पाकिस्तानी मीडिया का दावा: सिख जवानों ने भारत के लिए लड़ने से इंकार किया. क्या है सच?

पाकिस्तानी न्यूज़ चैनल Abb Takk  ने 5 मार्च 2019 को, “21सिख रेजीमेंट ने भारत के लिए लड़ने से इंकार किया” शीर्षक से एक शो चलाकर दावा किया कि सिख जवानों ने भारतीय सेना के पक्ष में पाकिस्तान के खिलाफ हथियार उठाने से इनकार कर दिया है।

Abb Takk ने इस ‘ब्रेकिंग न्यूज़’ के लिए एक ट्विटर हैंडल @GurmeetKaur2020 को श्रेय दिया। इस चैनल द्वारा दिखलाया गया वह ट्वीट नीचे है। यह 21 सिख रेजिमेंट के इनकार के बारे में पहला पोस्ट था। इस ट्विटर हैंडल @GurmeetKaur2020 को चलाने वाले व्यक्ति की लोकेशन को ‘खालिस्तान’ के रूप में चिह्नित किया गया है और इनके परिचय अनुभाग में लिखा है, “स्वतंत्र खालिस्तान मेरा सपना है। भारतीय दमन के विरुद्ध।”

gurmehar kaur

पाक सोशल मीडिया में यह दावा वायरल

इसके तुरंत बाद, कई पाकिस्तानी सोशल मीडिया यूजर्स ने रिपब्लिक टीवी के क्लिप को ट्वीट करना शुरू कर दिया ((123456)।

 

कुछ फेसबुक यूजर्स ने भी इस क्लिप को शेयर किया है।

Breaking News.
21 Sikh Regiment Refused to Fight agnst Pakistan.
Commander Of Regiment Says that Pakistan is the Home of Guru Nanak How can we fire a bullet on that Land.

Posted by PAF Legends on Tuesday, 5 March 2019

भारतीय पत्रकार रोहिणी सिंह उन लोगों में से थीं, जिन्होंने इस कथित रिपब्लिक टीवी के प्रसारण को रिट्वीट किया था।

फोटोशॉप की हुई क्लिप

यह पता लगाने के लिए कि कथित रिपब्लिक टीवी की क्लिप फोटोशॉप की हुई है, एक सामान्य गूगल रिवर्स इमेज सर्च पर्याप्त है। इस खोजबीन में गूगल ने, ऑल्ट न्यूज़ को न्यूज़लॉन्ड्री के मई 2017 के एक लेख तक पहुंचाया, जिसमें मूल क्लिप का उपयोग किया गया था। इसे उस चैनल के पुराने प्रसारण से लिया गया था।

अगर कोई वायरल क्लिप की तुलना न्यूज़लाउंड्री द्वारा अपलोड की गई क्लिप से करे तो यह एकदम साफ है कि बीच मे दी गई समाचार और उसके ऊपर के ‘ब्रेकिंग न्यूज़’ के अलावा बाकी सब एक समान है।

 

रिपब्लिक टीवी का यह प्रसारण उसकी दर्शक-संख्या के बारे में था। इस चैनल ने 13 से 19 मई 2017 के दौरान रात्रि 9 से 11 बजे के बीच 61% दर्शक-संख्या अर्जित करने को लेकर ट्वीट किया था।

पुलवामा आतंकी हमला और उसके बाद के भारत-पाकिस्तान तनाव के समय में, पाकिस्तानी मीडिया और सोशल मीडिया में भारत की बदले की कार्रवाई को कमतर दिखलाने के लिए भ्रामक सूचनाएं प्रसारित की जा रही हैं। इसी प्रकार, भारतीय मीडिया और सोशल मीडिया तंत्र ने भी सीमा पार के पड़ोसी को निशाना बनाते हुए गलत खबरें शेयर करके एक ही जैसा काम किया है।

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