मथुरा स्टेशन से बच्चा चोरी होने की वारदात ने लोगों को चिंता में डाल दिया है. 24 अगस्त को मथुरा रेलवे स्टेशन से 4 महीने के एक बच्चे को अगवा कर रहे एक शख्स का वीडियो वायरल हुआ था. इस मामले में शिकायत दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की. बाद में ये बच्चा भाजपा पार्षद के घर से मिला. इसके बाद से बच्चा चोरी की अफवाहों के चलते कई जगहों से स्थानीय लोगों द्वारा संदिग्ध व्यक्तियों को पीटने की खबरें आ रही हैं. ऐसे 2 वीडियोज़ हाल में व्हाट्सऐप पर काफी शेयर किये जा रहे हैं. वीडियोज़ में कुछ लोग साधुओं को लाठी-डंडों से मार रहे हैं. इसे शेयर करते हुए यूज़र्स दावा कर रहे हैं कि ये साधुओं के भेष में बच्चा चोर हैं.

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इन वीडियोज़ के साथ एक ऑडियो भी शेयर किया जा रहा है. ऑडियो में एक शख्स लोगों से रीक्वेस्ट कर रहा है कि लोग अपने बच्चों को अकेला न भेजें. क्यूंकि कथित रूप से पुलिस द्वारा बताया गया है कि कुछ 400 से 500 ‘गुंडे मवाली’ बाहर से आये हैं. ये लोग सभी इलाके में फैल चुके हैं और बच्चों का अपहरण कर उनके अंग का व्यापार कर रहे हैं. आगे, ये व्यक्ति कहता है कि ये बच्चा चोर ‘फ़ेरी वाले, कबाड़ी वाले, साधु और फ़कीर का रूप बनाकर आते हैं. आखिर में शख्स कहता है, “ऑडियो रिकॉर्डिंग अबरार छोटू, सीतापुर”.

फ़ैक्ट-चेक

बच्चा चोरी के दावे के साथ शेयर किये गए दोनों वीडियोज़ में एक दुकान नज़र आती है जिसके बोर्ड में लिखा है – “हरिसुमन किराना एवं जनरल स्टोर्स”.

इस बात को ध्यान में रखकर ऑल्ट न्यूज़ ने यूट्यूब पर की-वर्ड्स सर्च किया. हमें IBC24 की 8 अगस्त 2022 की वीडियो रिपोर्ट मिली. इसमें व्हाट्सऐप पर शेयर किया गया एक वीडियो शामिल है. कैप्शन के मुताबिक, ये घटना रायसेन में हुई थी जहां कुछ लोग साधु के भेष में चोरी करने पहुंचे थे. बाद में गांववालों ने इन्हें लाठियों से पीटा था.

7 अगस्त 2022 को नवभारत टाइम्स ने भी इस घटना के बारे में खबर दी थी. आर्टिकल के अनुसार, रायसेन ज़िले के मंडीदीप थाना क्षेत्र के पलोहा में कुछ साधुओं ने गरीब महिला को बेहोश कर लुटपाट की थी. साधुओं के भेष में आए इन लोगों ने महिला के घर से ज़ेवर और नगद रुपये उठा लिए. बाद में गांववालों ने इन्हें ढूंढने की कोशिश की. गांववासियों को पता चला कि ये पलोहा से सटे पिपलिया गज्जू गांव में ठहरे हुए हैं. और फिर गांव के लोगों ने जमकर इन साधुओं की पिटाई की और उन्हें पुलिस को सौंप दिया. मंडीदीप पुलिस ने इस मामले में 6 लोगों के खिलाफ़ मामला दर्ज किया और जांच शुरू की. आर्टिकल में पुलिस के हवाले से लिखा है कि ये आरोपी यूपी के चित्रकूट रहनेवाले थे.

वन इंडिया ने भी इस घटना के बारे में रिपोर्ट पब्लिश की थी. आर्टिकल में पुलिस के हवाले से लिखा है कि आरोपी उत्तर प्रदेश के बांधवगढ़ निवासी बच्चू जोशी, लवलेश गोस्वामी, मिथिलेश गोस्वामी, विधायक गोस्वामी, गुलाब जोशी और रामस्वरूप गोस्वामी आदि भिक्षा मांगने पोलाहा गांव गए हुए थे. आर्टिकल में शामिल तस्वीरें देखने पर साफ हो जाता है कि व्हाट्सऐप पर शेयर किये गए दोनों वीडियोज़ रायसेन में हुई घटना के ही हैं.

सोर्स : Oneindia Hindi
सोर्स: वनइंडिया हिंदी

आगे, ऑल्ट न्यूज़ ने मंडीदीप पुलिस स्टेशन में बात की. वहां के SHO मनोज सिंह ने हमें बताया कि ये आरोपी, साधुओं का भेष बनाकर हाथ सफाई का काम करते हैं. गांववालों ने इन्हें पकड़कर पीटा था और बाद में पुलिस ने मामला दर्ज कर इनको जेल भी भेजा था.

ऑल्ट न्यूज़ ने रायसेन के SP विकास कुमार सहवाल से भी बात की. एसपी ने हमें बताया कि ये घटना गांववालों द्वारा बच्चा चोरी करने पहुंचे साधुओं की नहीं थी. उन्होंने कहा कि ये साधु गांव में पूजा करने आए थे. पूजा में रखने के लिए उन्होंने महिला से सोने और चांदी के ज़ेवर मांगे. हाथ की सफाई करते हुए उन्होंने वो गहने रख लिए और महिला को पता चलता उससे पहले वो वहां से फरार हो गए. फिलहाल इस मामले में केस दर्ज कर पुलिस ने आरोपियों को जेल भेज दिया है.

वायरल ऑडियो क्लिप में बच्चा चोरी को लेकर किये गए दावों का कोई ठोस सबूत नहीं है. ऐसी अफ़वाहों पर सज्ञान लेते हुए सीतापुर के एसपी ने वीडियो स्टेटमेंट जारी किया था. उन्होंने लोगों से अपील की थी कि बच्चा चोरी की अफ़वाहों पर ध्यान न दें और इन अफ़वाहों के सदर्भ में पुलिस को सूचना दें.

यानी, ये वीडियोज़ साधु के भेष में घूमनेवाले किसी बच्चा चोर के पकड़े जाने का नहीं है. असल में रायसेन के एक गांव से लोगों ने साधुओं के भेष में घूमनेवाले चोरों को पकड़ा था.

वाराणसी में बच्चा चोर बताकर साधुओं की तस्वीर शेयर

30 अगस्त को प्रखर पूर्वाञ्चल नामक वेबसाइट ने खबर दी कि वाराणसी से 2 साधुओं के कथित रूप से बच्चा चोर होने के आरोप में हिरासत में लिया गया है. (आर्काइव लिंक)

KTG समाचार नाम की एक और वेबसाइट ने भी ये खबर पब्लिश की. आर्टिकल के मुताबिक, ये घटना वाराणसी ज़िला के फूलपुर थाना क्षेत्र में हुई है.

ऑल्ट न्यूज़ ने फूलपुर थाना में संपर्क किया. वहां के SHO जगदीश कुशवाहा ने बताया कि कोई बच्चा चोरी घटना नहीं हुई थी. लोगों को 2 साधुओं पर संदेह हुआ और बाद में पुलिस को इस बारे में बताया गया. SHO ने कहा, “हमने इन दोनों साधुओं को थाने में बुलाया. हमें मालूम हुआ कि ये लोग पंजाब के रहनेवाले हैं. इस आधार पर साधुओं के गांव के प्रधान और पुलिस, दोनों से बातचीत की. लेकिन हमें कुछ भी संदेहजनक नहीं लगा. बाद में उन्हें छोड़ दिया गया.”

गौर करें कि पहले भी बच्चा चोरी की अफवाहों के चलते भीड़ ने मानसिक रूप से बीमार या संदिग्ध व्यक्तियों को पीटा है. ऑल्ट न्यूज़ हमेशा की तरह ऐसी घटनाओं की सच्चाई लोगों के सामने लाता रहा है. ताकि अफ़वाहों की वजह से किसी निर्दोष की जान न चली जाए.

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