24 अक्टूबर को भारतीय क्रिकेट टीम ने टी-20 वर्ल्ड कप 2021 का अपना पहला मैच खेला. ये मैच पाकिस्तान के ख़िलाफ़ था. दुबई में खेले गए इस मैच में भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा और इस तरह पाकिस्तान की क्रिकेट टीम ने पहली बार किसी भी फ़ॉर्मेट के वर्ल्ड कप में भारतीय को टीम को हराया.

इस नतीजे के बाद सोशल मीडिया का भारतीय हिस्सा काफ़ी ऐक्टिव रहा जो लाज़मी भी था. भारतीय गेंदबाज़ मोहम्मद शमी को ऑनलाइन टार्गेट किया गया. इस ट्रोलिंग के ख़िलाफ़, अमूमन तटस्थ रहने वाले लोगों तक ने आवाज़ उठायी. लेकिन इस टार्गेटिंग के अलावा भी एक ऐसी चीज़ को हवा मिली जो मिस-इन्फ़ॉर्मेशन में दायरे में आती है. ये था भारतीय बल्लेबाज़ केएल राहुल के आउट होने का मौका. सोशल मीडिया पर अचानक ही ये बात कही जाने लगी कि जिस गेंद पर केएल राहुल बोल्ड आउट हुए, वो गेंद नो बॉल थी. ऐसा दावा करने वालों के अनुसार गेंद फेंकते वक़्त शाहीन शाह अफ़रीदी का पैर क्रीज़ से बाहर था लेकिन अम्पायर ने इसपर ध्यान नहीं दिया और इसका ख़ामियाज़ा भारत को भुगतना पड़ा

शिव शर्मा नाम के ट्विटर यूज़र ने रविवार की शाम 7 बजकर 55 मिनट पर, यानी केएल राहुल के आउट होने के कुछ मिनट बाद ही, ये तस्वीर ट्वीट की और कहा कि केएल राहुल नो-बॉल पर आउट क़रार दिये गए. इस रिपोर्ट के लिखे जाने तक उनके ट्वीट को 215 बार रीट्वीट किया जा चुका है. (ट्वीट का आर्काइव किया गया लिंक)

यूट्यूबर आशीष चंचलानी के एक ट्वीट पर जवाब देते हुए ऋषि बजाज नाम के एक यूज़र ने तो इस मैच को फ़िक्स हुआ बता दिया. इन्होंने भी यही दावा किया कि केएल राहुल को नो-बॉल पर आउट क़रार दिया गया और सबूत के लिये उन्होंने एक तस्वीर भी लगायी. इस ट्वीट को भी खासी मात्रा में लाइक और रीट्वीट मिले. (ट्वीट का आर्काइव किया गया लिंक)

इतना ही नहीं, पूर्व भारतीय क्रिकेटर और सोशल मीडिया पर अपने कमेंट्स के जाने जाने वाले वीरेन्द्र सहवाग ने अपने ऑनलाइन शो ‘वीरूगिरी’ में भी यही बात कही. सहवाग ने यहां कहा, “…और इसके तुरंत बाद कड़क लौंडे राहुल भी शाहीन अफ़रीदी के द्वारा 3 रन बनाकर बोल्ड हो गये. हालांकि बाद में, रीप्लेज़ में पता चला कि शाहीन ने वो ओवरस्टेप किया था और नो-बॉल थी.” इसके बाद सहवाग ने अम्पायर का मज़ाक भी उड़ाया. सहवाग ने अम्पायर को राकेश रोशन की फ़िल्म ‘कोई मिल गया’ के लीड कैरेक्टर रोहित की तरह बताया जिसे एक वक़्त पर कुछ दिखायी नहीं देता है. आपको बता दें कि वीरेन्द्र सहवाग भारतीय क्रिकेट बोर्ड के कमेंट्री पैनल में रह चुके हैं. भारतीय क्रिकेट टीम के 2020-21 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर वो हिंदी में कमेंट्री कर रहे थे.

फ़र्स्ट इंडिया न्यूज़ राजस्थान ने फ़ेसबुक पर एक क्लिप अपलोड की. इसमें न्यूज़ ऐंकर भी यही जानकारी देती हुई देखी जा सकती हैं कि विश्व कप के मैच में विवादस्पद फैसला दिया गया और केएल राहुल जिस गेंद पर आउट हुए थे, वो नो-बॉल थी.

भारत पाक मैच पर विवाद ! नो बॉल पर आउट हुए KL Rahul

भारत पाक मैच पर विवाद ! नो बॉल पर आउट हुए KL Rahul
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Posted by First India News Rajasthan on Monday, 25 October 2021

ज़ी न्यूज़ के सेक्शन ज़ी सलाम ने एक आर्टिकल पब्लिश किया जिसमें ये बताया गया कि केएल राहुल जिस गेंद पर आउट हुए, उसके बारे में सोशल मीडिया पर ये दावा किया जा रहा है कि वो नो-बॉल थी. पूरे आर्टिकल में कहीं भी ये नहीं बताया गया कि ये दावा कितना सही है और कितना ग़लत.

फ़ेसबुक और ट्विटर पर इस कथित नो-बॉल की ख़ूब बात हुई. यूट्यूब पर भी कुछ चैनल ने यही दावा किया जिसे हजारों व्यूज़ मिले.

नहीं थी ये नो-बॉल

शाहीन अफ़रीदी ने अपने दूसरे ओवर की पहली गेंद क्रीज़ में रहकर ही फेंकी थी और ये नो-बॉल नहीं थी. सोशल मीडिया पर किये जा रहे दावे और वीरेन्द्र सहवाग की कही गयी बात सही नहीं है. केएल राहुल के आउट होने के बाद, जब वो पवेलियन की ओर जा रहे थे, उस वक़्त टीवी पर साइड-ऑन ऐंगल से गेंदबाज़ के छोर का रीप्ले दिखाया जा रहा था. वायरल हो रही तस्वीर उसी मौके की है.

लेकिन तस्वीर में महज़ एक ही फ़्रेम आता है और क्रिकेट देखने वालों को ख़ूब मालूम होगा कि इस खेल में एक-एक फ़्रेम का कितना महत्व होता है.

वायरल हो रही तस्वीर देखने पर ये भ्रम ज़रूर होता है कि चूंकि शाहीन अफ़रीदी का पैर क्रीज़ से बाहर है इसलिये ये नो-बॉल होगी. लेकिन असल में, उस मौके का वीडियो देखने पर सारी असलियत सामने आ जाती है. जब शाहीन अफ़रीदी गेंद फेंकने के लिये क्रीज़ पर आते हैं, उनका पैर लाइन के पीछे ही पड़ा था. नीचे के फ़्रेम को देखने पर ये क्लियर हो जाता है.

लेकिन गेंद फेंकने के क्रम में ज़मीन पर पड़ने के बाद उनका पैर आगे की ओर खिसक गया. और ऐसा होने पर गेंद नो-बॉल नहीं घोषित की जाती है. आप वीडियो को गौर से देखेंगे को पायेंगे कि शाहीन अफ़रीदी का पैर क्रीज़ के अंदर ही गिरा था.

कमेंट्री कर रहे नासिर हुसैन के शब्दों में भी आपको ये बात सुनने को मिलती है कि ये नो-बॉल नहीं थी. लेकिन ज़ाहिर सी बात है कि ये सभी डीटेल्स तस्वीर में नहीं समा सकते और इसी वजह से जाने और अनजाने में लोगों ने ये ग़लत जानकारी फैलाई कि वो एक नो-बॉल थी.

लेकिन वीरेन्द्र सहवाग और न्यूज़ चैनलों को इस बात की छूट कभी भी नहीं मिलनी चाहिये कि उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रही बातों के आधार पर ये कह दिया कि वो गेंद लीगल नहीं थी. सहवाग न केवल अच्छी फ़ॉलोविंग रखते हैं, बल्कि पूर्व खिलाड़ी भी हैं और बतौर एक्सपर्ट बड़े-बड़े प्लेटफ़ॉर्म्स पर जाते हैं. ऐसे में क्रिकेट को लेकर उनकी कही हर बात वज़न रखती है. और न्यूज़ चैनल्स तो न्यूज़ चैनल्स हैं. उनपर ख़बरों की सच्चाई पता करते रहने की जितनी ज़िम्मेदारी है, उतनी शायद ही किसी और के पास हो.

क्या है पैर की नो-बॉल दिए जाने का नियम?

आईसीसी की नियम संख्या 21.5 पैर की नो-बॉल से डील से करती है. इसमें नियम 21.5.1 कहता है कि गेंदबाज़ का पैर रिटर्न क्रीज़ पर खींची गयी रेखा के अंदर गिरना चाहिये न कि उसके ऊपर या उसके बाहर. यहां ‘गिरना’ (अंग्रेज़ी में ‘land’) शब्द बेहद महत्वपूर्ण है. इसका मतलब ये है कि गिरने के बाद अगर पैर खिसकता है, तो वो मायने नहीं रखेगा.

 

क्रिकेट के नियम बनाने वाली संस्था एमसीसी का ये वीडियो भी इस खेल में पैर की नो-बॉल के नियमों को समझाता है. इसके पहले हिस्से में पैर के रिटर्न क्रीज़ पर गिरने से जुड़ा नियम बताया गया है. साफ़ दिखता है कि नियम में पैर का गिरना ही देखा जाता है और गेंद फेंकते हुए वो बाद में उठ जाये, तो भी नो-बॉल नहीं दी जाती है.

यानी, ये साफ़ होता है कि सोशल मीडिया पर, न्यूज़ चैनल पर और बाकी वीडियोज़ में किये गए वो सभी दावे, जो ये कह रहे हैं कि केएल राहुल नो-बॉल पर आउट दिये गए, ग़लत हैं.

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Ketan is Senior Editor at Alt News Hindi.