सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है, जिसमें अंधेरे में ढोल बजने की आवाज़ के साथ-साथ एक बार ‘पाकिस्तान ज़िंदाबादद’ का नारा सुनाई देता है. इस वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के बरेली में मोहर्रम के जुलूस के दौरान मुस्लिम युवकों ने ‘पाकिस्तान ज़िंदाबाद’ के नारे लगाए.

भारत समाचार ने ये वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि बरेली में मोहर्रम के जुलूस के दौरान ‘पाकिस्तान ज़िंदाबाद’ के नारे लगाए गए. (आर्काइव लिंक)

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की मुखपत्रिका ‘पांचजन्य’ के उप-संपादक शिवम दीक्षित ने भी इसी दावे के साथ इस वीडियो को शेयर किया. (आर्काइव लिंक)

इसके अलावा, हिमांशु पटेल और निर्दोष राठौर जैसे राइट-विंग समर्थकों ने भी इस वीडियो को शेयर करते हुए यह आरोप लगाया है कि बरेली में मोहर्रम के जुलूस के दौरान मुस्लिम युवाओं द्वारा ‘पाकिस्तान ज़िंदाबाद’ की नारेबाज़ी की गई.

This slideshow requires JavaScript.

पुलिस ने बताया सच 

इस मामले पर नवाबगंज के सीओ नीलेश मिश्र ने बयान जारी करते हुए कहा, “दिनांक 21/6/2026 को ग्राम खाईखेड़ा, थाना हाफिजगंज, ज़िला बरेली में मोहर्रम के जुलूस में लगे पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे संबंधी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हुए ट्वीट की जांच में दो व्यक्ति, देवेंद्र पाल शनाब झम्मन सिंह व भुवनेश कुमार शनाब तेजपाल सिंह के द्वारा गलत नीयत से एक बच्चे से उक्त कथन करवाकर शरारत किया जाना प्रकाश में आया है. जिसके क्रम में अभियुक्त को हिरासत में लेकर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है.” बरेली पुलिस ने अपने आधिकारिक हैंडल से इस बयान को शेयर किया है.

स्थानीय लोगों ने इंडिया हेडलाइंस टीवी से बात करते हुए कहा कि उनके गांव का माहौल हमेशा से शांतिपूर्ण रहा है. केवल दो-तीन लोग अपनी गंदी राजनीति के तहत जानबूझकर आपसी सौहार्द और माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं. ‘पाकिस्तान ज़िंदाबाद’ के नारे लगने वाले वायरल वीडियो को उन्होंने एक सोची-समझी साजिश करार देते हुए कहा कि देवेंद्र पाल नाम का व्यक्ति ने खुद एक बच्चे को पास खड़ा करके ये नारे लगवाए और इसका झूठा इल्जाम दूसरों पर मढ़ दिया. स्थानीय लोगों ने मीडिया से बात करते हुए तर्क दिया कि वीडियो में ढोल काफी दूर बज रहे हैं, लेकिन नारे लगाने की आवाज़ फोन के बिल्कुल मोबाइल के करीब से आ रही है जिससे यह रिकॉर्ड किया गया है, और एक ही व्यक्ति नारे लगा रहा है और उसका जवाब भी दे रहा है. लोगों ने यह भी बताया कि उक्त व्यक्ति द्वारा पहले भी क्षेत्र में स्थित एक इमामबाड़े के पास ढोल बजाते समय बच्चों को डराया-धमकाया जाता रहा है.

कुल मिलाकर, पुलिस जांच में ये स्पष्ट हुआ कि बरेली में मोहर्रम के जुलूस में मुस्लिम युवकों द्वारा ‘पाकिस्तान ज़िंदाबाद’ के नारे लगाने का दावा पूरी तरह से भ्रामक है. असामाजिक तत्वों द्वारा दो समुदायों के बीच तनाव पैदा करने के उद्देश्य से एक बच्चे का इस्तेमाल करके यह झूठा वीडियो तैयार किया गया था. पुलिस ने ऐसा करने वाले आरोपी देवेन्द्र पाल और भुवनेश कुमार को गिरफ़्तार कर लिया है.

ग़लत
दावा:
बरेली में मोहर्रम के जुलूस के दौरान मुस्लिम युवकों ने 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगाए

यह सामग्री तथ्यात्मक रूप से गलत या गढ़ी हुई है.

हमारी कार्यप्रणाली पढ़ें