सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में कुछ पुलिसकर्मी अपने हाथों से मुस्लिम सामुदाय के बच्चों को खाना परोसते हुए दिख रहे हैं. यूज़र्स का दावा है कि ये उत्तर प्रदेश की पुलिस है जो समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल में इफ़्तार पार्टी का आयोजन कर अपने हाथ से लोगों को खाना खिला रही है.

मिस्टर त्यागी (@mktyaggi) नामक एक्स-यूज़र ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “समाजवादी पार्टी की सरकार में पुलिस इतनी सेक्युलर थी कि रोजा इफ्तारी में अपने हाथ से लोगों को खाना खिलाती थी. फिर योगी जी की सांप्रदायिक सरकार आई और पुलिस कांवड़ियों पर फूल बरसाने लगी.” (आर्काइव लिंक)

भाजपा समर्थक अरुण यादव कोसली ने भी ऐसे ही दावे से वीडियो शेयर किया. (आर्काइव लिंक)

बता दें कि ऑल्ट न्यूज़ द्वारा पहले भी अरुण यादव कोसली और मिस्टर त्यागी को कई मौकों पर ग़लत और सांप्रदायिक नफ़रती जानकारी फैलाते हुए पाया गया है.

इसके अलावा, ऑल्ट न्यूज़ ने पाया कि यह दावा नया नहीं है मार्च 2025 में भी ये वीडियो इसी दावे के साथ वायरल हुआ था. एक्स-यूज़र डॉ.रामकुमार चतुर्वेदी, अनीता व्लादिवोस्की, दिलीप कुमार सिंह समेत कई अन्य ने इसे शेयर किया था. (आर्काइव लिंक-1, लिंक-2, लिंक-3)

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फ़ैक्ट-चेक

वायरल दावे की सत्यता जानने के लिए ऑल्ट न्यूज़ ने वीडियो के की-फ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च किया. हमें यही वीडियो एक्स-यूज़र सिराज नूरानी के एक्स अकाउंट पर 30 अप्रैल 2022 को पोस्ट किया हुआ मिला. पोस्ट के कैप्शन में लिखा है, “सोलापुर पुलिस आयुक्त ने उर्दू माध्यम के छात्रों के लिए इफ्तार पार्टी का आयोजन किया, समाज के लिए एक अच्छा उदाहरण पेश किया.” बता दें कि सोलापुर, महाराष्ट्र में है ना कि उत्तर प्रदेश में.

आगे जांच रखते हुए हमने की-वर्डस सर्च किया. हमें Muslim Mirror और Awaz the voice की न्यूज़ रिपोर्ट मिलीं. इनमें बताया गया है कि महाराष्ट्र के सोलापुर शहर पुलिस आयुक्त (पुलिस कमिश्नर) हरीश बैजल ने अपने घर पर सोशल उर्दू प्राइमरी स्कूल के 100 से अधिक प्राथमिक विद्यालय के छात्रों और शिक्षकों के लिए इफ्तार पार्टी का आयोजन किया था. पुलिस कमिश्नर ने अपने आवास पर बनाए गए पक्षी अभयारण्य को देखने आए बच्चों से प्रभावित होकर इफ्तार पार्टी का आयोजन किया था. यानी, स्पष्ट है कि वायरल वीडियो महाराष्ट्र के सोलापुर का है.

आगे जांच के दौरान हमें मुंबई टाइम्स के यूट्यूब चैनल पर इस इफ्तार पार्टी की एक वीडियो रिपोर्ट, 1 मई 2022 को अपलोडेड मिली. इसमें इस इफ्तार पार्टी के आयोजन को पूरी दुनिया के लिए एकता और भाईचारे का प्रतीक बताया गया है. जानकारी के मुताबिक, पुलिस उपायुक्त वैशाली कडुकर मैडम, बापू बंगर और अन्य अधिकारी भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे.

29 अप्रैल 2022 को सोलापुर शहर पुलिस के आधिकारिक एक्स-हैंडल पर पुलिस कमिश्नर हरीश बैजल के साथ बच्चों की तस्वीर शेयर की गई थी.

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर अखिलेश यादव का शासन काल 2012 से 2017 तक था. इस कार्यकाल के दौरान कई मौकों पर (पढ़ें, पढ़ें) तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इफ्तार पार्टी का आयोजन किया था. लेकिन वायरल वीडियो का उनके किसी इफ्तार पार्टी के आयोजन से कोई संबंध नहीं है.

कुल मिलाकर, वायरल वीडियो उत्तर प्रदेश का नहीं बल्कि महाराष्ट्र के सोलापुर का है. अप्रैल 2022 में तत्कालीन सोलापुर पुलिस आयुक्त हरीश बैजल ने उर्दू माध्यम के स्कूली बच्चों के लिए इफ़्तार पार्टी आयोजित की थी. इस मौके के वीडियो को उत्तर प्रदेश का बताकर ग़लत दावा किया जा रहा है.

ग़लत
दावा:
समाजवादी पार्टी की सरकार में पुलिस इतनी सेक्युलर थी कि रोजा इफ्तारी में अपने हाथ से लोगों को खाना खिलाती थी

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