एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की जंतर-मंतर पर चल रही भूख हड़ताल को 16 दिन हो गए हैं. इसी बीच 13 जुलाई, 2026 को प्रो-बीजेपी इन्फ़्लुऐंसर ऋषि बागरी ने एक वीडियो शेयर किया जिसमें कथित तौर पर सोनम वांगचुक को ये कहते हुए दिखाया गया कि वो भारत पर हमला करने में चीन की मदद करेंगे. (आर्काइव लिंक)

दिल्ली में यह विरोध प्रदर्शन कॉकरोच जनता पार्टी ने शैक्षणिक सुधारों और NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शुरू किया. सोनम वांगचुक 28 जून को इस आंदोलन में शामिल हुए और तब से वे उपवास पर हैं.

पिछले साल भी ये वीडियो वायरल हुआ था

मीडिया आउटलेट रिपब्लिक वर्ल्ड ने 25 सितंबर, 2025 को अपने यूट्यूब पेज पर एक बुलेटिन का एक हिस्सा पोस्ट किया, जिसका टाइटल था, “द डिबेट लाइव: सोनम वांगचुक का लद्दाख विरोध और नेपाल जेनज़ी टूलकिट के पदचिह्न.” वीडियो में एंकर कहते हैं कि सोनम वांगचुक के असली इरादों पर अभी सवाल उठाया जाना बाकी है. 1 मिनट 10 सेकेंड पर, होस्ट्स में से एक कहता है, “हमने फिर से उनकी कुछ टिप्पणियां देखीं. उन्होंने रिकॉर्ड पर कहा, “अगली बार जब चीनी आएंगे, तो हम सुनिश्चित करेंगे कि हम भारत में चीनियों का स्वागत करें.” उन्होंने कहा है कि लद्दाख के लोग नेपाल, बांग्लादेश जैसा विरोध चाहते हैं…”

बुलेटिन में 3 मिनट 20 सेकेंड पर, वायरल क्लिप शेयर की जाती है.

इंस्टाग्राम यूज़र @rajput_preeeti ने 27 सितंबर को उसी क्लिप के साथ एक रील पोस्ट की. सोनम वांगचुक को ये कहते हुए सुना जाता है, “जब चीन घुस आता है, तो लद्दाख के लोग जान देकर रोकते हैं. मगर अब अगर भारत सरकार हमारे लिए कुछ नहीं कर रहा है, तो अगली बार वो (चीन) आएं, तो हम उनको रास्ता दिखाएंगे, हम उनको रोकेंगे नहीं. हम जान क्यूँ दें जब हमारा कोई संरक्षण नहीं हो रहा है?” बाद में वीडियो में अन्य आरोप लगाने से पहले, यूज़र ने कमेंट किया कि लद्दाख में विरोध प्रदर्शन अचानक नहीं हुआ.

फिलहाल, रील अब प्लेटफ़ॉर्म पर मौजूद नहीं है.

सोशल मीडिया पर @rishibagree@FrontalForce और @itsmittalHim,जैसे कई अन्य यूज़र्स ने उसी क्लिप को पोस्ट करते हुए दावा किया कि सोनम वांगचुक ने कहा कि वो चीन को भारत में प्रवेश करने में मदद करेंगे.

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फ़ैक्ट-चेक

जांच में हमें वायरल वीडियो का लंबा वर्जन मिला. इसे सोनम वांगचुक के आधिकारिक इंस्टाग्राम पेज (@wangchuksworld) और उनके एक्स हैंडल (@wangchuk66) पर 12 मार्च, 2024 को पोस्ट किया गया था, जब सोनम वांगचुक, कई लद्दाखियों के साथ, राज्य का दर्जा और लद्दाख में छठी अनुसूची के कार्यान्वयन की मांग को लेकर 21 दिन की भूख हड़ताल पर थे. इसलिए, ये साफ़ है कि वीडियो का क्षेत्र में अशांति से कोई संबंध नहीं है. 

3 मिनट 16 सेकेंड के वीडियो की शुरुआत में सोनम वांगचुक कहते हैं कि ये विरोध के 7वें दिन का अंत है और जीवन के सभी क्षेत्रों के लोगों ने उनके साथ अपनी एकजुटता दिखाई है.

1 मिनट 37 सेकेंड पर वो कहते हैं, “और यहां के एक फ़ेमस कॉमेडियन हैं, जिन्होंने कहा कि, ‘जब चीन घुस आता है, तो लद्दाख के लोग जान देकर रोकते हैं. मगर अब अगर भारत सरकार हमारे लिए कुछ नहीं कर रहा है, तो अगली बार वो (चीन) आएं, तो हम उनको रास्ता दिखाएंगे, हम उनको रोकेंगे नहीं. हम जान क्यूँ दें जब हमारा कोई संरक्षण नहीं हो रहा है?’ और उसके बाद उन (कॉमेडियन) पर पुलिस की पूछताछ लगी ये कैसे कहा है. मेरा तो ख्याल है कि डोंट कील द मेसेंजर सॉल्व द प्रॉब्लम. उनका तो फ्रस्टेशन निकल रहा है. आप समस्या का हल करें तो बेहतर होगा.”

यानी, वीडियो के लंबे वर्जन से ये साफ़ हो जाता है कि सोनम वांगचुक ने किसी भी समय ये नहीं कहा कि वो चीन को भारत पर आक्रमण करने में मदद करेंगे. वो सिर्फ एक कॉमेडियन को कोट कर रहे थे जिसने ऐसा बयान दिया था. वायरल क्लिप को बिना संदर्भ के शेयर किया जा रहा है. रिपब्लिक ने क्लिप किया हुआ वीडियो चलाया और सोनम वांगचुक पर झूठा आरोप लगाया.

गौरतलब है कि ये दूसरा झूठा दावा है जो अर्नब गोस्वामी के रिपब्लिक टीवी ने सोनम वांगचुक पर अपनी रिपोर्ट में किया है. ऊपर बताए बुलेटिन में उन्होंने ये भी दावा किया कि सोनम वांगचुक ने लद्दाख में नेपाल जैसी हिंसा का आह्वान किया था, जो कि ग़लत है.

ग़लत
दावा:
सोनम वांगचुक ने कहा कि वो चीन को भारत में घुसने में मदद करेंगे

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