दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का ‘विकास’ दिखाते हुए एक सड़क की तस्वीरें शेयर की गयी हैं. कैप्शन में लिखा है- “अंकलेश्वर के पास इंटरचेंज,” तस्वीरों में एक्सप्रेसवे के पहले और बाद की तस्वीरों को एक साथ दिखाने की कोशिश की गयी है.

महाराष्ट्र बीजेपी के प्रवीण अलाई ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को टैग करते हुए हैशटैग #PragatiKaHighway के साथ ये तस्वीरें टट्विटर पर पोस्ट कीं.

नितिन गडकरी ने भी नर्मदा नदी पर पुल के निर्माण का कथित विकास दिखाने के लिए दो और तस्वीरों के साथ ट्वीट किया था. बाद में उन्होंने ट्वीट डिलीट कर लिया लेकिन उसका आर्काइव यहां देखा जा सकता है.

हिंदी न्यूज़ चैनल इंडिया टीवी ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक आर्टिकल में इसी तस्वीर का इस्तेमाल किया है.

फ़ैक्ट-चेक

पहली तस्वीर

पहली तस्वीर की सच्चाई जानने के लिए हमने इसका रिवर्स इमेज सर्च किया. हमने देखा कि कई वेबसाइटों के मुताबिक, तस्वीर यमुना एक्सप्रेसवे इंटरचेंज की है. इसे ध्यान में रखकर हमने गूगल पर कई कीवर्ड सर्च किये. हमें द इकोनॉमिक टाइम्स का एक आर्टिकल मिला, जिसमें ऐसी ही तस्वीर थी जिसके कैप्शन में “यमुना एक्सप्रेसवे, ग्रेटर नोएडा से आगरा” लिखा था. आर्टिकल में तस्वीर का क्रेडिट भी जेपी समूह को दिया गया.

इसके बाद हमने जेपी की वेबसाइट पर चेक किया. यहां उनकी गैलेरी में “एक्सप्रेसवे” टॉपिक पर इसी इंटरचेंज की एक तस्वीर मिली.

इस फ़ोटो का उपयोग यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) की वेबसाइट पर एक बैनर तस्वीर के रूप में किया गया है. इसपर लिखा है, “Yamuna Express Way… Future is Here”.

नीचे हमने 3डी गूगल मैप्स की तस्वीर जोड़कर दिखायी है जो ये साबित करते हैं कि अंकलेश्वर और यमुना एक्सप्रेसवे इंटरचेंज में ‘इंटरचेंज’ काफी अलग हैं.

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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, एमपी, गुजरात और महाराष्ट्र से होकर गुज़रेगा, जबकि यमुना एक्सप्रेसवे ग्रेटर नोएडा को आगरा से जोड़ने वाली एक अलग परियोजना है. सोशल मीडिया पर शेयर की गई तस्वीर अंकलेश्वर में इंटरचेंज की नहीं है.

दूसरी तस्वीर

दूसरी तस्वीर के लिए हमने फिर से गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च किया. और हमें ये तस्वीर प्लेनेट गुजरात वेबसाइट पर मिली. ये नर्मदा पर बने सरदार पुल की असल तस्वीर नहीं बल्कि प्रस्तावित पुल की डिजिटल तस्वीर है.

ये तस्वीर 2016 की शुरुआत में “StrucCore” नामक वेबसाइट पर भी शेयर की गयी थी.

बारूच में नर्मदा पर केवल पुल का उद्घाटन 2017 में किया गया था. नीचे पुल की एक तस्वीर देख सकते हैं.

इस तरह, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे में विकास दिखाने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे की एक तस्वीर शेयर की गई. यहां तक ​​कि केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने भी इंटरचेंज की गलत तस्वीर शेयर की.

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Kalim is a journalist with a keen interest in tech, misinformation, culture, etc