केरल में 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद, सोशल मीडिया पर कुछ वीडियोज़ वायरल हो रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि केरल के लोग यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की जीत का जश्न पाकिस्तानी झंडे लहराकर मना रहे हैं. कुछ यूज़र्स और इन्फ़्लुएंसर कह रहे हैं कि सबसे साक्षर राज्य केरल में कांग्रेस के जीत के जश्न में खुले आम सड़कों पर लोग पाकिस्तान का झंडा लहराया जा रहा है.
इस आर्टिकल में हम ऐसे तीन वीडियोज़ की सच्चाई बताएंगे जिन्हे पाकिस्तानी झंडे लहराए जाने के दावे के साथ शेयर किया जा रहा है.
पहला वीडियो
कंटेंट क्रिएटर ऋषभ कुमार ने Picture-in-Picture (PiP) commentary स्टाइल में वीडियो बनाकर टिप्पणी करते हुए दावा कि केरल विधानसभा चुनाव 2026 में कांग्रेस की जीत के बाद निकाली गई रैली में कांग्रेस के झंडों के साथ ‘पाकिस्तानी झंडे’ भी लहराए जा रहे थे.
ऋषभ कुमार ने अपने फेसबुक और इंस्टाग्राम पर इसे शेयर किया, केवल इंस्टाग्राम पर 56 लाख से ज्यादा लोगों ने ये वीडियो देखा.
ऋषभ के इस वीडियो को अन्य यूज़र्स फेसबुक, इंस्टग्राम और एक्स पर पाकिस्तानी झंडे लहराने के दावे से शेयर कर रहे हैं.
दूसरा वीडियो
इसमें हरे रंग के कार और हरे झंडे हाथों में लिए लोग जश्न मनाते दिख रहे हैं. इसमें वामपंथी पार्टी और अन्य राजनीतिक पार्टी के झंडे भी नज़र आ रहे हैं. हिंदू पोस्ट ने अपने फेसबुक और इंस्टाग्राम पर शेयर करते हुए लिखा. “सबसे साक्षर राज्य केरल की ये हालत लोग खुले आम सड़कों पर पाकिस्तान का झंडा लहरा रहे है.”
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यही वीडियो फेसबुक, इंस्टग्राम और एक्स पर कई अन्य यूजर्स ने इन्हीं दावों के साथ शेयर किया है.
तीसरा वीडियो
इस वीडियो में भीड़ को हाथों में राजनीतिक झंडे लहराते हुए डीजे की धुन पर नाचते, जश्न मनाते हुए देखा जा सकता है. एक्स-यूज़र पुष्पराज शर्मा ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “केरल नया पाकिस्तान बनने की ओर अग्रसर हैं केरल में पाकिस्तानी झंडा लहरा रहा है और भारत के तिरंगे से अशोक चक्र गायब है.”
केरल नया पाकिस्तान बनने की ओर अग्रसर….
पाकिस्तानी झंडा लहरा रहा है और भारत के तिरंगे से अशोक चक्र गायब है….
केंद्र सरकार को समय रहते इस पर ध्यान देना चाहिए नहीं तो बहुत देर हो जाएगी…. pic.twitter.com/4Ses1wuQrg
— Pushpraj sharma (@ThePushprajX) May 8, 2026
ये वीडियो भी फेसबुक और इंस्टाग्राम पर ऐसे ही दावे के साथ वायरल है.
फैक्ट-चेक
वायरल वीडियोज़ में दिख रहे हरे झंडे असल में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) पार्टी के हैं. 1947 में भारत के विभाजन के बाद, अखिल भारतीय मुस्लिम लीग को औपचारिक रूप से भंग कर दिया गया और इसकी जगह मुस्लिम लीग के भारतीय खंड ने ले ली. भारतीय खंड की पहली परिषद 10 मार्च 1948 को दक्षिण भारतीय शहर मद्रास (अब चेन्नई ) में आयोजित की गई थी, पार्टी ने अपना नाम बदलकर ‘इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML)‘ कर लिया.

पाकिस्तान के झंडे में एक सफेद पट्टी व गहरे हरे रंग पर सफेद अर्धचंद्र और तारा बना होता है. हरे रंग के पट्टी पर अर्धचंद्र और तारा, सफेद रंग के पट्टी या ध्वजदंड (Flagpole) के विपरीत दिशा में बना होता है. जबकि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) पार्टी फ्लैग में केवल गहरे हरे रंग पर एक सफेद अर्धचंद्र और तारा ध्वजदंड (Flagpole) की दिशा बना रहता है. साथ ही IUML पार्टी फ्लैग में सफेद खड़ी पट्टी नहीं होती. नीचे तस्वीरों में पाकिस्तान के झंडे और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के पार्टी झंडे में अंतर साफ-तौर पर देख सकते हैं. हमने बारी-बारी से तीनों वीडियोज़ के स्क्रीनग्रैब की तुलना दोनों झंडों से की और जैसा कि आप देख सकते हैं, इनमें कहीं भी पाकिस्तानी झंडे नहीं दिख रहे हैं.
पहला वीडियो जिसमें कंटेंट क्रिएटर ऋषभ कुमार ने पाकिस्तान झंडे लहराने का दावा किया, उस वीडियो में एक यूज़रनेम ‘@mirshus_photography’ लिखा नज़र आ रहा है. इसे सर्च करने पर हमें Mirshus Photography नाम का एक इंस्टाग्राम पेज मिला जो कि केरल के मलप्पुरम क्षेत्र का है. इंस्टाग्राम पेज पर ये वीडियो 4 मई 2026 को अपलोड किया गया था. यानी, ये उसी दिन का वीडियो है जब केरल विधानसभा चुनाव 2026 के परिणाम आए थे. वीडियो में केरल के मलप्पुरम विधानसभा क्षेत्र के विधायक और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) नेता पी.के. कुन्हालीकुट्टी रैली के दौरान लोगों का अभिवादन करते नज़र आ रहे हैं.
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बता दें कि मलप्पुरम विधानसभा क्षेत्र से इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) नेता पी.के. कुन्हालीकुट्टी ने चुनाव लड़ा था और उन्होंने 85 हज़ार से अधिक वोटों के अंतर से जीत दर्ज की.

इस बड़ी जीत के बाद पी.के. कुन्हालीकुट्टी मलप्पुरम में जीत के जश्न रैली के दौरान अपने समर्थकों का अभिवादन करते नज़र आये जिनका वीडियो उन्होंने अपने सोशल मीडिया फेसबुक और इंस्टग्राम पर शेयर किया.
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दूसरे वायरल वीडियो के कीफ़्रेम को रिवर्स इमेज सर्च करने से यही वीडियो 7 अप्रैल 2026 को ‘Shebi Koyissan’ नामक इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपलोडेड मिला. इसके कैप्शन और वीडियो में दिख रहे पोस्टर व गाड़ी में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के नेता के.एम. शाजी के बने चित्र से पता चल रहा है कि ये केरल विधानसभा 2026 चुनाव में 9 अप्रैल के मतदान होने से ठीक पहले एक चुनावी रैली के आयोजन के दौरान का वीडियो है जिसमें लोग केरल के वेंगारा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव पर खड़े इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के नेता के.एम. शाजी और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) का समर्थन करते दिख रहे हैं.
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वहीं तीसरा वायरल वीडियो भीड़ हाथों में राजनीतिक झंडा लिए डीजे गाने पर झूमती दिख रही है, उस वीडियो के की फ़्रेम को रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें ये 4 मई 2026 को ‘Craft Burner’ नामक इंस्टाग्राम पेज पर अपलोडेड मिला. इसके कैप्शन में बताया गया वेंगारा में IUML नेता के.एम. शाजी के चुनाव में जीत के जश्न का वीडियो है. साथ ही कैप्शन में #iuml #iumlkerala #udf #udfkerala भी लिखा था.
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इन सबके अलावा, वायरल वीडियोज़ में दावा किया गया था कि बिना अशोक चक्र के भारतीय राष्ट्रीय झंडा लहराया जा रहा है. पाठक गौर करें कि केरल राज्य का यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेतृत्व वाला राजनीतिक दलों का गठबंधन है और वर्तमान में इस गठबंधन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, केरल कांग्रेस (जोसेफ), केरल कांग्रेस (जैकब), क्रांतिकारी समाजवादी पार्टी समेत कई अन्य छोटी पार्टियां भी शामिल हैं.
अगर हम सभी वायरल वीडियोज़ को ध्यानपूर्वक देखें, तो कई तीन रंग वाले फ्लैग में चरखा बना हुआ या हाथ के पंजे का निशान बना हुआ या बिना निशान का नज़र आता है. असल में जो तीन रंगों के झंडे नज़र आ रहे हैं, वो कांग्रेस पार्टी के झंडे हैं जो कि भारत के राष्ट्रीय झंडे के समान ही तीन रंगों से बना होता है और झंडे में अशोक चक्र की जगह कभी चरखा तो कभी पंजे के निशान या कभी कुछ अलग चिह्न बना हुआ या केवल सिर्फ़ तीन रंग का झंडा भी देखने को मिल जाता है.
कुल मिलाकर, केरल के चुनावी प्रचार और जीत के जश्न प्रदर्शन के वीडियो में लहराए गए इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) पार्टी के हरे रंग के झंडे को सोशल मीडिया यूजर्स और इंफ्लुएंसर पाकिस्तानी झंडा बताकर झूठा दावा कर रहे हैं. केरल को लेकर सबसे साक्षर राज्य होकर राष्ट्रविरोधी होने जैसे अपमानजनक टिप्पणी भी कर रहे हैं.
यह कोई पहली घटना नहीं हैं ऑल्ट न्यूज़ ने कई मौकों पर सोशल मीडिया यूजर्स और राइट विंग इंफ्लुएंसर द्वारा इस्लामिक झंडे या मुस्लिम लीग के झंडे को पाकिस्तानी झंडा बताकर भारत में लहराए जाने के झूठे दावे करते हुए पाया है.
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