दिल्ली के संगम विहार में हुई घटना का एक CCTV फ़ुटेज सोशल मीडिया पर वायरल है. वीडियो में दो व्यक्ति पर पांच हमलावरों को बेरहमी से हमला करते हुए देखा जा सकता है. वीडियो इस दावे के साथ वायरल है कि पीड़ित हिंदू हैं जिन पर मुसलमानों ने हमला किया.

वायरल सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि दोनों पीड़ित एक संकरी गली से गुज़र रहे हैं और पांच लोग उनका पीछा कर रहे हैं. कुछ ही देर में वे लोग हाथापाई करने लग जाते हैं. इसके बाद, उनमें से एक आरोपी पीड़ित व्यक्ति को लात और पत्थर से मारते हुए दिखता है. ऐसा ही दूसरे पीड़ित व्यक्ति के साथ भी किया गया. अंत में, आरोपियों ने पीड़ितों के शवों को नाले में फेंक दिया. पीड़ितों में से एक ज़िन्दा लगता है, जबकि दूसरे के शरीर में कोई हरकत नहीं दिखती. 

कई लोगों ने ये वीडियो ट्विटर पर शेयर किया है.

और भी कई ट्विटर यूज़र्स ने इस वीडियो को शेयर किया है.

ये वीडियो फ़ेसबुक पर भी इसी दावे के साथ वायरल है.

इस घटना का सीसीटीवी वीडियो दिसंबर 2021 में भी इस दावे के साथ वायरल हुआ था कि एक हिंदू युवक को मुसलमानों ने पीट-पीट कर मार डाला था.

पुराना वीडियो, ग़लत साम्प्रदायिक ऐंगल

हमने गूगल पर एक की-वर्ड्स सर्च किया जिससे हमें इस घटना के बारे में अलग-अलग न्यूज़ रिपोर्ट्स मिलीं. ये रिपोर्ट्स दिसंबर 2021 में पब्लिश की गई थीं. हमने देखा कि ट्विटर पर शेयर किया जा रहा वायरल सीसीटीवी फुटेज एक मोबाइल का इस्तेमाल करके स्क्रीन से रिकॉर्ड किया गया है. जिस मॉनिटर पर वीडियो डिस्प्ले किया गया है, उसमें इसे रिकॉर्ड करने वाले व्यक्ति का पूरा नाम (नितिन शुक्ला) और अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उसके यूज़रनेम दिख दिख रहे हैं.

इसे ध्यान में रखते हुए हमने इस यूज़र का यूट्यूब चैनल चेक किया. हमें 25 दिसंबर, 2021 का लाइव स्ट्रीम मिला. वायरल वीडियो वाला हिस्सा 1 घंटे 8 मिनट 14 सेकेंड पर दिखाई देता है.

ज़ी न्यूज़ ने भी 23 दिसम्बर को इस घटना का CCTV फ़ुटेज शेयर किया था.

NDTV के मुताबिक, ये घटना संगम विहार में 20 दिसंबर की रात को हुई थी जब दोनों पीड़ित अपने दोस्त के जन्मदिन की पार्टी से लगभग 2 बजे वापस लौट रहे थे. इनकी पहचान पंकज और जतिन के रूप में हुई है.

मीडिया से बात करते हुए कहा एडिशनल DCP (साउथ) हर्षवर्धन ने बताया कि ये लूट और हत्या का मामला है. एक आरोपी रमजान अली को गिरफ़्तार कर लिया गया था. दूसरे आरोपियों की भी तलाश की जा रही थी. पुलिस के बयान का एक वीडियो ट्विटर पर मौजूद है.

ऑल्ट न्यूज़ ने संगम विहार के SHO से संपर्क किया जिन्होंने हमें बताया कि मामला 5-6 महीने पुराना है और पुलिस ने उस समय सभी आरोपियों को ग़िरफ्तार कर लिया था. उन्होंने बताया कि ये लूट और हत्या का मामला था और इसमें कोई सांप्रदायिक ऐंगल नहीं था. आरोपी हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों से थे.

दिल्ली पुलिस ने 24 दिसंबर को ANI को एक बयान दिया, जिसमें भी ये बात साबित होती है. 

कुल मिलाकर, CCTV कैमरे में कैद हुई लूट और हत्या की पांच महीने पुरानी घटना को सांप्रदायिक ऐंगल के साथ शेयर किया गया कि मुसलमानों ने एक हिंदू युवक की बेरहमी से हत्या कर दी. हालांकि पीड़ित असल में हिंदू थे, लेकिन आरोपी हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय से थे.

आंशिक रूप से सत्य
दावा:
शांतिदूतों ने जतिन और पंकज को पत्थरों से मारा.

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