24 फ़रवरी को रूस ने यूक्रेन पर हमला कर दिया. इस हमले से जोड़कर एक वीडियो क्लिप ट्विटर पर शेयर की जा रही है. और दावा किया जा रहा है कि ये यूक्रेन के मारियुपोल के तटीय क्षेत्र में विस्फोट का वीडियो है.

जल्द ही ये वीडियो अलग-अलग भारतीय मीडिया आउटलेट्स ने यूक्रेन में हुई “बमबारी” का बताकर शेयर किया. इसे शेयर करने वालों में द टाइम्स ऑफ़ इंडिया, ब्रूट इंडिया और मोजो स्टोरी शामिल हैं.

ब्रूट इंडिया ने इंस्टाग्राम पर ये वीडियो पोस्ट किया जिसे आर्टिकल लिखे जाने तक 1.4 लाख से ज़्यादा लाइक्स मिले.

मोजो स्टोरी ने ट्विटर को क्रेडिट देते हुए यूट्यूब शॉर्ट के रूप में ये वीडियो शेयर किया.

इस वीडियो को मल्टीमीडिया पत्रकार अहमर खान ने भी कोट-ट्वीट किया. अहमर खान को एमी में नॉमिनेट किया गया था.

फ़ैक्ट-चेक

पत्रकार अहमर खान के ट्वीट पर एक यूज़र ने जवाब देते हुए बताया कि ये वीडियो दो दिन पुराना है. और ये एक ट्रांसफ़ॉर्मर पर बिजली गिरने का दृश्य है.

वीडियो को ध्यान से देखने पर ऑल्ट न्यूज़ ने नोटिस किया कि बिजली चमकने के बाद बादल गरजने की आवाज़ सुनाई दे रही है.

एक और ट्विटर यूज़र ने अहमर खान के ट्वीट पर जवाब करते हुए इसे ‘फर्ज़ी खबर’ बताया. यूज़र ने दावा किया कि ये वीडियो 29 जनवरी का है. साथ ही उसने एक टिकटॉक वीडियो का लिंक भी शेयर किया. हमने TOR ब्राउज़र का इस्तेमाल कर टिकटॉक वीडियो देखा. सोर्स कोड को चेक करने पर हमें मालूम हुआ कि ये वीडियो 29 जनवरी का है. यानी, ये वीडियो यूक्रेन पर हुए हमले का नहीं है.

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एक और बात पर ध्यान दें कि मारियुपोल का वर्तमान औसत तापमान 0 डिग्री सेल्सियस या उससे कम रहा है. लेकिन जब इस वीडियो में बिजली चमकती है तो पेड़ हरे दिखाई देते हैं. वेदर एटलस के अनुसार, जनवरी में सबसे अधिक बर्फबारी होती है. लेकिन वीडियो में ऐसा कुछ दिखाई नहीं दे रहा है.

वीडियो कहां का है ये पता नहीं चल सका है. लेकिन ये वीडियो रूस-यूक्रेन युद्ध से संबंधित नहीं है. क्योंकि ये एक महीने पहले इंटरनेट पर शेयर किया गया था.

ग़लत
दावा:
रूस द्वारा यूक्रेन पर किये गए हवाई हमले का वीडियो देखें

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