वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार एक बार फिर नकली समाचार फ़ैलाने वालों के निशाने पर हैं। अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर घोटाले में शामिल एक ‘बिचौलिया’ क्रिश्चियन मिशेल के संयुक्त अरब अमीरात से प्रत्यर्पण की खबरों के बाद, सोशल मीडिया में रवीश कुमार का 45 सेकंड का एक वीडियो क्लिप इस दावे के साथ प्रसारित होने लगा कि कुमार ने ठीक विपरीत रिपोर्ट की है।

5 दिसंबर की शाम को पोस्ट किए गए उपरोक्त ट्वीट को 4500 से अधिक लाइक और 2500 से अधिक बार रीट्वीट किया गया है। कई दूसरे हैंडल्स ने भी इस क्लिप को पोस्ट किया है, जिसमें रवीश कुमार कह रहे हैं — “…हमारी सहयोगी निधि राज़दान और नीता शर्मा ने बुधवार शाम खबर दी है कि दुबई की अदालत ने क्रिश्चियन मिशेल को भारत ले जाने का कोई आदेश ही नहीं दिया है। अदालत ने यूं ही टिप्पणी की थी जिसका संबंध खास तौर से मिशेल से भी नहीं था। लेकिन मंगलवार को, कई पत्रकारों ने सूत्रों के हवाले से दनादन इस खबर को ब्रेक कर दिया, चैनलों पर चर्चाएं शुरू होने लगीं और…”

उपरोक्त क्लिप फेसबुक पर भी प्रसारित हो रही है, जहां इसे एक पेज ‘पीएमओ इंडिया रिपोर्ट कार्ड’ PMO India Report Card) से पोस्ट किया गया है।

निष्पक्ष पत्रकार रविश कुमार क्रिस्चियन मिशेल को भारत भेजने की यूएई की अदालत के आदेश से काफी दुखी थे (चेहरे पर दुख पूरा झलक रहा है) और उनको तो विश्वास भी नहीं हुआ था, यहां तक कि उन्होंने तो इस खबर को झूठ साबित करने की कोशिश तक की थी, जबकि बाकी सारे पत्रकारों ने इस खबर की पुष्टि कर दी थी।

Posted by PMO India : Report Card on Wednesday, 5 December 2018

इसे पोस्ट करने वाले अन्य पेजों में The Frustrated Indian, द सटायर डॉट इन (TheSatire.in), भारत: एन अनटोल्ड स्टोरी (Bharat: An Untold Story), और फेरागो अगेन्स्ट पेड मीडिया (Farrago Against Paid Media) शामिल हैं।

प्रत्यर्पण की इस ‘रिपोर्टिंग’ पर रवीश कुमार की खिल्ली उड़ाते हुए, कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे शेयर किया है।

सितंबर 2018 में प्रसारित पुरानी रिपोर्ट

सोशल मीडिया में प्रसारित रवीश कुमार की वीडियो क्लिप क्रिश्चियन मिशेल के प्रत्यर्पण के बाद की कोई हालिया रिपोर्ट नहीं है। ऑल्ट न्यूज ने पाया कि इसे 19 सितंबर, 2018 को एनडीटीवी इंडिया पर प्राइम टाइम शो में प्रसारित किया गया था। यह वीडियो यूट्यूब पर उपलब्ध है और नीचे पोस्ट किया गया है।

उपर्युक्त वीडियो में, 0:41वें मिनट से 1:27वें मिनट तक का हिस्सा सोशल मीडिया में प्रसारित 45-सेकंड की वीडियो क्लिप से मेल खाता है। इसके अलावा, रवीश कुमार ने निधि राज़दान के हवाले से जो रिपोर्टिंग की है, कि संयुक्त अरब अमीरात की अदालत ने प्रत्यर्पण का कोई आदेश नहीं दिया है, उसकी पुष्टि प्रसारण के दिन ही, (19 सितंबर, 2018) किये गए निधि राज़दान के ट्वीट से होती है। अपने ट्वीट में राज़दान दोहराती हैं कि मिशेल के प्रत्यर्पण का अदालत से कोई आदेश नहीं है।

इसकी सूचना एएनआई और द टाइम्स ऑफ इंडिया ने भी 19 सितंबर, 2018 को दी थी। इस बीच, क्रिश्चियन मिशेल के प्रत्यर्पण पर एनडीटीवी इंडिया की हाल की रिपोर्ट यहां देखी जा सकती है।

रवीश कुमार को अक्सर सोशल मीडिया पर नकली व अपमानजनक बयानों का हवाला देते हुए निशाना बनाया जाता है साथ ही उनके खिलाफ लगातार अफवाहें भी फैलाई जाती है।

ग़लत
दावा:
अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर मामले में रवीश कुमार और निधि राजदान ने की गलत रिपोर्टिंग

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