वायरल हो रहे व्हाट्सऐप मेसेज के साथ ये दावा किया जा रहा है कि Covid-19 से मरने वाले लोगों के परिवार प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) के अंतर्गत 2 लाख रुपये के बीमा के हक़दार हैं. मेसेज में कहा जा रहा है कि बीमाराशि की पात्रता चेक करने के लिए लोगों को बस ये देखना होगा कि क्या 1 अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2021 के बीच उनके खाते से 330 रुपये (PMJJBY के अंतर्गत) और 12 रुपये (PMSBYके अंतर्गत) की कटौती हुई है.

वायरल हो रहा पूरा मेसेज यूं है – “कृपया इस ज़रूरी सूचना पर ध्यान दें: अगर किसी के नज़दीकी रिश्तेदार या दोस्त की Covid-19 या किसी और वजह से मृत्यु हो जाती है तो आप बैंक से उस वित्तीय वर्ष के 01-04 से 31-03 तक का उसके खाते का स्टेटमेंट या पासबुक एंट्री मांगें. अगर उसमें 21 रुपये या 330 रुपये की एंट्री मिलती है तो उसे मार्क कर लें. बैंक जायें और 200000 रुपये की बीमाराशि की मांग करें. 2015 में भारत सरकार ने सभी बैंकों के सभी सेविंग्स खाताधारकों को 2 बीमा स्कीम दी थीं: 330 रुपये में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) और 12 रुपये में प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) 2 लाख रुपये. हम में से कई लोगों ने फ़ॉर्म भरा होगा. इसकी प्रीमियम भी 31/05 को अकाउंट से कटेगी. ये एक जागरूकता फैलाने वाला मेसेज है धन्यवाद.”

ऑल्ट न्यूज़ को अपने व्हाट्सऐप (7600 11160) और मोबाइल ऐप पर इस मेसेज की पुष्टि करने से जुड़ी कई रिक्वेस्ट मिली हैं. आप फ़ैक्ट चेक की रिक्वेस्ट भेजने कल इए हमारी मोबाइल अप्लिकेशन डाउनलोड कर उसका इस्तेमाल कर सकते हैं. (एंड्रॉइड ऐप, ऐपल iOS ऐप)

भ्रामक व्हाट्सऐप मेसेज

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के बारे में जानकारी 2015 में जन धन – जन सुरक्षा योजना के अंतर्गत रिलीज़ की गयी थी जिसके तहत बेहद सहज कीमत में सेविंग्स खाताधारकों को सामजिक सुरक्षा मुहैया करवाने का प्रबंध किये जाने की बात कही गयी थी. पॉलिसी से जुड़े विवरण वित्तीय सेवाएं विभाग की वेबसाइट पर मौजूद हैं. PMJJBY किसी भी वजह से हुई मृत्यु के लिए बीमा मुहैया कराता है वहीं PMSBY एक्सीडेंट में हुई मौत या उससे हुई पूर्ण या आंशिक विकलांगता के लिए बीमा करता है.

नीचे दी गयी तुलना करती हुई टेबल में आप दोनों बीमा पॉलिसी के मुख्य बिंदु देख सकते हैं जिसमें PMJJBY के लिए 330 रुपये और PMSBY के लिए 12 रुपये सालाना क़िस्त बतायी गयी है.

अप्रैल 2020 में, Covid-19 के ख़िलाफ़ लड़ने के मकसद से जीवन बीमा निगम (LIC) ने एक प्रेस नोट जारी किया जिसके अनुसार, “भारतीय जीवन बीमा निगम अपने बीमाधारकों को ये बताना चाहता है कि Covid-19 की वजह से होने वाली सभी मौतों के क्लेम को बाकी मृत्यु की वजहों के बराबर ही माना जाएगा और पेमेंट जल्द से जल्द करवाने की पूरी कोशिश की जायेगी.” उस वक़्त की कई मीडिया रिपोर्ट्स इस बात की पुष्टि भी करती हैं. पाठक इस बात पर गौर करें कि वित्तीय सेवाएं विभाग के अनुसार LIC PMJJBY की सुविधायें देती है.

सितम्बर 2020 में, प्रेस इन्फ़ॉर्मेशन ब्यूरो ने महिला और बाल विकास मंत्रालय के हवाले से आया एक प्रेस नोट पब्लिश किया था जिसमें उन बीमा पॉलिसी का ज़िक्र था जो महामारी के दौरान सहयोग करने सम्बन्धी था. इसमें भी PMJJBY का ज़िक्र था न कि PMSBY का. इसलिए ये तो कहा ही जा सकता है कि Covid-19 के लिए सिर्फ़ PNJJBY ही जीवन बीमा देता है. मनीकंट्रोल के मुताबिक़, 1 अप्रैल से 9 अक्टूबर के बीच Covid-19 के चलते 61 लाख रुपयों की PMJJBY पॉलिसी बेची गयी हैं.

PIB ने भी इस वायरल मेसेज का बीते साल, 2020 में, फ़ैक्ट चेक किया था. PIB ने ट्वीट करते हुए कहा था, ‘PMSBY कोविड से जुड़ी मौतों को कवर नहीं करती है वहीं PMJJBY कुछ शर्तों के साथ Covid से होने वाली मौतों को कवर करती है.’

PMJJBY के शर्त और नियम समझने के लिए हमने जन धन से जन सुरक्षा हेल्पलाइन पर संपर्क किया और हमें बताया गया, “किसी भी वजह से होने वाली मौत के बाद 55 वर्ष से कम उम्र के बीमाधारक को 2 लाख रुपये की रक़म दी जाती है और ऑटो-डेबिट फ़ीचर ऑन कर दिया जाता है.” ऐसा आख़िरी आधिकारिक दस्तावेज, जिसमें निरंतर पूछे जा रहे सवालों को संकलित किया गया हो, 2016 का पाया गया. इसमें लिखा है कि बीमाधारक की उम्र 55 वर्ष होते ही जीवन बीमा ख़तम हो जाता है.

कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने ये दावा किया कि ऐसे लोग, जिनकी Covid-19 से मौत हो जाती है, उनके परिवार को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना नाम की सरकारी बीमा योजनाओं के तहत 2 लाख रुपये की राशि मिलती है. ये मेसेज भ्रामक है क्यूंकि Covid-19 से जुड़े मामलों में सिर्फ़ PMJJBY ही काम आती है जिसमें कुछ शर्तें भी होती हैं.

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About the Author

Archit is a fact-checking journalist at Alt News since November 2019. Previously, he has worked as a producer at a TV news channel and as a reporter at a leading English-language daily. In addition to work experience in media, he has also worked as a fundraising and communication manager at an NGO.