सोशल मीडिया पर एक विचलित करने वाला वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें कई पुलिसकर्मी एक व्यक्ति पर लाठीचार्ज करते दिख रहे हैं. वीडियो में देखा जा सकता है कि वह व्यक्ति पुलिसकर्मियों से बचकर भागने का प्रयास कर रहा है लेकिन वे उसे पकड़कर पीट रहे हैं.

वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा गया है, “बहरामपुरा के परीक्षितलाल नगर का रहने वाला मस्तान मकसूद, जिसे पुलिस ने बर्बरतापूर्वक लाठियों से पीटा. हमें ऐसा नहीं होने देना चाहिए, ये बेगुनाह मकसूद को निर्दयता से मारने का कृत्य है. सरकार को पुलिस के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए. मकसूद को कैसे पता होगा कि देश के क्या हालात हैं? गरीब को कैसे पता चलेगा कि कोरोना क्या है?”

બહેરામ પુરા ના પરીક્ષિત લાલ નગર માં રહેતા મસ્તાન મકસુત ને પોલીસ દ્વારા બેહરેમિ થી લાઠી ચાર્જ કરતા એને ગંભીર ઇજા પહોંચી છે, મગજ થી સમજી ના શકતો આ બેકસૂર મકસુત ને આવી બેહરમી થી મારે એ બિલકુલ ચલાવી ના લેવાયે, આ બધી પોલીસ પર સરકારે કડક પગલાં લેવા જોઈએ. મકસુત ને સુ ખબર કે દેશ માં સુ ચાલી રહ્યું છે. કોરોના સુ છે એ બિચારો સુ સમજે

इस मेसेज के जरिये बताने की कोशिश की गई है कि मार खाने वाला शख्स गूंगा और बहरा है. कैप्शन के मुताबिक यह घटना अहमदाबाद के बहरामपुरा इलाके की है जहां कोरोना वायरस के कई पॉजिटिव मामले सामने आने के बाद 21 अप्रैल तक पूरी तरह से कर्फ्यू लगा दिया गया है.

वीडियो कुछ और लोगों द्वारा भी फ़ेसबुक पर शेयर किया गया है.

इसे व्हाट्सएप्प पर भी शेयर किया जा रहा है.

फ़ैक्ट-चेक

ऑल्ट न्यूज़ ने गूगल पर कीवर्ड सर्च किया जिससे पता चला कि यही वीडियो घटना के साथ ‘मुम्बई मिरर’ ने 3अप्रैल को शेयर किया है. यह वीडियो दिखाता है कि मुम्बई के वसाई कोलीवाड़ा की गलियों में पुलिस लोगों को दौड़ा दौड़ा कर मार रही है. यानी यह वीडियो बहरामपुरा में लगे कर्फ्यू का नहीं है.

न्युज़ वेबसाइट पर बताया गया है कि, “वसाई पुलिस ने कोरोना वायरस के संदिग्ध संक्रमित की जांच के लिए आये सरकारी अधिकारियों और पुलिस की टीम पर हमला करने के आरोप में 9 लोगों पर मामला दर्ज किया है.”

वसाई कोलीवाड़ा में अज़हर खान के घर 2 अप्रैल को लॉकडाउन के बावजूद महाराष्ट्र के मुम्ब्रा से कुछ मेहमान आए थे. वसाई पुलिस को शक हुआ कि 8-9 लोगों का यह समूह कोरोना वायरस से संक्रमित हो सकता है क्योंकि पुलिस को मिली सूचना के मुताबिक इन लोगों ने दिल्ली के तबलीगी जमात के कार्यक्रम में हिस्सा लिया था. पुलिस कोई जोखिम नहीं लेना चाहती थी.

स्थानीय पुलिस की एक टीम और कुछ प्रशासनिक अधिकारी उन मेहमानों की जांच करने अज़हर खान के घर गए. जांच के दौरान उनमें से किसी में भी वायरस के लक्षण नहीं पाए गए. खबर के मुताबिक जब पुलिस बाकी अधिकारियों की टीम के साथ वापस लौट रही थी तो अज़हर खान और उनके मेहमानों ने पटाखे जलाने शुरू कर दिए. पुलिसकर्मी उनके पास वापस गए और इस तरह की हरकतें न करने को कहा जो सोशल डिस्टेंसिंग को खराब कर रही हों. एसपी गौरव सिंह ने मुम्बई मिरर को जो बयान दिया उसके मुताबिक खान और उनके मेहमानों ने पुलिसकर्मियों को धक्का देकर उस जगह से निकल जाने को कहा. थोड़ी देर बाद इन लोगों का समूह हिंसक हो उठा. पुलिस ने लोगों को तितर- बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया, जिसका वीडियो स्थानीय लोगों ने बना लिया.

अज़हर खान और उनके 8 मेहमानों पर आईपीसी की धारा 188, 153, 289 के तहत और डिज़ास्टर मैनेजमेंट एक्ट 2005 के तहत मामला दर्ज किया गया है. एसपी गौरव सिंह ने बताया कि खान का आपराधिक रिकॉर्ड भी है.

निष्कर्ष के तौर पर हमने पाया कि मुम्बई के वसाई कोलीवाड़ा का वीडियो अहमदाबाद के बहरामपुरा का बताकर शेयर किया गया और कहा गया कि पुलिस ने एक गूंगे-बहरे शख्स पर लाठीचार्ज किया. यह वीडियो सोशल मीडिया पर ऐसे समय में वायरल हो रहा है जब अहमदाबाद के बहरामपुरा में कर्फ्यू लगा हुआ है.

ग़लत
दावा:
अहमदाबाद के बहरामपुरा में पुलिस ने एक गूंगे-बहरे शख्स पर लाठीचार्ज किया

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