कर्नाटक में तुमकुर ज़िले के नित्तुरपुर गांव में स्थित श्री कल्लेश्वर स्वामी के रथ में आग लगाए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. वीडियो में देखा जा सकता है कि लोग एक व्यक्ति को पकड़ रहे हैं. बीजेपी कर्नाटक के ऑफ़िशियल हैंडल ने वीडियो को इस दावे के साथ ट्वीट किया कि आगजनी के पीछे का मकसद हिंदुओं पर हमला करना था जिस तरह पहले “खिलजी, गजनी और गोरी” ने  किया था. भाजपा ने ये भी दावा किया कि ये घटना कांग्रेस सरकार के ‘पक्षपात’ की वजह से हुई. (आर्काइव)

पोस्टकार्ड कन्नड़ ने एक ग्राफ़िक पोस्ट किया जिसमें जले हुए रथ की तस्वीरें शामिल हैं. ग्राफ़िक में कन्नड़ में लिखे टेक्स्ट का अनुवाद है, “उपद्रवियों ने तुमकुर ज़िले के नित्तूर में 800 साल पुराने श्री कल्लेश्वर स्वामी मंदिर के रथ में आग लगा दी. हिंदू जितना चुप रहते हैं, उनकी हंसी उतनी ही बढ़ती जाती है.” पोस्टकार्ड न्यूज़ महेश विक्रम हेगड़े और विवेक शेट्टी चलाते हैं. 2019 में इन्हें ग़लत सूचना फ़ैलाने के आरोप में कर्नाटक में गिरफ़्तार भी किया गया था. पिछले दिनों, ऑल्ट न्यूज़ ने खुलासा किया था कि कैसे पोस्टकार्ड एक सिलसिलेवार फर्ज़ी न्यूज़ फ़ैलाने का काम करता है और दुर्भाग्य से कई वरिष्ठ भाजपा नेता इसका समर्थन करते हैं.

ग्राफ़िक को ट्विटर और फ़ेसबुक पर पोस्ट किया गया था.

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फ़ैक्ट-चेक

हमने देखा कि तुमकुर पुलिस के ऑफ़िशियल अकाउंट से घटना के बारे में एक बयान जारी किया गया है. बयान के मुताबिक, राजस्व अधिकारी मोहन कुमार B A ने गुब्बी पुलिस स्टेशन में एक लिखित शिकायत दर्ज़ की थी, जिसके सारांश से ये संकेत मिलता है कि 11 मार्च को दोपहर के आसपास, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के पुरा गांव का उदारी नामक एक व्यक्ति श्री कल्लेश्वर स्वामी के रथ में आग लगा दी. रथ पूरी तरह जलकर खाक हो गया. 35 साल के आरोपी निषाद समुदाय से है और उत्तर प्रदेश के गोरखपुर का रहने वाला बताया जा रहा है. रथ जलने से लगभग 20 लाख रुपये के नुकसान होने का अनुमान है. आरोपी को गिरफ़्तार कर लिया गया है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए गांव में एहतियाती कदम भी उठाए गए हैं.

‘निषाद’ हिंदू समुदाय की एक जाति है. इनकी आबादी बिहार और उत्तर प्रदेश में केंद्रित है.

ऑल्ट न्यूज़ ने ऑनलाइन FIR को एक्सेस किया, जिसमें उदारी को आरोपी के रूप में नामित किया गया है. घटना के डिटेल्स SP के बयान के मुताबिक हैं. आरोपी के पिता का नाम राधेशाम है. मामला सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम, 1984 (U/AS-3) और IPC की धारा 436 के तहत दर्ज किया गया है.

हमें घटना के बारे में स्थानीय मीडिया आउटलेट्स की कई रिपोर्ट्स भी मिलीं. न्यूज़ 18 कन्नड़ की रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रामीणों को शुरू में शक था कि आग बिजली के शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी है. फ़ायर ब्रिगेड कर्मियों ने घटनास्थल का दौरा किया और आग बुझाई. बाद में पता चला कि कुछ स्थानीय लोगों ने आरोपी को रथ के बगल में नारियल के पत्तों में आग लगाते हुए देखा था.

तुमकुर के SP अशोक केवी ने ऑल्ट न्यूज़ को बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है.

कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश के एक हिंदू व्यक्ति द्वारा कर्नाटक के तुमकुर में आगजनी के मामले को भाजपा कर्नाटक के ऑफ़िशियल हैंडल द्वारा ग़लत तरीके से सांप्रदायिक ऐंगल दिया गया. भाजपा ने कांग्रेस सरकार को टारगेट करते हुए ये दावा किया कि घटना में शामिल व्यक्ति ‘हिंदुओं पर हमला’ करने की कोशिश कर रहा था.

ग़लत
दावा:
कर्नाटक में स्थित श्री कल्लेश्वर स्वामी रथ में आग, हिंदुओं पर हमला

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