राजस्थान में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं पर हुए हमलों के बाद, कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने दावा किया कि CJP कन्वीनर आशुतोष रांका के साथ वही व्यक्ति था, जिसे पहले दिल्ली में 20 जुलाई के विरोध प्रदर्शन के दौरान संसद को गिराने और नेपाल जैसी हिंसा भड़काने की बात करते हुए देखा गया था.

‘स्कूल ठीक करो’ पहल के तहत, CJP की एक टीम राजस्थान के जयपुर ज़िले के कंवरपुरा इलाके में रामपुरा में भैंसों के बाड़े से चल रहे एक सरकारी स्कूल में गई थी, जहां उन पर कथित तौर पर हमला किया गया. उन्होंने रिपोर्ट किया कि उन्हें डंडों से पीटा गया और उन पर पत्थर फेंके गए. बाद में CJP ने आरोप लगाया कि हमलावर BJP से जुड़े थे.

21 अगस्त को, X यूज़र ‘ऑफ़िस ऑफ़ विजय पटेल’ (@VijayGajeraO) ने दावा किया कि रांका ऐसे “गुंडों” के साथ आए थे जो संसद पर हमला करना चाहते थे और भारत में नेपाल जैसी बड़े पैमाने पर हिंसा भड़काना चाहते थे. पोस्ट में एक कोलाज था जिसमें रांका के साथ मौजूद एक व्यक्ति की तुलना CJP के विरोध प्रदर्शन के एक वायरल वीडियो में दिखे दूसरे व्यक्ति से की गई थी. उस दूसरे व्यक्ति ने कथित तौर पर कहा था कि अगर धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफ़ा नहीं दिया तो संसद पर हमला किया जाएगा और नेपाल जैसी स्थिति पैदा की जाएगी. (आर्काइव)

ये हैंडल राईटविंग इन्फ्लुएंसर विजय पटेल चलाते हैं, जो खुद को इन्वेस्टीगेटिव पत्रकार बताते हैं. इस पोस्ट को 8,50,000 से ज़्यादा बार देखा गया है.

एक और राईटविंग इन्फ्लुएंसर, अभिजीत अय्यर मित्रा (@Iyervval) ने भी इस दावे को शेयर किया और आगे बढ़ाया. (आर्काइव)

इस पोस्ट को 1,50,000 से ज़्यादा बार देखा गया.

BJP समर्थक एक और यूज़र, रौशन सिन्हा (@Mrsinha) ने भी इसी तरह की तुलना करते हुए दावा किया कि विरोध-प्रदर्शन के दौरान जिस व्यक्ति ने भारत को नेपाल जैसी स्थिति में बदलने की धमकी दी थी, वो अब CJP का वॉलंटियर है. उनके पोस्ट में लिखा था, “संसद को धमकी देने से लेकर CJP का ‘वॉलंटियर’ बनने तक, लोकतंत्र के पैरोकारों का ये कैसा सफ़र है.”

इस पोस्ट को लगभग 1,00,000 बार देखा गया और बाद में इसे हटा दिया गया.

ऐसा पहली बार नहीं है जब इस तरह की तुलनाएं की गई हैं. 20 जुलाई के विरोध-प्रदर्शन के ठीक बाद, ये दावा किया गया था कि नेपाल जैसी हिंसा भड़काने की बात करने वाले व्यक्ति को अभिजीत दिपके के साथ बैठे हुए देखा गया था और वो CJP का एक मुख्य सदस्य था.

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फ़ैक्ट-चेक

दोनों विज़ुअल्स — राजस्थान का वीडियो और जंतर-मंतर का फ़ुटेज — को ध्यान से देखने पर पता चलता है कि ये तुलना ग़लत है, क्योंकि वे दो अलग-अलग व्यक्ति हैं.

आशुतोष रांका और CJP टीम के साथ जो व्यक्ति दिखाई दे रहा है, वो राजस्थान के जयपुर का रहने वाला विजय शेरावत है.

ऑल्ट न्यूज़ को एक वीडियो मिला जिसे विजय शेरावत ने पुराने दावे के जवाब में शेयर किया था; इसमें वो खुद पर लगे झूठे आरोपों का खंडन करते हैं. वो साफ़ करते हैं कि वो ये व्यक्ति नहीं हैं जिन्होंने कहा था कि अगर प्रधान ने इस्तीफ़ा नहीं दिया तो भारत में नेपाल जैसे हालात बन जाएंगे और संसद में आग लगा दी जाएगी.

31 जुलाई को अपलोड किए गए वीडियो में विजय शेरावत ने कहा, “IT सेल के लोग ही CJP टीम को बदनाम करने के लिए इस तरह की घटिया राजनीति कर रहे हैं. मैं वो व्यक्ति नहीं हूं.” उन्होंने विरोध प्रदर्शन के दौरान दूसरे व्यक्ति द्वारा की गई टिप्पणी की भी कड़ी निंदा की और ऐसी टिप्पणियों के लिए उचित सज़ा की मांग की.

‘चलो संसद’ मार्च के दौरान जिस व्यक्ति का वीडियो वायरल हुआ था, उसकी पहचान सौरव सिंह के तौर पर हुई है; वो पेशे से फ़िजियोथेरेपिस्ट होने का दावा करता है.

 

नीचे वायरल हुए धमकी भरे वीडियो के एक स्क्रीनग्रैब और इंस्टाग्राम पर शेयर की गई रील में सौरव सिंह के क्लोज़-अप शॉट के बीच तुलना दी गई है:

आसान शब्दों में कहें तो, जिस व्यक्ति ने हिंसा भड़काने और संसद में आग लगाने की धमकी दी, वो वही व्यक्ति नहीं है जो राजस्थान में CJP टीम के दौरे के दौरान आशुतोष रांका के साथ या किसी पुराने वीडियो में अभिजीत दीपके के साथ देखा गया था. CJP नेताओं के साथ जो व्यक्ति दिखा, वो विजय शेरावत है. जंतर-मंतर पर धमकी देने वाला व्यक्ति सौरव सिंह है.

@VijayGajeraO की पोस्ट को ग़लत बताए जाने के बाद उन्होंने अपनी ग़लती मानते हुए उसे सुधार के साथ दोबारा शेयर किया. हालांकि, उन्होंने ग़लत दावे वाली पोस्ट को नहीं हटाया.

ग़लत
दावा:
राजस्थान में आशुतोष रांका के साथ वही व्यक्ति था जिसने जंतर-मंतर पर नेपाल जैसी हिंसा की धमकी दी थी

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