पिछले साल राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने तीन कृषि कानूनों पर मुहर लगायी थी. किसानों का एक बड़ा तबका इन कानूनों के ख़िलाफ़ लगातार प्रदर्शनरत है. कानून बनने के एक साल बाद, 27 सितंबर को सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक 40 कृषि संघों के एक संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने भारत बंद का ऐलान किया था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक किसान आंदोलन की शुरुआत से लेकर अब तक करीब 700 किसानों की मौत हो चुकी है.

इसी मामले को लेकर कई यूज़र्स एक तस्वीर शेयर करते हुए दावा किया कि उनके शहर ने SKM के साथ कोई एकजुटता नहीं दिखाई. ट्विटर यूज़र @Shubham__Pathak ने तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, “मेरा शहर पूरी तरह खुला है. सूरत भारत बंद का समर्थन नहीं करता है.”

इस तस्वीर को पुणे, सुल्तानपुर और पटना का बताकर भी शेयर किया गया है.

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पटना की पुरानी तस्वीर

ऑल्ट न्यूज़ ने रिवर्स इमेज सर्च करने पर पाया कि ये तस्वीर 2016 में पटना बीट्स वेबसाइट ने पोस्ट की थी. ये रिपोर्ट पटना में ऑड-इवन पार्किंग योजना शुरू होने के बारे में थी.

तब से, इस तस्वीर को दैनिक भास्कर सहित हिंदी भाषा की अलग-अलग वेबसाइट्स ने इस्तेमाल किया है.

कुल मिलाकर, चालू किसान विरोध प्रदर्शन के भारत बंद को बेअसर दिखाने के लिए पटना के ट्रैफ़िक की 5 साल पुरानी तस्वीर शेयर की गयी.


रूसी आर्टिस्ट की कृष्ण और पांडवों की पेंटिंग को लोगों ने पंजशीर पैलेस में मौजूद पेंटिंग बताया:

ग़लत
दावा:
किसान संगठनों के भारत बंद एलान का समर्थन नहीं कर रहे लोग, भारत खुला है.

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