18 अप्रैल को भाजपा के नेशनल जनरल सेक्रेटरी बी एल संतोष ने स्विट्ज़रलैंड के मैटरहॉर्न पर्वत की एक तस्वीर शेयर की. इस तस्वीर में दिख रहा है कि मैटरहॉर्न पहाड़ पर भारत के तिरंगे जैसी रोशनी की गई है. दावा है कि स्विट्ज़रलैंड ने कोरोना वायरस के खिलाफ़ छिड़ी जंग में भारत प्रयासों की सराहना करने के लिए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा HCQ टेबलेट्स पहुंचाए जाने की वजह से ऐसा किया गया. संतोष के इस ट्वीट को आर्टिकल लिखे जाने तक 13 हज़ार से ज़्यादा बार लाइक 2,400 बार रीट्वीट किया जा चुका है. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

‘प्रसार भारती’ ने इसी दावे के साथ ये तस्वीर फ़ेसबुक और ट्विटर पर पोस्ट की है. (पोस्ट का आर्काइव लिंक)

इसी मेसेज के साथ ये तस्वीर फ़ेसबुक और ट्विटर पर वायरल है.

ऑल्ट न्यूज़ के ऑफ़िशियल ऐप पर भी इस तस्वीर के बारे में जानने के लिए कुछ रीक्वेस्ट की गई हैं.

फ़ैक्ट-चेक

हमने अपनी जांच में पाया कि स्विट्ज़रलैंड के मैटरहॉर्न पर्वत पर भारतीय झंडे के रंगों का प्रोजेक्शन किया गया था. लेकिन तस्वीर के साथ किया गया ये दावा ग़लत है जिसके अनुसार इस घटना की वजह भारत द्वारा HCQ टेबलेट्स पहुंचाना था. ट्विटर पर कीवर्ड सर्च करने से 17 अप्रैल की @IndiainSwiss हैंडल की एक ट्वीट मिली. ये स्विट्ज़रलैंड में भारतीय दूतावास का हैंडल है. जिसके मुताबिक, कोरोना वायरस के खिलाफ़ छिड़ी जंग में भारत के साथ एकजुटता दर्शाने के लिए स्विट्ज़रलैंड ने मैटरहॉर्न पर्वत पर भारतीय ध्वज की रोशनी की. साथ ही ये बताया गया है कि कोरोना संक्रमण के चलते सभी भारतीयों को ‘उम्मीद और हिम्मत’ देने के लिए ऐसा किया गया था. इस ट्वीट में @zermatt_tourism को इसके लिए धन्यवाद देते हुए टैग किया गया है.

मैटरहॉर्न के इंस्टाग्राम पेज ने सभी भारतवासियों को ‘उम्मीद और हिम्मत’ देते हुए  ये 17 अप्रैल को ये तस्वीर शेयर की.

ज़रमैट मैटरहॉर्न टूरिज़म की वेबसाइट के मुताबिक, ऐसा सिर्फ़ भारत के लिए ही नहीं लेकिन कोरोना वायरस के खिलाफ़ लड़ने वाले सभी देशों के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए किया था. मैटरहॉर्न पर्वत पर सभी देशों के लोगों को ऐसे बुरे वक़्त में उम्मीद देने के लिए झंडों के रंग की रोशनी की गई थी. वेबसाइट के मुताबिक, मैटरहॉर्न पर भारत, चीन, अमेरिका, जापान, जर्मनी, ब्रिटेन, स्पेन, फ्रांस, इटली जैसे देशों के झंडों के रंग की रोशनी की गई. पर्वत पर बनाई गयी इन झंडों की तस्वीरें आप नीचे देख सकते हैं.

 

मैटरहॉर्न ने अपने ट्विटर हैन्डल से भी इन तस्वीरों को शेयर किया हैं.

इस तरह कोरोना महामारी के दौरान स्विट्ज़रलैंड के मैटरहॉर्न पर्वत पर कई देशों के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए झंडों की रोशनी की गई थी. सोशल मीडिया में मैटरहॉर्न पर्वत पर भारतीय झंडे को दिखलाती तस्वीर शेयर कर ये ग़लत दावा किया गया कि कोरोना के खिलाफ़ चल रही लड़ाई में भारत की प्रमुखता को देखते हुए ऐसा किया है.

ग़लत
दावा:
मैटरहॉर्न पर्वत पर कोरोना के खिलाफ़ भारत की प्रमुखता को देखते हुए भारतीय झंडे की रोशनी की गई

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