हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल है. इसमें एक महिला को पीछे से लात मारते हुए एक पुलिसकर्मी को देखा जा सकता है. साथ ही वहां आस-पास कई और पुलिसकर्मी भी दिख रहे हैं. कुछ यूज़र्स और न्यूज़ मीडिया दावा कर रहे हैं कि ये तस्वीर हरियाणा के हिसार में सफाई कर्मचारियों के प्रदर्शन के दौरान की है, जब सफाई कर्मचारियों और पुलिसकर्मी के बीच टकराव हुआ था.

आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के कार्यकर्ता महेश पहवाल ने एक्स पर तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, “हिसार में महिला सफाई कर्मचारी को लात मारने का वीडियो बेहद शर्मनाक है। विरोध करने का अधिकार कानून देता है, और कानून तोड़ने पर कार्रवाई भी कानून के तहत होनी चाहिए. लेकिन पुलिस को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है, हरियाणा सरकार वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मी पर कार्रवाई करे. वर्दी जनता की सुरक्षा के लिए है, किसी महिला को लात मारने के लिए नहीं.”

डिजिटल मीडिया नेशनल दस्तक, कांग्रेस कार्यकर्ता विजय थोत्ताथिल, एक्स-यूज़र मनजीत सिंह नोटियाल, एक्स-हैंडल @domaparisangh समेत कई एक्स-यूजर्स, फेसबुक और इंस्टाग्राम यूजर्स भी तस्वीर को ऐसे ही दावे के साथ शेयर कर रहे हैं.

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द मूकनायक न्यूज़ मीडिया ने भी हरियाणा के हिसार में सफाई कर्मचारियों और पुलिसकर्मी के बीच टकराव वाली एक रिपोर्ट में इस तस्वीर का इस्तेमाल किया.

फ़ैक्ट-चेक

ऑल्ट न्यूज़ ने वायरल तस्वीर को ग़ौर से देखने पर इसमें कई असामान्यताएं पायी. जैसे कि तस्वीर में महिला को लात मार रहे पुलिसकर्मी के पीछे एक अन्य पुलिसकर्मी का शरीर अस्वाभाविक तरीके से जुड़ा हुआ दिखाई देता है, उसके पैर और शरीर का कुछ हिस्सा गायब नजर आता है. वहीं एक पुलिसकर्मी की वर्दी में भी आस्तीन की बनावट असामान्य है और सफेद रंग के कपड़े पहने व्यक्ति के कपड़े की बनावट भी अलग नजर आ रही है.

इसके अलावा तस्वीर में पुलिसकर्मी अलावा सादे कपड़ों में मौजूद सामान्य लोगों के जूते भी पुलिसकर्मियों के जूतों जैसे ही दिखाई दे रहे हैं. साथ ही लोगों के चेहरें के हाव भाव और चेहरे व हाथ की बनावट भी अप्राकृतिक नजर आ रही है ऐसी त्रुटियां या विसंगतिया अक्सर हमें AI जनरेटेड तस्वीरें और वीडियो में देखने को मिलती हैं.

आगे, हमने इसे AI डिटेक्शन टूल से चेक किया और पाया कि इस तस्वीर के AI-जनरेटेड होने की लगभग 99% संभावना बताई गई.

जांच के दौरान हमें, हिसार पुलिस के आधिकारिक एक्स-हैंडल पर 2 सितंबर 2026 का एक पोस्ट मिला. इस पोस्ट में हिसार पुलिस ने वायरल तस्वीर को फेक बताते हुए दो आरोपियों की गिरफ़्तारी की जानकारी दी.

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने ChatGPT को कमांड देकर ये तस्वीर बनवाई थी. चैट GPT को एक पुलिसकर्मी द्वारा महिला सफाई कर्मचारी को पीछे से लात मारते हुए “अल्ट्रा रियलिस्टिक” तस्वीर बनाने के लिए कहा गया था.

हिसार पुलिस की इस जानकारी से पुष्टि होती है कि वायरल तस्वीर AI से बनाई गई थी. यानी, हिसार में पुलिस और सफाई कर्मचारियों के बीच हुए टकराव की घटना के बाद एक AI-जनरेटेड तस्वीर बनाकर शेयर किया गया.

दैनिक भास्कर‘ की एक रिपोर्ट में हरियाणा के हिसार में पुलिस और सफाई कर्मचारियों के बीच टकराव की जानकारी और विजुअल प्रकाशित किया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, 1 सितंबर 2026 को हिसार में पूर्व डिप्टी सीएम के आवास के सामने नगर निगम की कचरा उठाने वाली गाड़ियों को पुलिस सुरक्षा में ले जाया गया था. इस दौरान प्रदर्शनकारी सफाई कर्मचारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई. रिपोर्ट में एक पुलिसकर्मी द्वारा एक महिला सफाई कर्मचारी को धक्का दिए जाने का वीडियो सामने आने की बात भी कही गई है.

रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त से हरियाणा के सफाई कर्मचारियों के कच्चे (ठेका) के काम के जगह अपनी नियमितीकरण (पक्का करने) और अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. इस दौरान अब तक 8 बार पुलिस और प्रदर्शनकारी सफाई कर्मचारियों के बीच भारी टकराव की घटना सामने आ चुकी हैं. इस रिपोर्ट के अलावा हमने और भी मीडिया रिपोर्ट्स देखें लेकिन हमें वायरल तस्वीर किसी भी रिपोर्ट या विश्वनीय स्रोत पर नहीं मिला.

कुल मिलाकर, हिसार में सफाई कर्मचारियों और पुलिस के बीच 1 सितंबर 2026 को टकराव हुई थी. इस घटना से जोड़ते हुए दो लोगों ने AI के मदद से महिला सफाई कर्मचारी को लात मारते पुलिस की एक तस्वीर बनाई, जिसे मूकनायक समेत कई यूज़र्स असल तस्वीर मानकर शेयर करने लगे. हिसार पुलिस ने वायरल तस्वीर को फेक बताते हुए AI-तस्वीर बनाने के आरोप में उन दो लोगों की गिरफ्तारी की है.

ग़लत
दावा:
हिसार में महिला सफाई कर्मचारी को लात मारने का वीडियो बेहद शर्मनाक है

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