एक कथित प्रसारण का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया में प्रसारित है, जिसमें बलात्कार के आरोपी पादरी फ्रैंको मुलक्कल के हवाले से एक बयान दिया गया है – “मेरे और नन के बीच जो भी हुआ, वह बलात्कार नहीं है। यह एक धार्मिक रिवाज़ है, जिसके अंत में भगवान इशू की पवित्रता को महसूस किया जा सकता है।” (अनुवाद) फेसबुक पर इस स्क्रीनशॉट को साझा करते हुए एक उपयोगकर्ता राजेश अनुभव ने टिप्पणी कर लिखा, “भाई तर्क तो लाजवाब है कोर्ट ने भी मान लिया क्या?” जालंधर के पादरी फ्रैंको मुलक्कल पर एक नन के साथ बलात्कार करने का आरोप है, जिनकी केरल हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है।

भाई तर्क तो लाजवाब है कोर्ट ने भी मान लिया क्या?

Posted by Rajesh Anubhav on Sunday, 3 November 2019

फेसबुक पर अन्य कुछ उपयोगकर्ताओं ने इस स्क्रीनशॉट को समान दावे से साझा किया है।

तथ्य जांच

ऑल्ट न्यूज़ ने पहले भी सितम्बर 2018 में पादरी के हवाले से साझा इस उद्वरण की पड़ताल की थी। पैरोडी अकाउंट अनपेड टाइम्स ने सबसे पहले इस स्क्रीनशॉट को साझा किया था। अनपेड टाइम्स ने खुद अपने परिचय में अपने आप को “भारतीय व्यंग्यात्मक न्यूज़ वेबसाइट” बताया है। हालांकि, ऐसा कई बार हुआ है कि लोग इन व्यंग को सच मानकर बतौर जानकारी के रूप में साझा कर देते हैं।

2018 में, मधु किश्वर ने भी इस स्क्रीनशॉट को ट्वीट किया था। इस ट्वीट को अभी तक डिलीट नहीं किया गया है।

निष्कर्ष के तौर पर, सबसे पहले पैरोडी अकाउंट के साझा किये हए एक झूठे बयान का स्क्रीनशॉट, जिसमें बलात्कार आरोपी पादरी फ्रैंको मुलक्कल के हवाले से एक उद्वरण साझा किया गया है, सोशल मीडिया में फिर से प्रसारित किया जा रहा है।

ग़लत
दावा:
पादरी फ्रैंको मुलक्कल ने कहा, "बलात्कार नहीं रिवाज़ थी।"

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