बिहार के नवादा ज़िले में भीड़ ने एक मुस्लिम युवती को घेरकर परेशान किया और उसके साथ मौजूद लड़के से जबरन उसकी मांग में सिंदूर भरवा दिया. इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कुछ लोगों ने इसे सांप्रदायिक रंग देते हुए यह दावा किया कि लड़का हिन्दू है और लड़की मुस्लिम धर्म से है. हालांकि, नवादा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले की सच्चाई सामने ला दी है और सांप्रदायिक दावों को पूरी तरह से भ्रामक बताया.

घटना 2 जुलाई 2026 की दोपहर करीब 1:00 बजे की है. युवती नवादा के प्रोजेक्ट कन्या +2 गोविंदपुर में परीक्षा देकर अपने फुफेरे भाई के साथ घर लौट रही थी. तेज़ गर्मी के कारण, वे लोग थाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत मधोपुर के पास एक पेड़ की छांव में पानी पीने के लिए रुके थे. इसी दौरान कुछ लड़कों की भीड़ ने उन्हें घेर लिया. असामाजिक तत्वों ने बदसलूकी करते हुए युवती का नकाब जबरन हटवा दिया और उसके साथी को बार-बार उसकी मांग में हिंदू विवाह की रस्म के अनुसार सिंदूर भरने पर मजबूर किया.

भीड़ में शामिल कुछ लोग हिन्दू अनुष्ठान के नारे भी लगाते रहे और वहाँ मौजूद लोगों ने यहां तक कहा कि अभी सिंदूर लगा दो, बाद में मुस्लिम रीति से शादी कर लेना. पीड़ित लगातार गुहार लगाते रहे, लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी. जब दोनों ने वहां से बाइक पर भागने की कोशिश की, तब भी मनचलों ने उनका पीछा किया और वीडियो बनाया.

8 जुलाई को जैसे ही ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, पुलिस ने तत्काल इसका संज्ञान लिया. नवादा पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय द्वारा 9 जुलाई को जारी की गई आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पुलिस ने वायरल वीडियो में दिख रही मोटरसाइकिल के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर जांच शुरू की. सामने आया कि बाइक मूल रूप से रजौली की पार्वती देवी के नाम पर रजिस्टर्ड थी, जिन्होंने इसे सिरदला निवासी फिरोजा खातून को बेच दिया था.

इसी सुराग के जरिए पुलिस पीड़ितों तक पहुंची और यह स्पष्ट किया कि युवक और युवती दोनों एक ही समुदाय (मुस्लिम) के हैं, उनके बीच पहले से संबंध हैं और वे आपसी सहमति से एक साथ यात्रा कर रहे थे. प्रेस नोट में बताया गया कि 9 जुलाई को युवती के आधिकारिक बयान के आधार पर थाली पुलिस स्टेशन में केस नंबर 139/26 दर्ज किया गया है.

इस पूरी कार्रवाई को लेकर नवादा के सदर-2 एसडीपीओ राहुल सिंह ने मीडिया को दिए अपने आधिकारिक बयान में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इस घटना में बीएनएस की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. पुलिस ने वीडियो में दिख रहे सभी पंद्रह असामाजिक तत्वों की पहचान कर ली है और इनमें से दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान थाली बाजार निवासी धर्मेंद्र कुमार, पिता नंदन लाल और माधोपुर निवासी बहादुर चौधरी, पिता कृष्ण चौधरी के रूप में हुई है. एसडीपीओ के मुताबिक, अन्य अभियुक्तों की पहचान कर ली गई है, और जल्द ही शेष अभियुक्तों की गिरफ़्तारी सुनिश्चित की जाएगी.

इस मामले का अपडेट जानने के लिए हमने नवादा पुलिस से संपर्क किया. उन्होंने कहा कि सारी जानकारी प्रेस रिलीज में दे दी गई है.