सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ट्विटर और फ़ेसबुक पर एक वीडियो क्लिप वायरल है. इसमें देखा जा सकता है कि बुर्का पहना एक आदमी दिन-दहाड़े एक लड़के को नशीली चीज़ खिलाता है. और बाद में लाल शर्ट पहने एक रिक्शा चालक की मदद से उसे रिक्शा के अंदर ले जाता है. ये वीडियो शेयर करते हुए लोग लिख रहे हैं, “अपने बच्चों को ऐसे लोगों से सावधान रखिए.”

सुदर्शन न्यूज़ के रिपोर्टर संतोष चौहान ने ये वीडियो ट्वीट किया. इसे आर्टिकल लिखे जाने तक करीब 3.5 लाख व्यूज़ मिल चुके हैं. (आर्काइव लिंक)

फ़ेसबुक यूज़र असिस दुबे ने भी ये वीडियो पोस्ट किया जिसे 8 हज़ार से ज़्यादा बार देखा जा चुका है.

अपने बच्चों को ऐसे लोगों से सावधान रखिए।

Posted by Asis Dubey on Saturday, 2 July 2022

सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टूल क्राउडटेंगल का इस्तेमाल करके हमने देखा कि ये वीडियो कई राईट विंग फ़ेसबुक पेज और अलग-अलग फ़ेसबुक ग्रुप्स में शेयर किया गया था.

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फ़ैक्ट-चेक

ऑल्ट न्यूज़ ने वीडियो और इमेज वेरिफ़िकेशन टूल InVid का इस्तेमाल करके वीडियो के फ़्रेम का रिवर्स इमेज सर्च किया. इससे हमें मिस्र स्थित अरबी न्यूज़ वेब पोर्टल Masrawy की 28 जून की एक रिपोर्ट मिली. रिपोर्ट के मुताबिक, ये घटना मिस्र के सोहाग शहर में हुई थी. ये शहर नील नदी के पश्चिमी तट पर स्थित है. हालांकि, इस रिपोर्ट में ये ज़िक्र नहीं है कि कथित घटना कब हुई थी. रिपोर्ट में कहा गया है कि वीडियो “मनगढ़ंत” है और अथॉरिटीज, चार लोगों के खिलाफ़ कार्रवाई करेगी.

वीडियो के एक अलग फ़्रेम को रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें इस कथित घटना का एक हाई-रिज़ॉल्यूशन वाला वीडियो मिला. दुबई की एक वेरीफ़ाईड यूट्यूब चैनल अल अरबिया ने इसे 30 जून को अपलोड किया था. इसमें वायरल वीडियो के सेगमेंट के अलावा, दो लोगों का बयान भी है. इनमें एक व्यक्ति ने काले कपड़े पहने हैं और दूसरे व्यक्ति ने रिक्शा वाले की तरह लाल टी-शर्ट पहना है. ऐसा लगता है कि इस वीडियो के लिए 4 लोगों को ज़िम्मेदार बताया गया है.

इसके बाद ऑल्ट न्यूज़ ने बुर्का पहने आदमी की तस्वीर का रिवर्स इमेज सर्च किया. इससे कई दूसरे अरबी न्यूज़ रिपोर्ट्स मिलें जिसमें इन चारों लोगों के बयान मौजूद है. (पहला लिंक, दूसरा लिंक)

ऑल्ट न्यूज़ ने मिस्र के पत्रकार होसम एल्हेंडी से संपर्क किया जिन्होंने बताया कि वीडियो नाटकीय था और निश्चित तौर पर इसे मिस्र में शूट किया गया था.

उन्होंने कहा, “हालांकि, लाल कार का लाइसेंस नंबर पढ़ा नहीं जा सकता. लेकिन इसका डिज़ाइन मिस्र की कारों की तरह ही है”. उन्होंने एक यूट्यूब वीडियो भी शेयर किया जिसमें मिस्र की अलग-अलग गाड़ियों की रजिस्ट्रेशन प्लेट दिखती हैं.

होसम एल्हेंडी ने बुर्का पहने आदमी का बयान ट्रांसलेट करके हमें बताया. बयान के मुताबिक, “मेरा नाम खलाफ़ अब्देल रहीम अब्देल आल है. मैं गरगा शहर [दक्षिणी मिस्र में सोहाग गवर्नरेट] में रहता हूं. सोशल मीडिया पर मेरे दो अकाउंट हैं. मैंने एक नाटकीय वीडियो बनाया था जिसमें दिखाया गया है कि एक लड़के को नशा कराके उसे अगवा किया जा रहा है. मैंने औरतों के कपड़े पहने थे और अपना चेहरा ढक रखा था. मेरा भाई अली टुक-टुक ड्राइवर बना था. और अहमद अब्बास और हुसैन ने ये वीडियो शूट किया था. मैंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि मैं चाहता था कि वीडियो वायरल हो और मैं फ़ेसबुक से पैसे कमा सकूं.”

होसम एल्हेंडी ने मिस्र के ‘मिनिस्ट्री ऑफ़ इंटीरियर’ का एक फ़ेसबुक पोस्ट भी शेयर किया जिसमें इस वीडियो को खारिज़ किया गया था. पोस्ट में लिखा है कि ये वीडियो स्क्रिप्टेड है. साथ ऊपर दिया गया अनुवादित बयान भी पोस्ट में शामिल किया गया है.

كشف ملابسات تداول مقطع فيديو مفبرك بمواقع التواصل الإجتماعى لإحدى المنتقبات تقوم بإختطاف طفل داخل مركبة “توك توك” عقب تخديره بوخز دبوس بكتفه بمعاونة آخرين.
بالفحص تبين أن الفيديو المشار إليه مفبرك .. عقب تقنين الإجراءات أمكن تحديد وضبط القائمين على الفيديو ، وتبين أنهم (4 أشخاص ، مقيمين بمحافظة #سوهاج “أحدهم إرتدى النقاب لإيهام مشاهدى مقطع الفيديو بأنه سيدة) وبمواجهتهم إعترفوا بأن الفيديو المشار إليه تم فبركته بأحد شوارع مدينة #جرجا بمحافظة سوهاج وأنه مشهد تمثيلى تم بثه على مواقع التواصل الإجتماعى بغرض تحقيق عائد مادى من خلال زيادة نسبة المشاهدة.
وتؤكد وزارة الداخلية على إتخاذ كافة الإجراءات القانونية ضد مروجى الأكاذيب والشائعات التى من شأنها إثارة البلبلة بكل حسم.
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الصفحة الرسمية لوزارة الداخلية على موقع إنستجرام :
https://www.instagram.com/moiegy

Posted by ‎الصفحة الرسمية لوزارة الداخلية‎ on Tuesday, 28 June 2022

कुल मिलाकर, मिस्र में एक बच्चे के अपहरण का नाटकीय वीडियो भारतीय सोशल मीडिया पर मुस्लिम समुदाय को टारगेट करने वाले कैप्शन के साथ वायरल है. मिस्र के अधिकारियों ने ये नाटकीय वीडियो बनाने के आरोप में चार लोगों को गिरफ़्तार किया था.

 

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About the Author

Archit is a senior fact-checking journalist at Alt News. Previously, he has worked as a producer at WION and as a reporter at The Hindu. In addition to work experience in media, he has also worked as a fundraising and communication manager at S3IDF.