सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वो बैकग्राउंड में राष्ट्रगान बजने के दौरान मंच पर घूमते हुए लोगों का अभिवादन कर रहे हैं. यूज़र्स का दावा है कि प्रधानमंत्री राष्ट्रगान का अनादर कर रहे थे.

फ़ेसबुक यूज़र कुमार राज ने 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) को ये वीडियो शेयर किया, जिसमें मोदी को घेरे में दिखाया गया है. इस पोस्ट को 23 लाख (2.3 मिलियन) बार देखा गया है. इसे लगभग 14 हज़ार बार शेयर किया गया है और इस पर 30,500 रिएक्शन आए हैं.

एक्टिविस्ट पीयूष मानुष ने फ़ेसबुक पर वही वीडियो शेयर किया, जिसे 76 हज़ार से ज़्यादा बार देखा गया.

कई X यूज़र्स ने भी उसी दावे को दोहराते हुए इस वायरल वीडियो को आगे बढ़ाया.

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फ़ैक्ट-चेक

वायरल वीडियो के एक हिस्से में पोडियम पर लगी एक स्क्रीन दिखाई दी, जिस पर इवेंट की जगह के तौर पर बिहार के सिवान शहर में स्थित ‘जसौली खराग’ का ज़िक्र था. उस पर तारीख 20 जून, 2025 लिखी हुई थी.

एक कीवर्ड सर्च से हमें प्रधानमंत्री के ऑफ़िशियल यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया गया ओरिजिनल वीडियो मिला. 21 जून, 2025 के इस वीडियो में, मोदी उसी कपड़े में मंच पर आते हुए दिखे, जैसी वायरल वीडियो में थी; उस वक्त स्पीकर उनका परिचय दे रहे थे. दर्शकों की तालियों और उत्साह के बीच, उन्होंने लोगों का अभिवादन किया और मंच पर मौजूद अन्य गणमान्य व्यक्तियों से हाथ मिलाया. क्लिप में कहीं भी राष्ट्रगान बजता हुआ सुनाई नहीं देता है.

कुल मिलाकर, ये दावा ग़लत है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रगान बजने के दौरान मंच पर घूमकर उसका अपमान किया. असली वीडियो में स्पीकर मोदी का परिचय करा रहे हैं और वे उत्साह से भरी भीड़ का हाथ हिलाकर अभिवादन कर रहे हैं; क्लिप में कहीं भी राष्ट्रगान नहीं बज रहा है. वायरल वीडियो में सुनाई देने वाला राष्ट्रगान बाद में असली वीडियो में जोड़ा गया था, ताकि फ़ुटेज के संदर्भ को बदलकर एक झूठे दावे को बढ़ावा दिया जा सके.

ग़लत
दावा:
राष्ट्रगान के दौरान पीएम मोदी इधर-उधर घूम रहे थे

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