सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है जिसमें कुछ लोग सड़क पर लड़ रहे हैं और एक लड़की इस घटना का वीडियो बना रही है. बाद में वहां मौजूद लड़के ईंटें फेंकना शुरू कर देते हैं जिसमें से एक ईंट वीडियो बना रही लड़की को लग जाती है और उसका मोबाइल नीचे गिर जाता है. वहां मौजूद कुछ लोगों ने जालीदार टोपी पहन रखी है जिसमें से एक ऐसी ही टोपी पहने लड़का भी लड़ाई में शामिल है. इसे शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि महाराष्ट्र के पुणे में पाकिस्तान के खिलाफ बोलने पर एक हिंदू परिवार पर मुसलमानों ने हमला कर दिया.

‘Oxomiya Jiyori’ नामक यूजर ने ये वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि पुणे में एक हिंदू परिवार पर सिर्फ इसलिए हमला किया गया क्योंकि उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ आवाज उठाई थी. (आर्काइव लिंक)

‘Cyber Huntss’ नाम के यूज़र ने भी ये वीडियो इसी दावे के साथ शेयर किया. (आर्काइव लिंक)

ऑल्ट न्यूज़ के व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर पर भी इस वीडियो की असलियत जानने के लिए कई रीक्वेस्ट आयी हैं.

फ़ैक्ट-चेक

वायरल वीडियो के फ़्रेम्स को गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च करने पर ऑल्ट न्यूज़ को मुंबई के पत्रकार सौरभ कोराटकर का 29 अप्रैल के एक ट्वीट पोस्ट मिला. पोस्ट में ये वीडियो शेयर करते हुए सौरभ ने मराठी में लिखा कि पुणे के भवानी पेठ में कार का हॉर्न बजाने की मामूली वजह पर झगड़ा हुआ.

सौरभ के ट्वीट से मिली जानकारी से हमने गूगल पर की-वर्ड्स सर्च किया. हमें लोकमत टाइम्स का 29 अप्रैल का एक आर्टिकल मिला. इस रिपोर्ट में वायरल वीडियो भी मौजूद है. खबर के मुताबिक, 27 अप्रैल को पुणे के भवानी पेठ इलाके में गाड़ी का हॉर्न बजाने को लेकर विवाद हुआ जिसमें संकरी गली से गुजरते समय हर्ष केशवानी ने हॉर्न बजाया, तब शोएब उमर सैय्यद अपना ऑटो-रिक्शा सड़क पर लगाकर सामान उतार रहा था. हॉर्न बजाने से नाराज शोएब ने हर्ष को गाली दी और उसके साथ मारपीट की. और उसके कपड़े भी फाड़ दिए. बाद में हर्ष अपनी बहन निकिता और दादा भरत केशवानी के साथ घटनास्थल पर वापस आए तो शोएब और उसके साथियों ने तीनों पर फिर से हमला कर दिया. इस दौरान हर्ष और निकिता पर पत्थर से वार किया गया और उन्हें चोटें आईं. पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा कर आरोपी शोएब सैय्यद को हिरासत में लिया और उसके पांच से छह अज्ञात साथियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया. इस रिपोर्ट में कहीं भी पाकिस्तान के खिलाफ बोलने की वजह से हमला किये जाने की बात नहीं की गई है.

पीड़ित हर्ष केशवानी के भाई करण केशवानी ने फ्री प्रेस जर्नल से बात करते हुए बताया कि मेरा छोटा भाई गुरुनानक नगर स्थित अपने घर आ रहा था. सड़क के दोनों तरफ गाड़ियां खड़ी थीं, इसी दौरान आरोपी शोएब ने अपना ऑटो रिक्शा सड़क पर लगाकर कुछ सामान उतार रहा था. ट्रैफिक जाम होने की वजह से हर्ष ने हॉर्न बजाकर उसे रास्ता अनब्लॉक करने को कहा जिसके बाद ट्रैफिक जाम में फंसी दूसरी गाड़ियां भी आगे बढ़ने के लिए हॉर्न बजाने लगीं. इस कारण आरोपी शोएब नाराज हो गया और हर्ष से बहस करने लगा और उस पर हमला कर दिया. पीड़ित हर्ष केशवानी के भाई करण केशवानी ने कहीं भी उनके परिवार द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ बोलने की वजह से हमला होने की बात नहीं की है.

कुल मिलाकर, कई यूज़र्स ने रोड रेज के मामले का वीडियो शेयर करते हुए झूठा दावा किया कि महाराष्ट्र के पुणे में मुसलमानों ने पाकिस्तान के खिलाफ बोलने पर एक हिंदू परिवार पर हमला किया. जबकि ये एक रोड रेज का मामला है.

ग़लत
दावा:
पुणे में मुसलमानों ने पाकिस्तान के खिलाफ बोलने पर एक हिंदू परिवार पर हमला किया

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