पुलिस कर्मियों की एक तस्वीर जिसमें वे पुरुष और महिलाओं के एक समूह के पीछे खड़े है, सोशल मीडिया में प्रसारित है। इस तस्वीर के साथ दावा किया गया है कि मध्य प्रदेशपुलिस ने रोहिंग्या मुसलमानों के एक गिरोह को अगवा कर लिया है, जो 17 से 18 साल के बच्चों को अगवा करते है। संदेश में चेतावनी दी गई है कि 500-2000 लोगों का यह समूह छोटे-छोटे उप समूह में विभाजित होकर बच्चों को स्कूल के बाहर से अगवा कर लेते हैं। संदेश का अंत, “शहर पुलिस अधीक्षक, भोपाल” से है, जिससे यह दिखाने की कोशिश की गई है कि यह संदेश भोपाल पुलिस द्वारा प्रसारित किया गया है। एक फेसबुक उपयोगकर्ता ने इस तस्वीर को समान दावे से पोस्ट किया है।

पूरा संदेश हैं –“सावधान मध्यप्रदेश में 500से 2000 लोगों की अलग अलग रोहिग्या मुस्लिमों की टोली आई है उनके साथ महिलाएं और उनके पास हथियार भी है और वो 17 या 18 साल तक के लड़कों को पकड़ के ले जाते है स्कूल के आस पास से .. इसको आप सारे ग्रुप में शेयर करें। भोपाल पुलिस C.S.P.Send to all group plz”

रितेश नामदेव ने इस तस्वीर को एक अन्य दावे से साझा किया है कि मध्यप्रदेश पुलिस ने रतलाम शहर के जवाहर नगर एरिया से 25 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस पोस्ट को फेसबुक पर करीब 1,200 बार साझा किया गया है।

भाईयो mp के रतलाम जिले के जावरा शहर से बच्चे पकङने वाले 25 आदमियो कि गेंग को पकङा गया है
आपके फोन मे जितने भी सम्पर्क…

Posted by Reetesh Namdeo on Wednesday, 24 July 2019

कुछ अन्य उपयोकर्ता ने इसे समान दावे से फेसबुक और ट्विटर पर शेयर किया है।

सेक्स रैकेट गिरोह, बच्चा चोर नहीं

तस्वीर को ज़ूम करके देखने पर, ऑल्ट न्यूज़ तस्वीर में पुलिस स्टेशन के नाम को देख पाया, जिसमें लिखा हुआ था कि –“नगर पुलिस अधीक्षक जावरा जिला – रतलाम”

ऑल्ट न्यूज़ ने रतलाम पुलिस के एसपी से इस तस्वीर और साथ में किये गए दावे की पुष्टि करने के लिए संपर्क किया। हमें रतलाम पुलिस के साइबर सेल के संपर्क में रखा गया। व्हाट्सएप पर बात करते हुए साइबर सेल टीम के एक सदस्य ने, हमें एक समाचार रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट भेजा, जिसमें यह तस्वीर प्रकाशित की गई थी।

15 जुलाई, 2019 को पत्रिका द्वारा प्रकाशित लेख का शीर्षक था –“देह व्यापार में संलिप्त 9 युवतियों सहित 15 युवक धराए”। रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने लेबड़-नयागांव फोर-लेन रोड पर स्थित एक रेड लाइट एरिया के खिलाफ कार्रवाई की थी।

सेक्स रैकेट गिरोह को गिरफ्तार करने की तस्वीर को बच्चों को अगवा करने वाले समूह के गलत दावे से साझा किया गया। बच्चा चोरी की अफवाहों को बढ़ावा देने के लिए हाल ही में एक मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति को स्थानीय लोगों द्वारा पूछताछ करने के वीडियो को सोशल मीडिया में साझा किया गया था। ऐसी ही अफवाहें कि रोहिंग्या मुस्लिमों के समूह द्वारा बच्चों को अगवा किया जा रहा है, जुलाई 2018 में भी प्रसारित की गई थी।

ग़लत
दावा:
एमपी से पुलिस ने बच्चो को अगवा करने वाले रोहिंग्या मुस्लिमों के गिरोह को गिरफ्तार किया

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