सोशल मीडिया पर पत्रकार राणा अयूब का एक वीडियो वायरल है. वीडियो में राणा आयूब के आस-पास पुलिस और कुछ लोग खड़े हैं. और उन्हें गाड़ी में बिठाया जा रहा है. ये वीडियो शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 1.77 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले के चलते राणा अयूब को धर लिया है.

बता दें प्रवर्तन निदेशालय ने डोनेट किये गए पैसों के निजी इस्तेमाल करने के एक कथित मामले की जांच के दौरान, राणा अयूब की 1.77 करोड़ रुपये से अधिक की रकम कुर्क की थी. NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, “एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के अंतर्गत राणा अयूब और उनके परिवार के नाम पर सावधि जमा और बैंक में जमा राशि की कुर्की के लिए एक अस्थायी आदेश जारी किया”.

फ़ैक्ट-चेकिंग ऑर्गेनाइज़ेशन द लॉजिकल इंडियन ने ये वीडियो 11 फ़रवरी 2022 को यूट्यूब पर अपलोड किया है और मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जानकारी दी है. (आर्काइव लिंक).

द लॉजिकल इंडियन ने इस वीडियो का सोर्स ट्विटर हैन्डल ‘@jdroy_’ को दिया है. इस ट्विटर यूज़र ने द वाशिंगटन पोस्ट को टैग करते हुए दक्षिणपंथी प्रोपगेंडा वेबसाइट ऑप इंडिया की रिपोर्ट का लिंक भी शेयर किया है.

ट्विटर यूज़र सिंह साहब ने ये वीडियो ट्वीट करते हुए दावा किया कि ED ने राणा अयूब को गिरफ़्तार कर लिया गया. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

‘@The_TanmayPatel’ ने ये वीडियो इसी दावे के साथ ट्वीट किया. तन्मय पटेल ने खुद को ट्विटर पर भाजपा गुजरात से जुड़ा हुआ बताया है. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

29 सेकंड का ये वीडियो फ़ेसबुक और ट्विटर पर वायरल है.

फ़ैक्ट-चेक

यूट्यूब पर की-वर्ड्स सर्च करने पर ऑल्ट न्यूज़ को रिपब्लिक वर्ल्ड की 2 जुलाई 2021 की रिपोर्ट मिली. मीडिया संगठन के मुताबिक, राणा अयूब का ये वीडियो उनके खिलाफ़ गाज़ियाबाद में दर्ज हुए एक मामले का है.

पंजाब केसरी यूपी की 3 जुलाई 2021 की रिपोर्ट के मुताबिक, गाज़ियाबाद के लोनी इलाके में एक बुज़ुर्ग की पिटाई के मामले में राणा अयूब थाना लोनी बॉर्डर पहुंची थी. ये उसी घटना का वीडियो है. उन्होंने वहां पुलिस से बयान दर्ज करवाया था. इस मामले में ट्विटर इंडिया समेत 9 लोगों के खिलाफ़ मामला दर्ज हुआ था.

पूरा मामला कुछ यूं था कि गाज़ियाबाद ज़िले में अब्दुल समद नाम के एक बुज़ुर्ग की पिटाई की गई थी. इस घटना का वीडियो कई पत्रकारों ने ट्वीट किया था जिसमें राणा अयूब भी शामिल थीं. इस मामले में गाज़ियाबाद पुलिस ने सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं को भड़काने और भ्रामक ख़बरें फैलाने के आरोप में 9 लोगों के खिलाफ़ शिकायत दर्ज की थी.

ऑल्ट न्यूज़ ने इस मामले राणा अयूब के वकील सौतिक बनर्जी से संपर्क किया. सौतिक ने हमें बताया कि ये वीडियो 2 जुलाई 2021 का है.

हिंदुस्तान अखबार ने इस पूरे मामले में एक आर्टिकल शेयर किया था. नीचे, अखबार की क्लिप में राणा अयूब और सौतिक बनर्जी को थाना लोनी बॉर्डर से बाहर निकलते हुए देखा जा सकता है. वायरल वीडियो में भी ये तीनों लोग इसी कपड़े में दिखते हैं.

कुल मिलाकर, गाज़ियाबाद में एक बुज़ुर्ग की पिटाई का वीडियो ट्वीट करने के मामले में 7 महीने पहले राणा अयूब थाना लोनी बॉर्डर में बयान दर्ज करवाने पहुंची थी. इस घटना का वीडियो हाल में राणा अयूब को कथित मनी लॉन्ड्रिंग विवाद के चलते कस्टडी में लिए जाने के झूठे दावे के साथ शेयर किया गया. यहां तक कि द लॉजिकल इंडियन ने भी बिना जांच के ये वीडियो शेयर कर दिया.

असत्य
दावा:
राणा अयूब को मनी लॉन्ड्रिंग विवाद के चलते गिरफ़्तार किया गया

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