15 जून को लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर भारतीय और चीनी सैनिकों की हिंसक झड़प में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए. हालांकि, पहले उकसाने का आरोप दोनों सेनाओं ने लगाया. इस बीच, मारे गए चीनी सैनिकों की गिनती पर आंकड़ेबाजी तेज़ हो गई. पत्रकारों और मीडिया संस्थानों ने पहले दावा किया कि पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के 5 सैनिक मारे गए हैं और 11 घायल हुए हैं. इसके कुछ समय बाद दावा किया गया कि 43 चीनी सैनिक मारे गए हैं, ये भी एक भ्रामक ख़बर थी.

17 जून को टाइम्स नाउ न्यूज़ चैनल पर एक और आंकड़ा ‘ब्रेकिंग न्यूज़’ बताकर चलाया गया कि “चीन ने लद्दाख में हुई झड़प में अपने 30 सैनिकों के मारे जाने की बात स्वीकार की है.” इस ख़बर के पीछे ग्लोबल टाइम्स नाम के चीनी मीडिया संस्थान का हवाला दिया गया. बाद में यह ट्वीट डिलीट कर दिया गया.

टाइम्स नाउ ने इस दावे पर एक प्रोग्राम भी चलाया जिसमें एंकर राहुल शिवशंकर और नविका कुमार ने मारे गए 30 कथित सैनिकों के नाम बताए. इसे वीडियो में 4:30 मिनट से देखा जा सकता है. हालांकि अंत में नविका कुमार कहती हैं, “ग्लोबल टाइम्स पर जारी की गई लिस्ट फ़ेक फॉरवर्डेड मेसेज हो सकता है.”

30 चीनी सैनिकों के मारे जाने की ख़बर प्रशांत पटेल उमराव ने भी शेयर की जिन्हें सोशल मीडिया पर कई बार गलत जानकारी शेयर करते हुए देखा गया है.

टाइम्स नाउ ने व्हाट्सएप फ़ॉरवर्ड का इस्तेमाल किया

फ़ेसबुक और ट्विटर पर एक दावा खूब वायरल हो रहा है “वेस्टर्न थियेटर कमांड जो भारत और चीन बॉर्डर की बाहर से सुरक्षा करता है, उसने भारतीय कार्रवाई में मारे गए 30 चीनी सैनिकों के नाम की लिस्ट जारी की है.” ये वही नाम थे जो टाइम्स नाउ के एंकर्स ने टीवी पर पढ़े.

The views of the other side.

#China_seek_help_from_india_for_recovering_bodies_of_her_soldiers

30 Brave Chinese…

Posted by Ajay Setia on Wednesday, 17 June 2020

इसे शेयर करने वालों में रिटायर्ड मेजर जनरल जीडी बक्शी का नाम भी शामिल है, जो टाइम्स नाउ पर पैनेलिस्ट के रूप में अक्सर देखे जाते हैं. इस ट्वीट को राज्यसभा सांसद राकेश शर्मा ने रीट्वीट किया है.

rakesh sinha

नीचे ट्विटर पर कई लोगों द्वारा शेयर किया जा रहा पूरा मेसेज दिया गया है.

इस वायरल मेसेज में भी ग्लोबल टाइम्स को सोर्स बताया गया है और chinanews.com वेबसाइट का लिंक शेयर किया गया है. टाइम्स नाउ ने टीवी पर यह प्रोग्राम शाम 6:40 बजे चलाया था, 6:49 बजे ट्वीट किया था. ऑल्ट न्यूज़ को शाम 5:43 बजे व्हाट्सएप पर इसका फ़ैक्ट-चेक करने के लिए रिक्वेस्ट की गई थी.

यह मेसेज टाइम्स नाउ के ट्वीट से पहले ही ट्विटर पर शेयर हो रहा था.

chinanews.com के लिंक में जाने पर वेबसाइट का होमपेज खुला, न कि रिपोर्ट. इससे पहले भी ऑल्ट न्यूज़ ने ऐसे कई वायरल मेसेज का फ़ैक्ट-चेक किया है जिसमें भरोसा दिलाने के लिए कोई लिंक दिया जाता है लेकिन उससे होमपेज खुलता है.

ग्लोबल टाइम्स की वेबसाइट और ट्विटर हैंडल चेक करने पर पता चला कि इस संस्थान ने चीनी सैनिकों की मौत का कोई आंकड़ा नहीं बताया है. ग्लोबल टाइम्स के आख़िरी दो ट्वीट्स (पहला ट्वीट, दूसरा ट्वीट) में सेनाओं के तनाव को लेकर भारत के विदेश मंत्री और उनके चाइनीज समकक्ष के बीच हुई बातचीत बताई गई है. हालांकि “30 मृत चीनी सैनिकों” के नाम वेबसाइट पर कहीं नहीं मिले.

यह आर्टिकल लिखे जाने तक बीजिंग ने मारे गए या घायल हुए सैनिकों का कोई आंकड़ा जारी नहीं किया है. इसे ग्लोबल टाइम्स की एडिटर-इन-चीफ़ हु शिजिन ने 16 जून को ट्वीट किया था.

अभी तक चीन के 43 सैनिकों के मारे जाने की ख़बर ANI ने ‘सूत्रों के हवाले’ से दी है और usnews.com वेबसाइट पर ‘अमेरिकी ख़ुफ़िया सूत्रों’ के हवाले से यह संख्या 35 बताई जा रही है. हालांकि अभी तक न तो किसी विश्वसनीय डिफ़ेंस रिपोर्टर ने इस आंकड़े की पुष्टि की है न दोनों में से किसी देश ने मृत चीनी सैनिकों की गिनती बताई है.

ग़लत
दावा:
30 मृत चीनी सैनिकों के नाम  

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