केंद्र सरकार द्वारा संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों में कश्मीर राज्य के विशेष दर्ज़े को रद्द करने के घंटों पहले, संचार नेटवर्क बंद कर दिए गए और अलगाववादी नेताओं को घर में नज़रबंद कर दिया गया। इस पृष्ठभूमि में, कट्टरपंथी अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी का एक वीडियो सोशल मीडिया में साझा किया गया है।

4 अगस्त, 2019 को किए गए उपरोक्त ट्वीट को 9300 से अधिक बार रीट्वीट और 20,000 से अधिक बार लाइक किया गया है। 45 सेकेंड की इस वीडियो क्लिप में बंद दरवाजे के पीछे से गिलानी को अनुरोध करते सुना जा सकता है। “दरवाज़ा खोलो। हिंदुस्तान के ज़म्हूरियत का ज़नाज़ा निकल रहा है।” इस वीडियो के साथ संदेश में भी इसे दोहराया गया है।

2018 का वीडियो

ऑल्ट न्यूज़ ने ‘गिलानी हाउस अरेस्ट’ कीवर्ड के साथ इस वीडियो के प्रमुख फ्रेमों की रिवर्स-सर्च की तो उसी वीडियो के साथ अप्रैल 2018 का एक इंस्टाग्राम पोस्ट मिला। इस पोस्ट में जम्मू-कश्मीर के शोपियां का भी संदर्भ था।

यह वीडियो, अप्रैल 2018 में कश्मीर में भारतीय सुरक्षा बलों की एक कार्रवाई से संबंधित है। ख़बरों के अनुसार, अलगाववादी नेताओं- गिलानी, मीरवाइज और जेकेएलएफ प्रमुख यासीन मलिक ने घाटी में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच तीन मुठभेड़, जिसमें दो नागरिक मारे गए थे, के बाद शोपियां में जुलूस का आह्वान किया था। यह जुलूस आयोजित होने से पहले ही, इन नेताओं को घरों में नज़रबंद कर दिया गया।

ऑल्ट न्यूज़ को @aarifshaah नामक हैंडल से 4 अप्रैल, 2018 को ट्विटर पर पोस्ट किया हुआ यही वीडियो मिला।

Aarif Shah on Twitter

अंत में, सैयद अली शाह गिलानी का घर में नज़रबंदी का यह वीडियो, अप्रैल 2018 का है और घाटी में हाल ही में हुई किसी घटना से संबंधित नहीं है।

ग़लत
दावा:
सैयद अली शाह गिलानी की घर में नज़रबंदी

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