सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके का एक कथित बयान वायरल हो रहा है. इस वायरल पोस्ट में दीपके के हवाले से कहा गया है, “हम (झारखंड के) सीएम से इस्तीफ़ा नहीं, जवाबदेही की मांग कर रहे हैं, ताकि आगे पेपर में ऐसी गड़बड़ी न हो.”

ये कथित बयान 14 अगस्त को ‘indians’ नामक एक वेरिफ़ाइड इंस्टाग्राम हैंडल से शेयर किया गया था. इस पोस्ट पर अब तक 74,600 से ज़्यादा रिएक्शन मिले हैं. इस पेज के लगभग 9 मिलियन फ़ॉलोअर्स हैं. (आर्काइव)

पोस्ट के कैप्शन में लिखा है:

“… दीपके ने कहा कि वह नहीं चाहते कि सोरेन इस्तीफ़ा दें, बल्कि वो जवाबदेही चाहते हैं ताकि ये पक्का किया जा सके कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों. उनके इस रुख़ ने लोगों के मन में सवाल खड़े कर दिए हैं कि इस मामले में इस्तीफ़ा के बजाय जवाबदेही क्यों मांगी जा रही है, जबकि धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफ़ा की मांग की गई थी.”

CJP के दिल्ली में हुए विरोध-प्रदर्शनों के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े के बाद, झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और गड़बड़ियों को लेकर रांची में भी ऐसा ही विरोध-प्रदर्शन हुआ. छात्रों और कार्यकर्ताओं समेत प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफ़ा की मांग की.

इसी माहौल में CJP के संस्थापक अभिजीत डिपके का एक बयान वायरल हो गया. वायरल पोस्ट BJP के उस मुख्य आरोप को और मज़बूत करते हैं कि जब विपक्षी दलों की सरकारों वाले राज्यों, ख़ासकर झारखंड में परीक्षा में गड़बड़ियों के आरोप सामने आए थे, तो CJP का रवैया अपेक्षाकृत नरम था. BJP नेताओं ने इस तर्क का इस्तेमाल करते हुए ग्रुप पर ‘चुनिंदा आक्रोश’ (selective outrage) दिखाने का आरोप लगाया है. ऊपर दी गई इंस्टाग्राम पोस्ट पर कई यूज़र्स ने कमेंट करते हुए कहा कि दीपके का रुख़ उनके ‘दोहरे मापदंड’ (double standard) या ‘पाखंड’ (hypocrisy) को दिखाता है.

यही कोटेशन ‘The Youth – India’ और ‘Saale Dost Ko Thanks Bolta hai‘ नाम के फ़ेसबुक पेजों पर भी शेयर किया गया था. इन दोनों पेजों के फॉलोअर्स की संख्या क्रमशः 1,41,000 और 4.9 मिलियन है.

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फ़ैक्ट-चेक

सबसे पहले, हमने देखा कि किसी भी सोशल मीडिया पेज पर इस कोटेशन (कथन) के लिए कोई सोर्स नहीं बताया गया था.

दीपके के कथित बयान के बारे में और जानकारी पाने के लिए हमने उनकी X टाइमलाइन देखी, क्योंकि CJP के फ़ाउंडर अपने X अकाउंट पर अक्सर अपनी मीडिया बातचीत और सार्वजनिक बयानों के बारे में पोस्ट करते रहते हैं. हमें ऐसा कोई पोस्ट नहीं मिला जो वायरल दावे की पुष्टि करता हो.

हालांकि, हमें 2 अगस्त का एक पोस्ट मिला जिसमें दीपके झारखंड में विरोध कर रहे छात्रों से वीडियो कॉल पर बात कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, “CJP झारखंड के सभी छात्रों के साथ खड़ा है और उनकी मांगों का समर्थन करता है.” वीडियो में भी वे यही बात कहते हैं.

इसके बाद, हमने उस बयान से जुड़ी ख़बरों के लिए गूगल पर कीवर्ड सर्च किया. हमने ये की-वर्ड कॉम्बिनेशन इस्तेमाल किया: “Abhijeet Dipke Jharkhand Hemant Soren resignation.”

हमें ऐसी कोई भी रिपोर्ट नहीं मिली जिसमें ये कहा गया हो कि दीपके ने सिर्फ़ जवाबदेही और ज़िम्मेदारी की मांग की थी, न कि झारखंड के मुख्यमंत्री के इस्तीफ़े की. इसके बजाय, हमें CJP और उसके फ़ाउंडर द्वारा झारखंड के छात्रों के आंदोलन का समर्थन करने के बारे में कई रिपोर्टें मिलीं. उदाहरण के लिए, ‘द हिंदू’ की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि अभिजीत दीपके “प्रदर्शनकारियों के संपर्क में थे और उनकी मांगों का समर्थन कर रहे थे, और वे एकजुटता दिखाने के लिए रांची जाएंगे.” ‘द प्रिंट’ और ‘द टाइम्स ऑफ़ इंडिया‘ जैसे आउटलेट्स ने भी ऐसी ही रिपोर्टें छापी थीं.

किसी भी आर्टिकल में ऐसी कोई बात नहीं कही गई थी जैसा कि उस कथित कोट में दावा किया गया है.

हमें ANI का एक पोस्ट भी मिला जिसमें झारखंड की स्थिति पर दीपके का विस्तृत जवाब था. वे कहते हैं, “… हम अपना पूरा समर्थन देते हैं. हमारे कार्यकर्ताओं ने उस इलाके का दौरा किया है, और हमारे लोग वहां खाना बांट रहे हैं. हम मजबूती से उनके साथ खड़े हैं और उनकी सभी मांगों का समर्थन करते हैं… मैं भी जाने का इरादा रखता हूं… हालांकि, अभी मुझे सेहत से जुड़ी कुछ परेशानियां हैं…”

PTI के साथ एक और इंटरव्यू में दीपके ने कहा कि CJP शिक्षा में सुधार की मांगों का समर्थन करेगा, चाहे मामला किसी भी राज्य का हो या सत्ता में कोई भी पार्टी हो.

इसके बाद, ऑल्ट न्यूज़ ने अभिजीत दीपके से संपर्क किया और पूछा कि क्या उन्होंने वायरल पोस्ट में दिखाया गया बयान दिया था. दिपके ने जवाब दिया: “मैंने ऐसा कभी नहीं कहा. ये लोग (सोशल मीडिया पेज) अपनी मर्ज़ी से कुछ भी चला रहे हैं.”

कुल मिलाकर, ये वायरल पोस्ट जिसमें अभिजीत दीपके के हवाले से कहा गया है कि वे झारखंड के CM हेमंत सोरेन के इस्तीफ़ा नहीं जवाबदेही की मांग कर रहे हैं, पूरी तरह बेबुनियाद है. CJP के संस्थापक द्वारा ऐसा बयान दिए जाने का कोई विश्वसनीय सबूत नहीं है. खुद दीपके ने इस दावे का खंडन किया है.

ग़लत
दावा:
अभिजीत दीपके ने झारखंड के मुख्यमंत्री से इस्तीफ़ा नहीं, बल्कि ज़िम्मेदारी की मांग की

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