‘सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जीत के बाद बड़ी संख्या में अवैध बांग्लादेशी अप्रवासी पश्चिम बंगाल से भाग रहे हैं.
इंस्टाग्राम यूज़र ‘theiconictrolls’ ने वीडियो पोस्ट किया और इसे 350,000 से ज़्यादा बार देखा गया.
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X यूज़र ‘उत्तरांध्रनाउ’ ने भी ये वीडियो इसी दावे के साथ पोस्ट किया. इस पोस्ट को 2,500 लाइक्स और करीब 200,000 बार देखा गया है. (आर्काइव)
బెంగాల్ ను వదిలి ఎక్కడికి పోతున్నారు వీరంతా ?
మొన్నటి నుండే మొదలయిన ప్రయాణాలు. pic.twitter.com/puAzbr3pBY— UttarandhraNow (@UttarandhraNow) May 5, 2026
‘यत्नाल हिंदू सेने’ नामक एक अन्य X यूज़र ने यही वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, “सभी बांग्लादेशी जिहादियों को ज़ल्द ही बाहर निकाला जाना चाहिए, बस देखें कि एक क्षेत्र में कितने जिहादी P!gs हैं.” इस पोस्ट को 200,000 से ज़्यादा बार देखा गया है. (आर्काइव)
All Bangladeshi Jihadisss must be kicked out soon, just watch how many jihadiiii P!gs in one area. pic.twitter.com/3ynTH1ZN0d
— 🔱🚩YATNAL HINDU SENE 🚩🔱 (@yathnalabhimani) May 5, 2026
इसी वीडियो को अन्य सोशल मीडिया यूज़र्स द्वारा एक समान दावे के साथ पोस्ट किया गया है जिस वजह से यह वायरल है.
ऑल्ट न्यूज़ को अपने व्हाट्सऐप हेल्पलाइन पर वीडियो को वेरिफ़ाई करने के लिए कई रिक्वेस्ट मिलीं.
फ़ैक्ट-चेक
वीडियो में ही ‘प्रेजेंटेटर’ कहता है कि भीड़ एक इज्तेमा में भाग लेने के लिए जा रही है.
हमने वायरल वीडियो के कुछ कीफ़्रेम्स के साथ एक रिवर्स इमेज सर्च किया, मालूम चला कि दीप घोष नामक एक कंटेंट क्रिएटर ने 5 जनवरी, 2026 को अपने इंस्टाग्राम हैंडल ‘यूट्यूबर्डिप‘ से यही वीडियो अपलोड किया था. कैप्शन में लिखा है: ‘बिस्वा इज्तेमा 2026 पागल भीड़.’
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17 सेकंड पर वो कहता है, “विश्व इज्तेमा हमारे क्षेत्र में हो रहा है, जहां दुनिया भर से मुसलमान भाग लेने आए हैं.”
एक कीवर्ड सर्च करके, हम इस फ़ैक्ट को वेरिफ़ाई किया कि एक वैश्विक इज्तेमा या विश्व इज्तेमा, भारतीय उपमहाद्वीप के मुसलमानों की एक धार्मिक सभा, 2 से 5 जनवरी, 2026 तक हुगली ज़िले के धानेखली विधानसभा क्षेत्र में आयोजित की गई थी. चार दिवसीय सभा इस क्षेत्र में 34 साल के अंतराल के बाद हुई थी.
बंगाली अखबार आनंदबाज़ार पत्रिका ने इस कार्यक्रम को कवर किया. 2 जनवरी को पब्लिश रिपोर्ट यहां पढ़ी जा सकती है. ई समय की एक और रिपोर्ट यहां पढ़ी जा सकती है. दोनों रिपोर्ट में धार्मिक बैठक में भारी भीड़ का ज़िक्र किया गया है.

कुल मिलाकर, जनवरी के एक मुस्लिम धार्मिक मण्डली से संबंधित एक वीडियो को भाजपा की जीत के बाद अवैध अप्रवासियों के बंगाल छोड़ने के ग़लत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है.
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