कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को आतंकियों ने हमला किया जिसमें करीब 26 लोगों की जान चली गई. हमले में बचे हुए लोगों ने बताया कि आतंकियों ने लोगों का धर्म पूछकर गैर-मुस्लिमों की हत्या कर दी.

एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है जिसमें एक व्यक्ति को कई पुलिसकर्मी धक्के देकर गाड़ी में बीठा रहे हैं. इस वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि वह व्यक्ति कश्मीर के स्थानीय मुस्लिम नेता हैं, जिन्हें आतंकियों का साथ देने के लिए पुलिस द्वारा पकड़कर ले जाया जा रहा है.

टाइगर राजा सिंह के पैरोडी अकाउंट ने वीडियो शेयर करते हुए ऐसा ही दावा किया. (आर्काइव लिंक)

भाजपा कार्यकर्ता शौर्य मिश्रा ने भी वीडियो शेयर करते हुए ऐसा ही दावा किया और लिखा कि कश्मीर के कद्दावर नेता को आतंकियों का साथ देने की वजह से पुलिस पकड़ के ले जा रही है. (आर्काइव लिंक)

तनीषा नाम की यूजर ने भी वीडियो इसी दावे के साथ शेयर किया. (आर्काइव लिंक)

फ़ैक्ट-चेक

हमने वायरल वीडियो के फ्रेम्स को रीवर्स इमेज सर्च किया. हमें ये वीडियो जम्मू लिंक्स न्यूज़ के X हैन्डल पर 27 नवंबर 2024 को पोस्ट किया हुआ मिला. पोस्ट के मुताबिक, कटरा शहर से वैष्णो देवी मंदिर तक प्रस्तावित रोपवे लाइन के विरोध प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प के बाद लेबर यूनियन के दो नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया. यानी, ये वीडियो पुराना है और इसका आतंकियों के साथ देने को लेकर हुई किसी प्रकार की गिरफ़्तारी से कोई संबंध नहीं है.

घटना से जुड़े की-वर्ड्स सर्च करने पर हमें दैनिक जागरण द्वारा 27 नवंबर 2024 को पब्लिश्ड एक रिपोर्ट मिली, जिसमें बताया गया है कि माता वैष्णो देवी रोपवे परियोजना के विरोध में हुए विरोध प्रदर्शन में दो प्रतिनिधियों भूपिंदर सिंह और सोहन चंद को पुलिस ने हिरासत में ले लिया.

हमें NH1 News के यूट्यूब चैनल पर 27 नवंबर 2024 को अपलोड किया हुआ एक वीडियो मिला, जिसमें बताया जा रहा है कि जम्मू के कटरा में लेबर यूनियन के लीडर सोहन चंद को पुलिस द्वारा अरेस्ट किया गया है.

कुल मिलाकर, कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने जम्मू में कटरा शहर से वैष्णो देवी मंदिर तक प्रस्तावित रोपवे लाइन के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए लेबर यूनियन के नेता सोहन चंद का पुराना वीडियो शेयर करते हुए झूठा दावा किया कि पुलिस ने मुस्लिम नेता को आतंकियों का साथ देने के लिए गिरफ्तार किया है.

वर्गीकरण करना कठिन
दावा:
कश्मीर के स्थानीय नेता को आतंकियों का साथ देने के लिए पुलिस द्वारा पकड़कर ले जाया जा रहा है.

There is insufficient information to make a definitive determination.

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