पाकिस्तानी-कनाडाई लेखक तारिक फ़तह ने स्कल कैप (इस्लाम धर्म से जुड़ी टोपी) पहने लोगों का एक वीडियो 8 फ़रवरी को ट्वीट किया, जिसमें भीड़ को नारेबाज़ी करते हुए सुना जा सकता है। उन्होंने ट्वीट में दावा किया, In the #DelhiPolls2020, Muslim goons chant a provocative slogan against Hindus to boast Islamic supremacy” (अनुवाद -“#DelhiPolls2020 में, इस्लाम के प्रभुत्व बढ़ाने के लिए मुस्लिम गुंडों ने हिन्दुओं के ख़िलाफ उत्तेजक नारे लगाए।”) वीडियो में भीड़ को ये नारे लगाते हुए सुना जा सकता है, “हिंदुस्तान में रहना होगा अल्लाह-ओ-अकबर कहना होगा”

फ़तह को कई बार सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं फैलाते हुए पाया गया है। ऑल्ट न्यूज़ ने ऐसे कई उदाहरणों को एक संकलन में उजागर किया था।

उत्तर प्रदेश भाजपा प्रवक्त्ता शलभ मणि त्रिपाठी ने ये वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा, हिंदुस्तान में रहना होगा तो, अल्लाह हूँ अकबर कहना होगा ……. दिल्ली के भाइयों, घर से निकलिए, वोट करके इन नारों का जवाब दीजिए।”

ट्विटर पर कुछ अन्य यूज़र्स ने भी ऐसा ही दावा किया है।

फ़ैक्ट-चेक

ऑल्ट न्यूज़ ने पाया कि ये वीडियो राजस्थान के उदयपुर का है और दिसंबर 2017 में रिकॉर्ड किया गया था। इंडिया टीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक वीडियो में दिख रही घटना 13 दिसंबर, 2017 को उदयपुर में हुई थी। जिसमें शिव सेना, बजरंग दल और प्रधानमंत्री मोदी के ख़िलाफ नारेबाज़ी की गई थी। वीडियो की शुरुआत इन नारों के साथ होती है, “हिंदुस्तान हमारा है।” बाद में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, शिव सेना और बजरंग दल के ख़िलाफ हुई नारेबाज़ी को सुना जा सकता है – “नरेंद्र मोदी हाय हाय (2 )… शिव सेना हाय हाय(2)…बजरंग दाल हाय हाय (2)…. हिंदुस्तान में रहना होगा अल्लाह-हु-अकबर कहना होगा।”

ये प्रदर्शन, शंभू लाल रेगर द्वारा एक मुस्लिम मज़दूर की क्रूर हत्या के बाद उदयपुर, राजस्थान के चेतक सर्कल के पास आयोजित हुआ था।

इस तरह दो साल पुराने वीडियो को दिल्ली चुनावों के दौरान इस दावे से शेयर किया गया कि अगर हिंदुस्तान में रहना है तो ‘अल्लाह-ओ-अकबर’ के नारे लगाने होंगे।

ग़लत
दावा:
मुस्लिमों में लगाए नारे, हिंदुस्तान में रहना है तो अल्लाह-हु-अकबर' के नारे लगाने होंगे

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