुताबिक, तत्कालीन कांग्रेस उम्मीदवार अपनी 631 करोड़ की संपत्ति के चलते सबसे अमीर उम्मीदवार थे. ‘माय नेता’ वेबसाइट पर चेक करने से हमें मालूम चला कि वी एम सिंह के पास 631 करोड़ से ज़्यादा की संपत्ति है.

वी एम सिंह की संपत्ति के बारे में हमें उनके ऑफ़िस से बताया गया कि जो भी संपत्ति उनके पास है, वो किसानी की ज़मीन है. द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, वी एम सिंह के पास 2 नॉन-अग्रिकल्चर लैंड थे जिसकी कीमत 206 करोड़ के करीब बताई गई. इसके अलावा, उनके पास 414 करोड़ का अग्रिकल्चर लैंड था. रिपोर्ट के मुताबिक, वी एम सिंह के पास 14 लाख की 3 गाड़ियां और 11 करोड़ के 2 घर भी हैं.

गौर करने वाली बात है कि वीएम सिंह ऑल इंडिया किसान संघर्ष कॉर्डिनेशन कमिटी (AIKSSC)के संयोजक थे. द हिन्दू की 14 दिसम्बर 2020 की रिपोर्ट के मुताबिक, वीएम सिंह को AIKSSC संयोजक के पद से हटा दिया गया था. 13 दिसम्बर की आज तक की रिपोर्ट में बताया गया कि वी एम सिंह के MSP गारंटी कानून को लेकर दिए गए बयान से AIKSSC सहमत नहीं थे और AIKSSC ने वीएम सिंह के बयान से किनारा कर लिया था.

कुल मिलाकर, वीएम सिंह ने साल 2012 में कांग्रेस से इस्तीफ़ा दे दिया था. उनके पास 632 करोड़ के आसपास संपत्ति तो ज़रूर है लेकिन वो कांग्रेस नेता नहीं है.


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