श्रद्धा वॉल्कर मामले को मीडिया में पिछले कई हफ्तों से काफी डिटेल में कवर किया गया है. हत्या के आरोपी एवं श्रद्धा के लिव-इन पार्टनर आफताब अमीन पूनावाला को 12 नवंबर को गिरफ़्तार किया गया था. उसने कथित तौर पर 18 मई को लड़ाई के बाद श्रद्धा वॉल्कर की हत्या कर दी थी. पुलिस के मुताबिक, महाराष्ट्र के वसई में रहनेवाले आरोपी ने लाश के छोटे-छोटे टुकड़े कर उसे ठिकाने लगाने की कोशिश की थी. आफताब पूनावाला ने लाश के टुकड़ों को स्टोर करने के लिए एक रेफ़्रिजरेटर का इस्तेमाल किया और शहर के अलग-अलग हिस्सों में उन टुकड़ों को फेंक दिया था. हत्या के इन चौंकाने वाले डिटेल के अलावा, इस युगल के लाइफ़स्टाइल की भी छानबीन की गई. इसमें खासकर इस फ़ैक्ट को हाईलाइट किया गया कि उनका रिश्ता अंतर-धार्मिक था. आफताब पूनावाला की धार्मिक पहचान का इस्तेमाल एक मुस्लिम पुरुष और एक हिंदू महिला के बीच अंतर-धार्मिक संबंधों को टारगेट करने के लिए किया गया.

18 नवंबर को भाजपा-समर्थक प्रोपगेंडा चैनल सुदर्शन न्यूज़ के एडिटर इन चीफ़, सुरेश चव्हाणके ने एक अंतर्धार्मिक जोड़े की शादी के रिसेप्शन के इनविटेशन कार्ड की तस्वीर ट्वीट की.

उन्होंने लिखा, “हत्यारे आफ़ताब के वसई में ही अब “ इमरान और दिव्या” का होने जा रहा है निकाह/ विवाह का निमंत्रण सार्वजनिक हैं। उसी ग्राम के “अफताब ने श्रध्दा” के 35 टुकड़े करने के ह्रदय विदारक अपराध के बाद भी यह कैसे होने जा रहा हैं?”

#LoveJihad_ActOfTerrorism #LoveJihad #Sraddha वाले इस ट्वीट को 5 हज़ार से भी ज़्यादा यूज़र्स ने रिट्वीट और 10 हज़ार से ज़्यादा लोगों ने लाइक किया है. सुरेश चव्हाणके द्वारा ट्वीट की गई रिसेप्शन की तस्वीर में अड्रेस भी लिखा था जिसका इस्तेमाल दो परिवारों का पता लगाने के लिए आसानी से किया जा सकता है. ऑल्ट न्यूज़ ने सुरेश चव्हाणके के ट्वीट के स्क्रीनशॉट में इनविटेशन कार्ड पर मौजूद व्यक्तिगत जानकारी छुपा दी है.

जम्मू-कश्मीर युवा जाट सभा के अध्यक्ष अमनदीप सिंह बोपाराय ने इस शादी के निमंत्रण को ऑनलाइन पोस्ट करते हुए लिखा, “श्री बिपिन से अनुरोध है बेटी को फ्रिज थोड़ा बड़ा दीजिएगा.” यहां फ्रिज की बात शादी में दिए जाने वाले दहेज के रूप में की गई है.

सुरेश चव्हाणके ट्विटर की पॉलिसी से ऊपर हैं?

सुरेश चव्हाणके के ट्वीट को ये आर्टिकल लिखे जाने तक तकरीबन 100 घंटे से ज़्यादा हो गया है. लेकिन ट्विटर ने एक बार फिर अपनी पॉलिसी के तहत उनपर कोई कार्रवाई नहीं की. नवंबर 2021 में ट्विटर ने ‘मीडिया को शामिल करने के लिए हमारी निजी सूचना नीति का विस्तार’ टाइटल से एक ब्लॉग पब्लिश किया. शुरुआती पैराग्राफ़ में कहा गया है, “हमारी मौजूदा पॉलिसी के तहत, ट्विटर पर अन्य लोगों की निजी जानकारी, जैसे फ़ोन नंबर, एड्रेस और ID पब्लिश करने की अनुमति पहले से ही नहीं है. इसमें निजी जानकारी को उजागर करने की धमकी देना या दूसरों को ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित करना भी शामिल है.”

अगले पैराग्राफ़ में ट्विटर ने लिखा, “मीडिया और सूचना के ग़लत इस्तेमाल के बारे में चिंताएं बढ़ रही हैं जो लोगों को परेशान करने, डराने और उनकी पहचान उजागर करने के लिए ऑनलाइन कहीं और मौजूद नहीं है. तस्वीरों या वीडियोज़ जैसे पर्सनल मीडिया को शेयर करना संभावित रूप से किसी व्यक्ति की गोपनीयता का उल्लंघन कर सकता है और इससे भावनात्मक या शारीरिक नुकसान हो सकता है. पर्सनल मीडिया का ग़लत इस्तेमाल सभी को प्रभावित कर सकता है, लेकिन महिला, कार्यकर्ता, असंतुष्ट और अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है.”

नई पॉलिसी में उल्लंघन के तहत पहले पॉइंट में कहा गया है, “नीचे बताई गई निजी जानकारी या मीडिया, आप उस व्यक्ति की अनुमति के बिना शेयर नहीं कर सकते हैं जिसके घर का एड्रेस या लोकेशन की जानकारी, सड़क का एड्रेस, GPS निर्देशांक सहित निजी माने जाने वाले लोकेशन से संबंधित अन्य जानकारी मौजूद हो.”

एक निजी उत्सव समारोह की तस्वीर शेयर कर सुरेश चव्हाणके ने – a) निजी मीडिया (शादी के इनविटेशन की तस्वीर) का ग़लत इस्तेमाल किया और b) रिसेप्शन समारोह का एड्रेस और तारीख शेयर की.

चव्हाणके के ट्वीट के बाद का घटनाक्रम

उसी दिन, न्यूज़लॉन्ड्री ने रिपोर्ट किया कि सुरेश चव्हाणके के ट्वीट के बाद महाराष्ट्र के वसई में दो परिवारों ने शादी समारोह रद्द कर दिया. विश्वकर्मा हॉल में 20 नवंबर को समारोह होना तय हुआ था. इस हॉल के एक प्रबंधक ने नाम न छापने की शर्त पर न्यूज़लॉन्ड्री को बताया, “वो [दोनों परिवार] पूरे दिन फ़ोन रिसीव कर रहे थे और परेशान लग रहे थे. 20 नवंबर को समारोह आयोजित होने वाला था, उन्होंने मेरे कार्यक्रम स्थल पर होने वाले शादी समारोह को रद्द कर दिया और मैंने उनकी जमा राशि वापस कर दी. ये समारोह के इनविटेशन कार्ड के सार्वजनिक रूप से लीक होने के कारण हुआ.”

द क्विंट से बात करते हुए इस मामले की जानकारी रखने वाले एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “दूल्हा और दुल्हन दोनों वयस्क हैं और उनके परिवार वाले उनकी शादी का समर्थन कर रहे हैं. हमें (शादी के रिसेप्शन को लेकर) कोई समस्या नहीं है.” रिपोर्ट में कहा गया है कि ये जोड़ा पहले से ही शादीशुदा है और 20 नवंबर को उनकी शादी का रिसेप्शन था. वसई के एक अन्य पुलिस अधिकारी एस पाटिल ने द क्विंट को बताया, “हमने उस महिला और व्यक्ति से बात की. उन्होंने कोर्ट मैरिज की है.”

मानिकपुर पुलिस स्टेशन के एक पुलिस अधिकारी ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया, “उनके माता-पिता ने हमें बताया कि परिवार में हुई एक मौत के कारण उन्होंने आनंद नगर में विश्वकर्मा हॉल में होने वाले रिसेप्शन को रद्द कर दिया है. लेकिन करीबी रिश्तेदारों की मौजूदगी में उन्होंने एक मंदिर में साधारण माला विनिमय समारोह किया.” ऑल्ट न्यूज़ ने व्हाट्सऐप के माध्यम से दिव्या से संपर्क किया और कई बार कॉल करने की कोशिश की.

ऑल्ट न्यूज़ ने वसई के पत्रकार सुहास बिरहाड़े से बात की. वो भी इस स्टोरी का फ़ॉलोअप कर रहे हैं. सुहास बिरहाड़े ने ऑल्ट न्यूज़ को बताया, “ऐसा लगता है कि स्वागत समारोह से लगभग दो महीने पहले वेन्यू बुक किया गया था. रिसेप्शन से ठीक दो दिन पहले सुरेश चव्हाणके के ट्वीट के बाद, व्यक्तिगत समारोह, न्यूज़ और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया. इसके बाद, पुलिस अधिकारियों ने दोनों परिवारों को स्वागत समारोह के लिए पर्याप्त सुरक्षा देने का आश्वासन दिया. हालांकि, परिवार ने रिसेप्शन रद्द करने का फैसला किया.”

सुहास बिरहाड़े ने कहा, “सोशल मीडिया के विवाद में बेमतलब शामिल होने के बाद, कोई भी परिवार ये क्यों स्वीकार करेगा कि उन्होंने डर की वजह से रिसेप्शन रद्द कर दिया? मेरा व्यक्तिगत रूप से मानना ​​है कि अगर सुरेश चव्हाणके ने वो ट्वीट नहीं किया होता तो रिसेप्शन पर किसी का भी ध्यान नहीं जाता.”

कुल मिलाकर, भाजपा समर्थक प्रोपगंडा चैनल सुदर्शन न्यूज़ के एडिटर इन चीफ़ सुरेश चव्हाणके ने निजी जानकारी शेयर कर संबंधित ट्विटर पॉलिसी का उल्लंघन किया. हालांकि, अभी तक उनका ट्वीट नहीं हटाया गया है. ऑल्ट न्यूज़ ने कई बार सुरेश चव्हाणके को ग़लत जानकारियां शेयर करते हुए पाया है. उन्होंने कई बार घटनाओं को सांप्रदायिक ऐंगल देकर शेयर किया है.

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About the Author

He joined as an intern in 2019. Until June 2022, his work primarily focused on fact-checking. Now his primary responsibilities include catalysing all aspects of organisational growth — from fundraising to development of new projects at Alt News. He attended the Asian College of Journalism (2015-16) and The Maharaja Sayajirao University of Baroda (2012-2015). In past, he worked at The Hindu and Zee Media's WION.
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