26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास अचानक आई विनाशकारी बाढ़ से नेपाल के कई ज़िलों — जैसे रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग और गोरखा में भारी तबाही हुई. इसमें 700 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई और 2,500 से ज़्यादा लोग लापता हो गए. ख़बरों के मुताबिक, बर्फ़ और चट्टानों के ग्लेशियल लैंडस्लाइड की वजह से ये अचानक बाढ़ आई, जिसने घरों, सड़कों, पुलों और बिजली संयंत्रों को नष्ट कर दिया.
इस तबाही के बाद, सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो क्लिप्स की भरमार हो गई जिनमें तबाही का मंज़र साफ़ दिख रहा था — बाढ़ के पानी की विशाल लहरों का पूरे गांवों से होकर गुज़रना, इमारतों का ढहना और लोगों का मलबे के नीचे बह जाना.
हालांकि, ऑल्ट न्यूज़ ने पाया कि सोशल मीडिया पर चल रहे इनमें से कई वीडियो असली नहीं थे. इनमें से कई वीडियो नेपाल के नहीं थे, बल्कि पिछले कुछ सालों में दुनिया भर में आई दूसरी आपदाओं के थे.
2025 उत्तराखंड बाढ़ की क्लिप
X यूज़र, सईद एरकान (@saidercan) ने 27 अगस्त को बाढ़ की ऊंची लहरों से हुई तबाही का एक वीडियो पोस्ट किया. क्लिप में पहाड़ी इलाके से बहती हुई एक तेज़ रफ़्तार नदी दिखाई देती है, जो आखिर में किनारे पर बने घरों को अपनी चपेट में लेकर पल भर में तबाह कर देती है. इस पोस्ट को 58 लाख से ज़्यादा बार देखा गया और 5 हज़ार से ज़्यादा बार रीशेयर किया गया. (आर्काइव)
ये पता लगाने के लिए कि क्या वीडियो नेपाल में आई बाढ़ का है, हमने इससे कई की-फ़्रेम्स लिए और उन पर रिवर्स इमेज सर्च किया. इससे हमें ‘द टाइम्स ऑफ़ इंडिया‘ की 5 अगस्त, 2025 की एक इंस्टाग्राम पोस्ट मिली, जिसमें यही फ़ुटेज था.
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कैप्शन में बताया गया है कि ये फ़ुटेज उत्तराखंड में बादल फटने से हुई तबाही का है. कैप्शन में लिखा है, “उत्तरकाशी ज़िले के धराली गांव में भारी तबाही मची है; खीर गंगा नदी के ऊपरी इलाके में बादल फटने से अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) के कारण कम से कम चार लोगों की मौत हो गई है और कई लोगों के लापता होने की आशंका है…”
दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट में भी इसी वीडियो का इस्तेमाल उत्तरकाशी में बादल फटने से हुए नुकसान का पैमाना दिखाने के लिए किया गया है. हमने संबंधित कीवर्ड्स के साथ सर्च किया और रॉयटर्स, बीबीसी, अल जज़ीरा, द हिंदू और अन्य स्रोतों से ऐसी ख़बरें पाईं जिनसे इस बात की पुष्टि होती है. इस तरह, X यूज़र द्वारा शेयर किया गया वीडियो असल में 2025 में उत्तराखंड में आई अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का है, न कि हाल ही में नेपाल में हुई तबाही का.
AI-जनरेटेड क्लिप
एक और मामले में, X यूज़र आयशा खान (@Ayesha0Khaan) ने एक वीडियो क्लिप पोस्ट की, जिसमें विशाल लहरें कारों, इमारतों और लोगों को बहा ले जाती दिख रही हैं. इस क्लिप को 1 मिलियन से ज़्यादा बार देखा गया. (आर्काइव)
X यूज़र रवि शंकर सिंह (@Ravishanka34381) ने भी इसी दावे के साथ ये क्लिप पोस्ट की. हालांकि, हमने वीडियो में कुछ कमियां देखीं — जैसे कि 5 सेकेंड टाइमस्टैम्प के आस-पास, बाढ़ के पानी के साथ बहते मलबे में अचानक एक पेड़ का लट्ठा दिखाई देता है, जिससे पता चलता है कि ये क्लिप AI-जनरेटेड हो सकती है.
हमने वीडियो को Hive के AI डिटेक्शन टूल से जांचा, जिससे हमारे शक की पुष्टि हुई; टूल ने दिखाया कि इस बात की 99.9% संभावना है कि वीडियो में AI से बना कंटेंट है.

2024 की चीन की घटना का क्लिप
न्यूज़ आउटलेट Medya Post (@medya_post) ने X पर एक क्लिप अपलोड की जिसमें बाढ़ की तेज़ लहरों में लगभग 15 लोग बहते हुए दिखाई दिए. कैप्शन में लिखा था: “नेपाल में आई बाढ़ के दौरान जो पर्यटक वीडियो और फ़ोटो लेना चाहते थे, वे पानी के तेज़ बहाव में बह गए और गायब हो गए.” सोशल मीडिया पर इस पोस्ट को बहुत ज़्यादा देखा गया, जिस पर 1.5 मिलियन से ज़्यादा व्यूज़ आए. (आर्काइव)
X पर दो और यूज़र्स, जिनके हैंडल (@JMNewsNetwork_) और (@redpillmd) हैं, ने भी यही वीडियो अपलोड किया था. इनमें से एक ने वीडियो को तब डिलीट कर दिया जब उसे 45 हज़ार से ज़्यादा बार देखा गया था.
क्लिप की असलियत का पता लगाने के लिए हमने ‘रिवर्स इमेज सर्च’ किया. हमें X पर एक पोस्ट मिली. ये पोस्ट असल में (@Arab_Storms) हैंडल वाले एक यूज़र ने 8 सितंबर, 2024 को अपलोड की थी.
التصوير اصبح اهم من الحياة #شاهد ❗️#الصين جرف المد القوي لنهر تشيانتانج العديد من الزوار الذين كانوا يحاولون التقاط صورة ،،،#Yagi pic.twitter.com/bdiEj7fk9b
— طقس_العالم ⚡️ (@Arab_Storms) September 8, 2024
कैप्शन के मुताबिक, ये वीडियो चीन का है और इसमें कियानतांग नदी की तेज़ लहरें किनारे पर फ़ोटो खींच रहे पर्यटकों पर हावी होती दिख रही हैं. ये घटना 2024 में एशिया के सबसे शक्तिशाली तूफ़ान ‘सुपर टाइफून यागी’ के कुछ दिनों बाद हुई थी और ‘द इंडियन एक्सप्रेस‘ व ‘न्यूज़फ्लेयर‘ ने भी इसकी रिपोर्ट की थी
पश्चिम बंगाल में भूस्खलन का वीडियो
TNT मीडिया (@TNT_Media1) नामक एक न्यूज़ आउटलेट ने एक क्लिप पोस्ट की जिसमें एक उंची जगह से मिट्टी का बहाव (मडस्लाइड) होते हुए दिखाया गया है. इसमें वहां मौजूद कुछ गाड़ियों और लोगों के बाल-बाल बचने का विजुअल्स भी है. अरबी भाषा में लिखे कैप्शन में दावा किया गया है कि ये डरावने विजुअल हाल ही में नेपाल में आए अचानक बाढ़ (फ़्लैश फ़्लड) से जुड़े हैं. (आर्काइव)
مشاهد مروعة من نيبال.. 😯😯 pic.twitter.com/N7f5jBl4i6
— 𝐓𝐍𝐓 (@TNT_Media1) August 26, 2026
हमने देखा कि वीडियो में दिख रही कार की नंबर प्लेट पर जो स्टेट कोड (WB) है, वो पश्चिम बंगाल का है. इसके अलावा, वीडियो रिकॉर्ड करने वाला व्यक्ति क्लिप शूट करते समय बंगाली भाषा में लोगों को लहरों से दूर रहने की चेतावनी दे रहा है.
वीडियो के कुछ खास हिस्सों (की-फ्रेम्स) पर रिवर्स इमेज सर्च करने से हमें ‘द डेली जागरण’ की ओर से 17 अगस्त को पोस्ट किया गया ये X पोस्ट मिला.
A biker had a narrow escape after a massive landslide struck the Bindu area of West Bengal’s Kalimpong district. Huge rocks, soil and debris suddenly came crashing onto the road as vehicles passed through.#Kalimpong #Landslide #WestBengal #Biker #ViralVideo #Monsoon pic.twitter.com/HgFLY7Dhjy
— The Daily Jagran (@TheDailyJagran) August 17, 2026
कैप्शन में बताया गया है कि वीडियो में पश्चिम बंगाल के कलिम्पोंग ज़िले के बिंदु इलाके में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) दिखाया गया है, जिससे ये साबित होता है कि ये वीडियो क्लिप नेपाल में अचानक आई बाढ़ से संबंधित नहीं है.
अलग-अलग आपदाओं की क्लिप्स का कलेक्शन
“लियोनार्ड सरदुआ $TOR” (@lsardua) नामक एक X यूज़र ने बाढ़ के पानी में इमारतों के ढहने की क्लिप्स का एक कलेक्शन पोस्ट किया. उन्होंने दावा किया कि ये क्लिप्स नेपाल में अचानक आई बाढ़ से हुई तबाही को दिखाती हैं. इस क्लिप को 33 लाख से ज़्यादा बार देखा गया और 3,700 बार रीशेयर किया गया. (आर्काइव)
दो और यूज़र्स, “हैडी अज़मी” (@HadYAzmy1) और अहमद अंसारी (@Ahmadansari2233) ने 27 अगस्त को इसी क्लिप को आगे बढ़ाया. पहले वाले वीडियो को अब हटा दिया गया है, लेकिन हटाए जाने से पहले इसे 25 लाख लोगों ने देखा था.
वायरल क्लिप के एक की-फ़्रेम पर रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें ‘द टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ का 21 जुलाई को छपा एक आर्टिकल मिला. रिपोर्ट में बाढ़ के पानी की वजह से इमारत के ढांचे को गिरते हुए दिखाया गया है और बताया गया है कि ये वीडियो जम्मू-कश्मीर के बडगाम ज़िले का है.

इस वीडियो के एक और हिस्से में एक लाल इमारत को बाढ़ के तेज़ पानी में डूबते हुए और मलबे के साथ कारों व अन्य ढांचों को बहते हुए दिखाया गया है.

इस की-फ़्रेम पर रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें पता चला कि ये क्लिप जापान के अतामी शहर में जुलाई 2021 में हुए मडस्लाइड (कीचड़ के बहाव) से जुड़ी है. @d_t_dcg_sdh हैंडल वाले एक X यूज़र ने कई क्लिप अपलोड किए थे, जिनमें मडस्लाइड से घरों और गाड़ियों को बहते हुए दिखाया गया था. हमें अल जज़ीरा और स्पेनिश न्यूज़ आउटलेट ‘ला नैसिओन‘ की न्यूज़ रिपोर्ट भी मिलीं, जिनसे पुष्टि होती है कि ये क्लिप 2021 में जापान में हुए मडस्लाइड के दौरान रिकॉर्ड की गई थी.
उसी वीडियो कलेक्शन में एक हिस्सा ऐसा भी था जिसमें तेज़ बाढ़ के पानी से एक पुल को टूटते हुए दिखाया गया था.

हमें पता चला कि ये असल में इंडोनेशिया की एक घटना थी. उस समय बोन नदी के उफान के कारण लकड़ी का मोलिनटोगुपो पुल ढह गया था. डेलीमोशन पर न्यूज़फ्लेयर के अपलोड किए गए एक वीडियो में बताया गया है कि ये घटना 11 जून, 2020 को हुई थी. VGTV ने भी इस घटना की रिपोर्ट की थी.
उसी क्लिप के एक और हिस्से में दो लोगों को एक ढहते हुए पुल के साथ बाढ़ के पानी में बहते हुए देखा जा सकता है.

हमें पता चला कि ये वीडियो अर्जेंटीना का है. वीडियो के एक की-फ़्रेम पर रिवर्स इमेज सर्च करने से हमें 25 दिसंबर, 2023 को AccuWeather की एक X पोस्ट मिली, जिसमें अर्जेंटीना के कैटामार्का में बाढ़ के तेज़ पानी से एक पुल बहता हुआ दिखाई दे रहा है.
A bridge was swept away in Catamarca, Argentina, on Christmas Day, leaving a city completely isolated. pic.twitter.com/hVdwxmQ7QU
— AccuWeather (@accuweather) December 27, 2023
इस कलेक्शन में एक और वीडियो भी शामिल था, जिसमें कीचड़ वाले पानी के तेज़ बहाव के साथ एक सफ़ेद कार बहती हुई दिखाई दे रही थी.

ऑल्ट न्यूज़ को पता चला कि ये असल में पाकिस्तान के इस्लामाबाद का जहां जुलाई 2025 में आई एक भयानक बाढ़ के दौरान इसे रिकॉर्ड किया गया था.
इसी तरह, इस कलेक्शन में एक महिला का वीडियो भी शामिल था जिसमें वो बाढ़ के पानी में बहती हुई एक इमारत को देख रही थी; दावा किया गया कि ये वीडियो नेपाल का है.

रिवर्स इमेज सर्च से पता चला कि ये तस्वीर कम से कम सितंबर 2024 से X पर मौजूद है. आगे की जांच में हमें पता चला कि इसमें अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में हरिकेन हेलेन से हुए नुकसान को दिखाया गया था.
Don’t worry guys, weather modification isn’t real! It’s just a coincidence that Hurricane Helene is one of the most devastating “inland damage storms” in history and that hundreds of pro-Trump counties are being massively impacted during the most important election of our… pic.twitter.com/lyi8YZXB8A
— Matt Wallace (@MattWallace888) September 28, 2024
इस कलेक्शन में एक और क्लिप भी शामिल थी, जिसमें बाढ़ के पानी के बीच से गुज़रती हुई एक डूबी हुई बस दिखाई गई थी.

हमें पता चला कि ये वीडियो पाकिस्तान के कराची में हुई भारी बारिश के दौरान शूट किया गया था. इस बाढ़ में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई. पाकिस्तानी न्यूज़ चैनल ‘24 न्यूज़ HD‘ ने 19 मार्च को बाढ़ पर अपनी रिपोर्ट में पानी में डूबी हुई बस की इसी क्लिप का इस्तेमाल किया था.

इस तरह, यूज़र्स “Leonard Sardua $TOR”, “HadY Azmy” और अहमद अंसारी द्वारा अपलोड किया गया कंपाइलेशन क्लिप – जिसमें ये दावा किया गया है कि फ़ुटेज नेपाल में मची तबाही को दिखाता है – फ़र्ज़ी और गुमराह करने वाला है. ये पूरा कंपाइलेशन पिछले कुछ सालों में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में आई असली आपदाओं के फ़ुटेज को जोड़कर बनाया गया है, ताकि ग़लत तरीके से ये दावा किया जा सके कि ये 26 अगस्त को नेपाल में आए अचानक बाढ़ के विजुअल्स हैं.





